कांग्रेस सरकार पर पीडीएनए फंड में फर्जी टेंडर का आरोप, जांच की मांग
बिलासपुर सदर से विधायक और भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जम्वाल ने हिमाचल प्रदेश में आपदा पुनर्निर्माण के लिए मिले PDNA फंड के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बिलासपुर सदर से विधायक और भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जम्वाल ने हिमाचल प्रदेश में आपदा पुनर्निर्माण के लिए मिले PDNA फंड के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि PDNA फंड में फर्जी टेंडर बनाए जाने और कागजों पर काम दिखाकर भुगतान करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। त्रिलोक जम्वाल ने मांग की कि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और PDNA फंड पर विधानसभा क्षेत्रवार श्वेतपत्र जारी किया जाए।
त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि कुछ जगहों पर भूस्खलन हुआ ही नहीं, लेकिन कागजों में स्लिप दिखाकर टेंडर बनाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पर्याप्त काम किए बिना ही बिलों का भुगतान करने की शिकायतें सामने आई हैं। विधायक ने कहा कि यह जनता के पैसे से जुड़ा गंभीर मामला है। ऐसे मामलों की जांच जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को आपदा पुनर्निर्माण के लिए मिली राशि का एक-एक रुपये का हिसाब देना चाहिए। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार ने 18 जून 2025 को वर्ष 2023 की आपदा के बाद हिमाचल प्रदेश के लिए ₹2,006.40 करोड़ की पुनर्निर्माण योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना में केंद्रीय हिस्सा ₹1,504.80 करोड़ था।
त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि पहली केंद्रीय किस्त के तौर पर ₹451.44 करोड़ जारी किए गए। उन्होंने कहा कि 13 जनवरी 2026 के सरकारी आदेश के अनुसार दूसरी किस्त में अलग-अलग विभागों के लिए ₹753.29 करोड़ मंजूर किए गए। इसमें ₹564.97 करोड़ केंद्रीय हिस्सा और ₹188.32 करोड़ राज्य हिस्सा था।
उन्होंने कहा कि अकेले लोक निर्माण विभाग यानी PWD को ₹487.80 करोड़ मंजूर किए गए। जल शक्ति विभाग के लिए ₹176.48 करोड़, कृषि विभाग के लिए ₹29.13 करोड़ और बिजली बोर्ड के लिए ₹18.22 करोड़ स्वीकृत किए गए। त्रिलोक जम्वाल ने सवाल उठाया कि जब सड़कों और पुलों के पुनर्निर्माण के लिए इतनी बड़ी राशि मंजूर हुई, तो आज भी कई सड़कें बदहाल क्यों हैं।
विधायक ने कहा कि जनता गड्ढों, टूटी सड़कों और बाधित यातायात से परेशान है। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र की ₹2,006 करोड़ की पुनर्निर्माण योजना और अलग-अलग विभागों को मंजूर राशि आखिर कहां खर्च हुई। उन्होंने कहा कि अगस्त 2026 में 259 सड़कें अवरुद्ध होने की खबरें सामने आई थीं।
त्रिलोक जम्वाल ने यह भी कहा कि सितंबर में ठियोग और किन्नौर के पूह क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर यातायात बाधित हुआ। उन्होंने सड़कों की स्थिति और पुनर्निर्माण के लिए मंजूर धनराशि के इस्तेमाल को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
विधायक ने सरकारी आदेश का हवाला देते हुए कहा कि PDNA का पैसा केवल वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त और स्वीकृत परिसंपत्तियों पर ही खर्च किया जा सकता है। आदेश में यह भी साफ है कि नियमों से बाहर किए गए खर्च की व्यक्तिगत जिम्मेदारी संबंधित स्वीकृति अधिकारियों की होगी।
त्रिलोक जम्वाल ने सरकार से पूछा कि क्या प्रत्येक टेंडर जारी करने से पहले वास्तविक नुकसान का सत्यापन किया गया था। उन्होंने कहा कि अगर किसी जगह भूस्खलन या नुकसान हुआ ही नहीं था, तो वहां काम के टेंडर और भुगतान किस आधार पर किए गए।
उन्होंने बताया कि सरकारी आदेश में मार्च 2026 तक धनराशि का इस्तेमाल करने और उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। विधायक ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अब तक कितने काम पूरे हुए, कितने बिल पास किए गए और कितने कामों की जांच हुई।
त्रिलोक जम्वाल ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की शिकायतों को सरकार नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने मांग की कि सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में मंजूर राशि, टेंडर, ठेकेदारों और भुगतान का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने कहा, “आपदा पीड़ितों के पुनर्निर्माण का पैसा किसी के राजनीतिक संरक्षण या निजी लाभ का साधन नहीं बन सकता। जहां अनियमितता के प्रमाण मिलें, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई हो।”
विधायक ने सभी संदिग्ध कार्यों का विशेष ऑडिट कराने और उनका भौतिक सत्यापन करने की मांग की। उन्होंने PDNA फंड के इस्तेमाल पर विधानसभा क्षेत्रवार श्वेतपत्र जारी करने की भी मांग रखी, ताकि स्वीकृत राशि, टेंडर प्रक्रिया, ठेकेदारों और किए गए भुगतान की जानकारी सामने आ सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
त्रिलोक जम्वाल ने कांग्रेस सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि PDNA फंड में फर्जी टेंडर बनाए गए और कागजों पर काम दिखाकर भुगतान किया गया।
PDNA फंड को लेकर त्रिलोक जम्वाल ने क्या मांग की?
उन्होंने शिकायतों की निष्पक्ष जांच और विधानसभा क्षेत्रवार श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
हिमाचल प्रदेश के लिए पुनर्निर्माण योजना में कितनी राशि मंजूर हुई थी?
केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 की आपदा के बाद हिमाचल प्रदेश के लिए ₹2,006.40 करोड़ की पुनर्निर्माण योजना मंजूर की थी।
PDNA का पैसा किन कामों पर खर्च किया जा सकता है?
सरकारी आदेश के अनुसार PDNA का पैसा केवल वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त और स्वीकृत परिसंपत्तियों पर खर्च किया जा सकता है।
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