संजीव सोनी की डॉक्यूमेंट्री ‘रणसिंघा’ को उज्जैन फिल्म फेस्टिवल में मिला प्रथम पुरस्कार
हिमाचल प्रदेश के कलाकारों के हाथ बड़ी उपलब्धि लगी है। उज्जैनी शॉर्ट फ़िल्म फेस्टिवल 2026 में बिलासपुर जिला के घुमारवीं से संबंध रखने वाले संजीव सोनी द्वारा निर्मित शॉर्ट डाक्यूमेंट्री फ़िल्म
हिमाचल प्रदेश के कलाकारों के हाथ बड़ी उपलब्धि लगी है। उज्जैनी शॉर्ट फ़िल्म फेस्टिवल 2026 में बिलासपुर जिला के घुमारवीं से संबंध रखने वाले संजीव सोनी द्वारा निर्मित शॉर्ट डाक्यूमेंट्री फ़िल्म ‘रणसिंघा’ को प्रथम पुरस्कार मिला है। 232 भारतीय और आठ शार्ट फ़िल्मों की नॉन फिक्शन श्रेणी में ‘रणसिंघा’ को प्रथम स्थान मिला।
इस उपलब्धि को हिमाचल प्रदेश के फ़िल्म निर्माताओं, छायाकारों, कला और संस्कृति प्रेमियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुरस्कार मिलने के बाद ‘रणसिंघा’ की निर्माता टीम ने घुमारवीं में प्रेसवार्ता की और फ़िल्म फेस्टिवल में मिली इस मान्यता की जानकारी दी।
प्रेसवार्ता के दौरान शॉर्ट फ़िल्म के निर्माता संजीव सोनी ने बताया कि महाकाल उज्जैन में यूएसएफ सीज़न-4 के दौरान ‘रणसिंघा’ को बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि ज्यूरी द्वारा इस फ़िल्म को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस फ़िल्म फेस्टिवल में कामाख्या नारायण सिंह, भाषा सुंबली, जे. नन्द कुमार तथा राजेश तैलंग जैसे दिग्गज कलाकार शामिल थे। ‘रणसिंघा’ को इन कलाकारों की मौजूदगी वाले फ़िल्म फेस्टिवल में ज्यूरी से प्रथम पुरस्कार मिलना टीम के लिए खास उपलब्धि है।
प्रेसवार्ता में ‘रणसिंघा’ शॉर्ट फ़िल्म की टीम में शामिल संगीतज्ञ प्रोफेसर सुरेश शर्मा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह प्रदेश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।
प्रोफेसर सुरेश शर्मा ने हिमाचल सरकार से प्रदेश में लघु फ़िल्म उद्योग स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगीतकारों, छायाकारों, अभिनेताओं, गायकों, वाद्य वादकों, निर्देशकों तथा फ़िल्म निर्माताओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश में लघु फ़िल्म उद्योग स्थापित करने की बहुत आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधन मौजूद होने के बावजूद प्रतिभाशाली युवा कलाकार चण्डीगढ़, नोएडा, मुम्बई, पूना तथा बैंगलूरू में संघर्ष कर रहे हैं। प्रोफेसर सुरेश शर्मा के मुताबिक, प्रदेश में अपनी फ़िल्म इंडस्ट्री होने से रोज़गार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा भी निखरेगी।
‘रणसिंघा’ को मिला यह प्रथम पुरस्कार हिमाचल के फ़िल्म निर्माताओं और कलाकारों के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर सामने आया है।(412 शब्द)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
‘रणसिंघा’ डॉक्यूमेंट्री को कौन सा पुरस्कार मिला?
‘रणसिंघा’ को उज्जैनी शॉर्ट फ़िल्म फेस्टिवल 2026 में नॉन फिक्शन श्रेणी का प्रथम पुरस्कार मिला।
‘रणसिंघा’ के निर्माता कौन हैं?
‘रणसिंघा’ के निर्माता बिलासपुर जिले के घुमारवीं से जुड़े संजीव सोनी हैं।
‘रणसिंघा’ को कहां बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया?
‘रणसिंघा’ को महाकाल उज्जैन में USF सीज़न-4 के दौरान बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया।
प्रोफेसर सुरेश शर्मा ने हिमाचल सरकार से क्या अपील की?
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में लघु फ़िल्म उद्योग शुरू करने की अपील की, ताकि कलाकारों को प्रोत्साहन और युवाओं को रोजगार मिल सके।
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