गोलीकांड के बाद देव हॉस्पिटल के दस्तावेजों की जांच शुरू
शामली के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र में सिसौली अड्डे के पास स्थित देव हॉस्पिटल के बाहर हुए गोलीकांड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी है।
शामली के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र में सिसौली अड्डे के पास स्थित देव हॉस्पिटल के बाहर हुए गोलीकांड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब स्वास्थ्य विभाग यह पड़ताल कर रहा है कि अस्पताल का संचालन तय नियमों और मानकों के मुताबिक हो रहा था या नहीं।
पुलिस ने इस मामले में हॉस्पिटल मालिक के बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम देव हॉस्पिटल पहुंची और अस्पताल से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की जांच शुरू की। टीम ने अस्पताल के पंजीकरण, संचालन की अनुमति और दूसरे जरूरी कागजात मांगे।
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी दीपक चौधरी के नेतृत्व में टीम ने देव हॉस्पिटल का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जुटाई। इसके साथ ही यह भी देखा गया कि अस्पताल में तय मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
टीम ने अस्पताल संचालन से संबंधित पंजीकरण प्रमाणपत्र, अनुमति समेत अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की। दस्तावेजों के साथ-साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग अब यह देख रहा है कि अस्पताल को चलाने के लिए जरूरी सभी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या नहीं।
बताया गया कि तीन दिन पहले इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज और अस्पताल प्रबंधन के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद अस्पताल मालिक की ओर से मरीजों पर फायरिंग की गई। फायरिंग की घटना के बाद अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष आदर्श मंडी थाने पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हॉस्पिटल मालिक के बेटे को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के संचालन से जुड़े नियमों की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान अस्पताल के जरूरी दस्तावेज और निर्धारित मानक पूरे पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अगर दस्तावेज अधूरे मिले या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर अनियमितता मिलने की स्थिति में अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम देव हॉस्पिटल के दस्तावेजों और अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि अस्पताल का संचालन निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप हो रहा था या नहीं। दस्तावेजों की जांच के आधार पर ही अस्पताल के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
देव हॉस्पिटल के दस्तावेजों की जांच क्यों शुरू की गई?
गोलीकांड के बाद स्वास्थ्य विभाग यह जांच कर रहा है कि अस्पताल तय नियमों और मानकों के मुताबिक चल रहा था या नहीं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में क्या-क्या जांचा?
टीम ने अस्पताल का पंजीकरण, संचालन की अनुमति, जरूरी कागजात और वहां की व्यवस्थाओं की जांच की।
गोलीकांड के मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हॉस्पिटल मालिक के बेटे को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया।
दस्तावेज अधूरे मिलने पर अस्पताल के खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?
नियमों का उल्लंघन मिलने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और गंभीर अनियमितता होने पर अस्पताल को सील भी किया जा सकता है।
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