हांगकांग पहली बार एपेक वित्त बैठक की मेजबानी, रेनमिन्बी हब पर जोर
हांगकांग पहली बार एपेक वित्त मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है। बैठक से ऑफशोर रेनमिन्बी हब और वित्तीय केंद्र के रूप में भूमिका मजबूत करने पर जोर है।
हांगकांग एपेक वित्त मंत्रियों की बैठक की मेजबानी क्यों कर रहा है? एक और एजेंडा भी है
हांगकांग मंगलवार को एपेक वित्त मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है। इसमें 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के वित्त प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों समेत करीब 500 मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है।
यह सालाना बैठक 20 और 21 अक्टूबर को वान चाई स्थित हांगकांग कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में होगी। हांगकांग पहली बार इस बैठक की मेजबानी कर रहा है।
हांगकांग की वित्तीय भूमिका को बढ़ावा देने की कोशिश
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कार्यक्रम हांगकांग को ऑफशोर रेनमिन्बी हब के तौर पर मजबूत करने की बीजिंग की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। रेनमिन्बी चीन की करेंसी है। ऑफशोर सेंटर के तौर पर हांगकांग की भूमिका इस बैठक से जुड़े महत्व का एक अहम हिस्सा है।
विश्लेषकों ने कहा है कि बीजिंग का हांगकांग को इस बैठक की मेजबानी देने का फैसला शहर की ऑफशोर रेनमिन्बी हब के तौर पर स्थिति को मजबूत करने के लिए सोच-समझकर उठाया गया कदम है। उन्होंने यह भी कहा है कि इस बैठक का मकसद जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच हांगकांग को एक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर दुनिया के सामने पेश करना है।
यह बैठक शहर के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के तौर पर अपनी जगह बनाए रखने के लिए एक अहम मोड़ पर हो रही है। इसलिए इसका महत्व सिर्फ एपेक की सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के वित्त प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी तक सीमित नहीं है। इस कार्यक्रम को हांगकांग की अंतरराष्ट्रीय भूमिका के बड़े संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
बीजिंग क्या संकेत देना चाहता है
अर्ध-सरकारी चीनी एसोसिएशन ऑफ हांगकांग एंड मकाऊ स्टडीज थिंक टैंक के सलाहकार लाउ सिउ-काई ने कहा कि बैठक के लिए हांगकांग को चुनने से साफ है कि बीजिंग जानबूझकर हांगकांग की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को बढ़ावा देना चाहता था। खास तौर पर एक वित्तीय केंद्र के रूप में हांगकांग की स्थिति को मजबूत करना उसका मकसद था।
लाउ ने कहा कि इस कार्यक्रम से हांगकांग की ऑफशोर रेनमिन्बी हब और वेल्थ मैनेजमेंट कैपिटल के तौर पर पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे शहर के आर्थिक विकास को समर्थन मिलेगा और चीन के विकास में हांगकांग की अहमियत को रेखांकित किया जा सकेगा।
इस तरह, बैठक की मेजबानी का फैसला हांगकांग की वित्तीय महत्वाकांक्षाओं को बीजिंग की उस बड़ी कोशिश के साथ जोड़ता है, जिसके तहत शहर को वैश्विक मंच पर पेश किया जा रहा है। हांगकांग के लिए यह बैठक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र की अपनी छवि को और मजबूत करने का एक मौका है। वहीं, बीजिंग के लिए यह लगातार जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच हांगकांग की अहमियत को सामने रखने का एक मंच है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हांगकांग एपेक वित्त मंत्रियों की बैठक की मेजबानी क्यों कर रहा है?
इस बैठक के जरिए हांगकांग को ऑफशोर रेनमिन्बी हब और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के तौर पर मजबूत करने की कोशिश है।
यह बैठक कब और कहां होगी?
बैठक 20 और 21 अक्टूबर को वान चाई स्थित हांगकांग कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में होगी।
क्या हांगकांग पहली बार इस बैठक की मेजबानी कर रहा है?
हां, हांगकांग पहली बार एपेक वित्त मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है।
बैठक में कितने मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है?
बैठक में 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के वित्त प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों समेत करीब 500 मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है।
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