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आरबीआई की मंजूरी के बाद अनूप बागची बने एचडीएफसी बैंक के नए एमडी-सीईओ

मैं दी गई स्टॉक-वॉच सामग्री को एचडीएफसी बैंक पर केंद्रित रिपोर्ट में बदलूंगा। हर तथ्यात्मक वाक्य को उसके संबंधित स्रोत हिस्से से जोड़कर रखा जाएगा और वहां कही गई जानकारी के अलावा कोई भी बात शामिल नहीं

आरबीआई की मंजूरी के बाद अनूप बागची बने एचडीएफसी बैंक के नए एमडी-सीईओ
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मैं दी गई स्टॉक-वॉच सामग्री को एचडीएफसी बैंक पर केंद्रित रिपोर्ट में बदलूंगा। हर तथ्यात्मक वाक्य को उसके संबंधित स्रोत हिस्से से जोड़कर रखा जाएगा और वहां कही गई जानकारी के अलावा कोई भी बात शामिल नहीं की जाएगी।

एचडीएफसी बैंक में नेतृत्व परिवर्तन शेयर बाजार में नजर रखने वाली प्रमुख खबर

भारतीय रिजर्व बैंक से तीन साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी मिलने के बाद एचडीएफसी बैंक ने अनूप बागची को अपना नया मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया है।

इस नियुक्ति के साथ भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक के शीर्ष पद पर बाहर से आए उम्मीदवार की नियुक्ति हुई है। इससे बैंक के नेतृत्व में बदलाव को लेकर कई महीनों से बनी अनिश्चितता भी खत्म हो गई है।

एचडीएफसी बैंक शेयर बाजार में आगे भी चर्चा में रहने की उम्मीद है, क्योंकि कई बैंक और वित्तीय कंपनियां 30 सितंबर, 2026 को खत्म हुई तिमाही के कारोबारी अपडेट जारी कर रही हैं।

5 अक्टूबर के लिए जारी स्टॉक-वॉच सूची में एचडीएफसी बैंक के साथ यस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बजाज फाइनेंस को भी शामिल किया गया है।

शेयर बाजार की एक अन्य राउंडअप सूची में भी एचडीएफसी बैंक उन कंपनियों में शामिल है, जिन पर सोमवार को नजर रहने की उम्मीद है। इस सूची में इन्फोसिस, यस बैंक, हिंदुस्तान जिंक, भारत कोकिंग कोल, आरवीएनएल, पंजाब नेशनल बैंक, डीएलएफ और इंडियन बैंक भी शामिल हैं।

अनूप बागची की नियुक्ति से नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता खत्म

भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी के बाद अनूप बागची के लिए एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में तीन साल का कार्यकाल संभालने का रास्ता साफ हो गया है।

स्टॉक-वॉच कवरेज में यह नियुक्ति महत्वपूर्ण है, क्योंकि नेतृत्व परिवर्तन की जानकारी देने वाली रिपोर्ट के मुताबिक एचडीएफसी बैंक भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक है।

उसी रिपोर्ट में बागची को शीर्ष पद के लिए बाहर से आए उम्मीदवार के तौर पर बताया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उनकी नियुक्ति से बैंक के नेतृत्व में बदलाव को लेकर कई महीनों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो गई है।

यह बदलाव एचडीएफसी बैंक के नेतृत्व से जुड़े अपडेट को आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस में हुए एक अलग नेतृत्व परिवर्तन से जोड़ता है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने सिद्धार्थ मिश्रा को पांच साल के कार्यकाल के लिए अपना अगला मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया है।

इंश्योरेंस कंपनी के मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अनूप बागची अब एचडीएफसी बैंक जा रहे हैं।

इस वजह से दोनों नियुक्तियां स्टॉक-वॉच कवरेज में एक साथ दिखाई देती हैं, क्योंकि बागची का जाना दोनों संस्थानों के वरिष्ठ नेतृत्व को प्रभावित करता है।

एचडीएफसी बैंक के बारे में उपलब्ध अपडेट नेतृत्व की नियुक्ति और तीन साल के कार्यकाल के लिए मिली आरबीआई की मंजूरी से जुड़ा है।

जिन स्टॉक-वॉच रिपोर्टों में इस नियुक्ति की जानकारी दी गई है, उनमें एचडीएफसी बैंक के कारोबारी प्रदर्शन का अलग आंकड़ा नहीं दिया गया है।

दूसरी तिमाही के अपडेट के साथ एचडीएफसी बैंक पर नजर

यह नेतृत्व बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब बैंक और वित्तीय कंपनियां 30 सितंबर, 2026 को खत्म हुई तिमाही के कारोबारी अपडेट जारी कर रही हैं। रिपोर्ट में इसे वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही बताया गया है।

एचडीएफसी बैंक, यस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बजाज फाइनेंस उन वित्तीय कंपनियों में शामिल हैं, जिन पर नजर रखी जा रही है।

स्टॉक-वॉच कवरेज में कई अन्य बैंकों के दूसरी तिमाही के कारोबारी आंकड़े भी शामिल हैं।

यूको बैंक ने दूसरी तिमाही में अपने कुल कारोबार में साल-दर-साल 18.84% बढ़ोतरी दर्ज की। कुल कारोबार बढ़कर ₹6.37 लाख करोड़ हो गया।

बैंक का कुल एडवांस यानी दिया गया कुल कर्ज साल-दर-साल 24.68% बढ़कर ₹2.88 लाख करोड़ हो गया।

तिमाही के दौरान बैंक की कुल जमा राशि साल-दर-साल 14.05% बढ़कर ₹3.49 लाख करोड़ हो गई।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने 30 सितंबर, 2026 तक अपने ग्लोबल बिजनेस में साल-दर-साल 17.45% बढ़ोतरी दर्ज की। ग्लोबल बिजनेस बढ़कर ₹32.64 लाख करोड़ हो गया।

आईडीबीआई बैंक ने दूसरी तिमाही के दौरान कुल कारोबार में साल-दर-साल 18% बढ़ोतरी दर्ज की। कुल कारोबार बढ़कर ₹6.27 लाख करोड़ हो गया।

केनरा बैंक के घरेलू एडवांस दूसरी तिमाही में साल-दर-साल 16.8% बढ़कर ₹12.63 लाख करोड़ हो गए।

बैंक का ग्लोबल बिजनेस 15.8% बढ़कर ₹30.71 लाख करोड़ हो गया।

केनरा बैंक की कुल घरेलू जमा राशि साल-दर-साल 11% बढ़कर ₹15.48 लाख करोड़ हो गई। एक साल पहले यह राशि ₹13.95 लाख करोड़ थी।

इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के दौरान कुल कारोबार ₹15.96 लाख करोड़ बताया।

बैंक का कुल कारोबार साल-दर-साल 14.2% और पिछली तिमाही के मुकाबले 4.4% बढ़ा।

दूसरे बैंकों की ओर से सामने आए ये आंकड़े उस व्यापक बैंकिंग माहौल को दिखाते हैं, जिसमें स्टॉक-वॉच रिपोर्टों ने एचडीएफसी बैंक की नेतृत्व नियुक्ति को रखा है।

शेयर बाजार के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद

अपस्टॉक्स की स्टॉक-वॉच रिपोर्ट में कहा गया कि गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स से संकेत मिल रहा था कि निफ्टी50 इंडेक्स 99 अंक ऊपर खुल सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया कि सोमवार, 5 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद थी।

रिपोर्ट को 05 अक्टूबर, 2026 को 08:42 आईएसटी पर अपडेट किया गया था।

इसी अपडेट में कहा गया कि बैंकों और वित्तीय कंपनियों की तिमाही कारोबारी घोषणाओं के कारण एचडीएफसी बैंक और दूसरे बैंक बाजार में चर्चा में बने रहेंगे।

ट्रेंड कर रहे शेयरों की एक अलग सूची में एसबीआई शेयर प्राइस, एक्सिस बैंक शेयर प्राइस, एचडीएफसी बैंक शेयर प्राइस, इन्फोसिस शेयर प्राइस, विप्रो शेयर प्राइस और एनटीपीसी शेयर प्राइस शामिल थे।

इस सूची में यह सवाल भी उठाया गया कि दूसरी तिमाही का कमाई का मौसम शेयर बाजार में बनी उलझन को दूर करेगा या उसे और बढ़ाएगा।

स्टॉक-वॉच सामग्री में सेबी की ओर से ग्रोपालिटल के “गारंटीड” रिटर्न, एलएलपी और पैसों के लेन-देन के रास्ते का पता लगाने से जुड़ी एक रिपोर्ट का भी जिक्र किया गया।

इसमें “सबसे बड़ी धारणा: 600 अरब डॉलर से 2 लाख करोड़ डॉलर तक” के रूप में बताई गई चर्चा भी शामिल थी।

एक अन्य खबर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के गैर-कृषि हिस्से में संभावित बदलाव का जिक्र था। यह बदलाव एक शैक्षिक संदर्भ में अक्षरों के आगे लिखी गई कीमत के जरिए बताया गया था।

इसी बाजार पेज पर “तेल की कीमत बढ़ने के छह महीने बाद बाजार अब इतनी तेजी से प्रतिक्रिया क्यों दे रहे हैं?” शीर्षक वाली रिपोर्ट भी थी। इसमें तेल, पैसा और बदलती वैश्विक व्यवस्था का जिक्र किया गया था।

इन खबरों से पता चलता है कि एचडीएफसी बैंक से जुड़ी स्टॉक-वॉच कवरेज के आसपास कई तरह के विषय शामिल हैं। इनमें बैंक अपडेट और कमाई से लेकर बाजार से जुड़े बड़े सवाल तक शामिल हैं।

दूसरे बैंक और वित्तीय कंपनियां भी चर्चा में

पंजाब नेशनल बैंक को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड से प्रशासनिक चेतावनी मिली है। यह चेतावनी छह लोगों से जुड़े इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर दी गई है।

यह आरोप स्टॉक-वॉच रिपोर्ट में बताए गए सेबी के कदम से ही जुड़ा हुआ है।

इरेडा ने कहा कि डायरेक्टर फाइनेंस डॉ. बिजय कुमार मोहंती को दिया गया चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार 1 अक्टूबर, 2026 से तीन और महीनों के लिए बढ़ा दिया गया है।

बजाज फाइनेंस के बोर्ड ने ऐसे वारंट जारी करने को मंजूरी दी है, जिन्हें उतनी ही संख्या के इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है।

इस इश्यू की कुल राशि ₹5,800 करोड़ तक है।

मुथूट फाइनेंस ने 1 अक्टूबर, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में अलेक्जेंडर जॉर्ज को नियुक्त किया है।

कंपनी ने जॉर्ज अलेक्जेंडर मुथूट को भी 1 अक्टूबर, 2026 से इसी अवधि के लिए वाइस चेयरमैन और होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त किया है।

एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस और मुथूट फाइनेंस में हुए नेतृत्व बदलाव स्टॉक-वॉच सूचियों में दिख रहे व्यापक प्रबंधन अपडेट का हिस्सा हैं।

रिपोर्टों में नियुक्तियों तक ही खबरों को सीमित नहीं रखा गया है। इनमें बैंकों से जुड़े कामकाज के अपडेट भी शामिल हैं।

दूसरी तिमाही में यूको बैंक के कुल कारोबार, एडवांस और जमा राशि में साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, केनरा बैंक और इंडियन बैंक ने भी अपने-अपने कारोबारी आंकड़ों में साल-दर-साल बढ़ोतरी बताई।

दी गई सामग्री में बागची की नियुक्ति के साथ एचडीएफसी बैंक के दूसरी तिमाही के कामकाज के ऐसे तुलनात्मक आंकड़े नहीं दिए गए हैं।

कमाई से पहले आईटी शेयरों पर बढ़ी नजर

इन्फोसिस और विप्रो भी स्टॉक-वॉच कवरेज का हिस्सा हैं।

गुरुवार, 1 अक्टूबर को प्री-मार्केट ट्रेडिंग में इन दोनों कंपनियों के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट करीब 8% उछल गए। यह उछाल एक्सेंचर के उम्मीद से बेहतर चौथी तिमाही के नतीजे जारी करने के बाद आया।

एक्सेंचर ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कमाई को लेकर सकारात्मक अनुमान भी दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम से दुनिया भर के आईटी सर्विसेज सेक्टर में सेंटीमेंट बेहतर हुआ।

स्टॉक-वॉच रिपोर्ट में कहा गया कि सितंबर तिमाही के नतीजों से पहले यह घटनाक्रम भारतीय आईटी कंपनियों के लिए संकेत दे सकता है।

इस संदर्भ में जिन भारतीय आईटी कंपनियों के नाम लिए गए, उनमें टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएलटेक, विप्रो और टेक महिंद्रा शामिल हैं।

रिपोर्ट में अलग से कहा गया कि गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स से निफ्टी50 इंडेक्स के 99 अंक ऊपर खुलने के संकेत मिल रहे थे।

इस तरह एचडीएफसी बैंक और आईटी कंपनियां एक ही बाजार कवरेज में दिखाई देती हैं, हालांकि उनके बारे में बताए गए घटनाक्रम अलग-अलग हैं।

एचडीएफसी बैंक से जुड़ी खबर आरबीआई की मंजूरी के बाद हुई नेतृत्व नियुक्ति के बारे में है।

इन्फोसिस और विप्रो से जुड़ी खबर एक्सेंचर के नतीजों और उसके कारोबारी अनुमान के बाद उनके अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट में आए बदलाव के बारे में है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ की तैयारी शुरू की

जियो प्लेटफॉर्म्स ने दुनिया भर के संभावित निवेशकों के साथ रोडशो पूरा करने के बाद अपने शुरुआती पब्लिक ऑफर यानी आईपीओ की पहली प्रक्रिया पूरी कर ली है।

ये रोडशो अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, सिंगापुर और हांगकांग में हुए।

कंपनी ने अब रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने यह जानकारी दी। पीटीआई ने उस सूत्र के हवाले से खबर दी।

जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी तथा रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने विदेशों में हुए रोडशो का नेतृत्व किया।

जियो प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा यह अपडेट उन बाजार घटनाक्रमों में शामिल है, जो स्टॉक-वॉच सामग्री में एचडीएफसी बैंक के साथ दिखाई देते हैं।

दी गई जानकारी में प्रस्तावित इश्यू का आकार नहीं बताया गया है। इसमें रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने की तारीख भी नहीं दी गई है।

इसमें सिर्फ इतना कहा गया है कि रोडशो की पहली प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

ओला इलेक्ट्रिक के प्रमोटर ने हिस्सेदारी गिरवी रखी

ओला इलेक्ट्रिक के प्रमोटर भाविश अग्रवाल ने कंपनी में अपनी 4.32% हिस्सेदारी गिरवी रखी है। यह कदम बोर्ड से मंजूर राइट्स इश्यू में भाग लेने के लिए उठाया गया है।

कंपनी ने रविवार को स्टॉक एक्सचेंजों को दिए बयान में यह जानकारी दी।

यह खुलासा 28 सितंबर, 2026 को दाखिल किए गए ड्राफ्ट लेटर ऑफर में भी किया गया था।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के टेकओवर नियमों के तहत प्रमोटर की ओर से एक्सचेंजों को दी गई फाइलिंग में बताया गया कि अग्रवाल के पास मौजूद 20 करोड़ शेयर गिरवी रखे जा रहे थे।

इन शेयरों को क्रुट्रिम डेटा सेंटर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जारी नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर के बदले गिरवी रखा गया था।

यह गिरवी सीटीएल ट्रस्टीशिप लिमिटेड के पक्ष में रखी गई थी।

ओला इलेक्ट्रिक से जुड़ा यह खुलासा उसी स्टॉक-वॉच कवरेज में शामिल कंपनी-विशेष अपडेट है, जिसमें एचडीएफसी बैंक को नजर रखने वाले शेयरों में रखा गया है।

स्रोत सामग्री में राइट्स इश्यू की राशि या नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर की शर्तें नहीं दी गई हैं।

ऑरोबिंदो फार्मा को अमेरिका से मंजूरी मिली

ऑरोबिंदो फार्मा ने कहा कि उसे अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन से पेराम्पेनेल टैबलेट बनाने और बेचने की अंतिम मंजूरी मिल गई है।

मंजूर की गई दवा की ताकत 2 मिलीग्राम, 4 मिलीग्राम, 6 मिलीग्राम, 8 मिलीग्राम, 10 मिलीग्राम और 12 मिलीग्राम है।

यह दवा मिर्गी के उन मरीजों में आंशिक रूप से शुरू होने वाले दौरों के इलाज के लिए बताई गई है, जिनमें बाद में सामान्य रूप से फैलने वाले दौरे हों या न हों। इन मरीजों की उम्र चार साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए।

यह दवा 12 साल या उससे ज्यादा उम्र के मरीजों में प्राथमिक रूप से सामान्य रूप से फैलने वाले टॉनिक-क्लॉनिक दौरों के लिए अतिरिक्त इलाज के तौर पर भी बताई गई है।

कंपनी ने कहा कि मंजूर की गई दवा कैटेलिस्ट फार्मास्यूटिकल्स, इंक. की रेफरेंस लिस्टेड दवा फाइकाम्पा टैबलेट्स के बराबर जैविक और चिकित्सकीय प्रभाव वाली है।

यह प्रोडक्ट कंपनी की पूरी तरह स्वामित्व वाली सहयोगी कंपनी एपीएल हेल्थकेयर की यूनिट-4 में बनाया जाएगा।

इसे वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में बाजार में उतारने की योजना है।

यह फार्मा अपडेट उन कंपनियों की व्यापक सूची का हिस्सा है, जिन पर स्टॉक-वॉच रिपोर्टों में नजर रखी जा रही है।

अडानी ग्रुप ने निवेश की योजना बताई

अडानी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर प्रणव अडानी ने राज्य की निवेश बढ़ावा देने वाली संस्था “इन्वेस्ट महाराष्ट्र” की शुरुआत के मौके पर बात की।

उन्होंने कहा कि ग्रुप की निवेश योजना दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान किए गए वादों और महाराष्ट्र सरकार के साथ साझेदारी के जरिए तैयार की गई है।

अडानी ने कहा कि अडानी ग्रुप ने जरूरी और उभरते क्षेत्रों में ₹6 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश की योजना के लिए प्रतिबद्धता जताई है।

जिन क्षेत्रों के नाम लिए गए, उनमें ऊर्जा, एविएशन और एयरो-डिस्ट्रिक्ट्स, शहरी बदलाव, डेटा सेंटर और कोयला गैसीफिकेशन शामिल हैं।

अडानी के हवाले से दिए गए बयान के मुताबिक, ₹2.6 लाख करोड़ की परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं या उन पर काम चल रहा है।

एनएसवी में बढ़ोतरी शुरुआती तीस प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है।

स्रोत सामग्री में एनएसवी का मतलब नहीं बताया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि अनुमानित बढ़ोतरी किस अवधि से जुड़ी है।

निवेश से जुड़ी यह घोषणा बाजार के उस अपडेट में शामिल है, जिसमें एचडीएफसी बैंक, वित्तीय कंपनियों और दूसरी सूचीबद्ध कंपनियों से जुड़े घटनाक्रम भी हैं।

नायका ने दोनों कारोबारी हिस्सों में बढ़ोतरी बताई

कंपनी के मुताबिक, नायका के फैशन और ब्यूटी दोनों कारोबारी हिस्सों में प्रदर्शन मजबूत हुआ है।

कंपनी ने इस प्रदर्शन का कारण फैशन कारोबार का बढ़ता आकार और ब्यूटी कारोबार की लगातार बढ़ोतरी को बताया।

नायका ने कहा कि कंसोलिडेटेड नेट रेवेन्यू में बढ़ोतरी अंतिम बीस प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है।

कंपनी ने अनुमानित प्रदर्शन को लगातार मजबूत बढ़ोतरी वाली एक और तिमाही बताया।

स्रोत में कंसोलिडेटेड नेट रेवेन्यू का सटीक आंकड़ा नहीं दिया गया है। यह भी साफ नहीं किया गया है कि “अंतिम बीस प्रतिशत” से प्रतिशत का मतलब है या नहीं।

नायका का अपडेट उसी स्टॉक-वॉच रिपोर्ट में शामिल है, जिसमें डीएलएफ, एवेन्यू सुपरमार्ट्स, सेल, एनएमडीसी और दूसरी कंपनियों के कामकाज से जुड़े अपडेट भी हैं।

डीएलएफ ने गुरुग्राम प्रोजेक्ट की पूरी बिक्री बताई

रिपोर्ट में देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी बताई गई डीएलएफ ने अपने नए लॉन्च किए गए प्रोजेक्ट द ऑरेवा की “पूरी बिक्री” की घोषणा की है।

यह प्रोजेक्ट वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाया गया है।

द ऑरेवा 4.17 एकड़ में फैला है और सेक्टर 63, गुरुग्राम में स्थित है।

डीएलएफ ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से करीब ₹1,985 करोड़ की बिक्री हुई।

कंपनी ने कहा कि बिक्री के आंकड़े सोच-समझकर तैयार किए गए लग्जरी रिटायरमेंट लिविंग कम्युनिटीज की मजबूत मांग को दिखाते हैं।

डीएलएफ ने इन कम्युनिटीज को ऐसी जगहों के रूप में बताया, जहां लग्जरी, अच्छी सेहत, सुविधा, हेल्थकेयर तक पहुंच और सार्थक सामुदायिक जुड़ाव एक साथ मिलता है।

एक अपार्टमेंट की औसत कीमत ₹11.5 करोड़ रही।

ये यूनिट ₹28,000 प्रति वर्ग फुट की कीमत पर बेची गईं।

यह प्रोजेक्ट अपडेट डीएलएफ को 5 अक्टूबर की स्टॉक-वॉच कवरेज में शामिल रियल एस्टेट और उपभोक्ता से जुड़ी कंपनियों की सूची में रखता है।

धातु और खन से जुड़े अपडेट

हिंदुस्तान जिंक ने कहा कि उसके खन से निकलने वाले मेटल का उत्पादन साल-दर-साल 5% बढ़कर 271 किलोटन हो गया।

कंपनी ने यह भी बताया कि बिक्री के लिए उपलब्ध मेटल का उत्पादन साल-दर-साल 7% बढ़कर 264 किलोटन हो गया।

एनएमडीसी ने सितंबर में कुल उत्पादन में साल-दर-साल 7.7% बढ़ोतरी बताई। कुल उत्पादन बढ़कर 4.04 मिलियन टन हो गया।

एक साल पहले उत्पादन 3.75 मिलियन टन था।

एनएमडीसी की कुल बिक्री साल-दर-साल 9.5% घटकर 3.51 मिलियन टन रह गई। एक साल पहले यह 3.88 मिलियन टन थी।

भारत कोकिंग कोल ने सितंबर में कुल कच्चे कोयले के उत्पादन में साल-दर-साल 20.7% बढ़ोतरी बताई। उत्पादन बढ़कर 2.57 मिलियन टन हो गया।

एक साल पहले इसी अवधि में इसका उत्पादन 2.13 मिलियन टन था।

कोकिंग कोल का उत्पादन साल-दर-साल 21.5% बढ़कर 2.49 मिलियन टन हो गया। एक साल पहले यह 2.05 मिलियन टन था।

नॉन-कोकिंग कोल का उत्पादन लगभग स्थिर रहा और 0.07 मिलियन टन पर रहा।

कुल कच्चे कोयले की उठाव यानी ऑफटेक में साल-दर-साल 13.7% बढ़ोतरी हुई। यह बढ़कर 3.15 मिलियन टन हो गया, जबकि एक साल पहले यह 2.77 मिलियन टन था।

सरकारी स्वामित्व वाली मैंगनीज अयस्क उत्पादक कंपनी एमओआईएल ने अक्टूबर 2026 के लिए सभी ग्रेड के मैंगनीज अयस्क की कीमतों में 5% बढ़ोतरी की।

कीमतों में बढ़ोतरी की जानकारी 1 अक्टूबर की एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई थी।

सेल भारत की सबसे बड़ी पब्लिक सेक्टर स्टील बनाने वाली कंपनी है, जबकि एनएमडीसी को देश की प्रमुख लौह अयस्क कंपनी बताया गया है।

एक वरिष्ठ मंत्रालय अधिकारी ने पुष्टि की कि स्टील से जुड़ी सरकारी कंपनियों, खास तौर पर सेल और एनएमडीसी, से विदेशों में खन संपत्तियां तलाशने को कहा गया है।

अधिकारी ने कहा कि इससे भविष्य की जरूरतों को सुरक्षित करने और लागत घटाने में मदद मिलेगी।

अधिकारी ने आगे की जानकारी साझा नहीं की।

स्टील बनाने के लिए लौह अयस्क और कोकिंग कोल दो बुनियादी कच्चे माल हैं। इनके अलावा चूना पत्थर और पुल्वराइज्ड कोल इंजेक्शन कोल की भी जरूरत होती है।

खनन और धातु से जुड़े ये घटनाक्रम उत्पादन, बिक्री और कच्चे माल से जुड़े अपडेट बाजार के सामने रखते हैं। इसी बाजार माहौल में एचडीएफसी बैंक को नजर रखने वाले शेयर के रूप में शामिल किया गया है।

बिजली उत्पादन और बिक्री

वेदांता पावर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 10,817 मिलियन यूनिट बिजली की बिक्री दर्ज की।

यह आंकड़ा साल-दर-साल 32% बढ़ोतरी दिखाता है।

कंपनी ने इस बढ़ोतरी का कारण अपने प्लांट के बेहतर प्रदर्शन और पूरे पोर्टफोलियो में उपलब्धता में सुधार को बताया।

कंपनी ने कहा कि इस रफ्तार की वजह मीनाक्षी एनर्जी में उत्पादन में तेज बढ़ोतरी और झारसुगुड़ा थर्मल प्लांट में बदलाव से बेहतर हुआ प्रदर्शन रहा।

मीनाक्षी एनर्जी में दूसरी तिमाही के दौरान बिजली की बिक्री साल-दर-साल 111% बढ़कर 1,470 मिलियन यूनिट हो गई।

इस बढ़ोतरी के बाद वित्त वर्ष की पहली छमाही में कुल बिक्री 2,820 मिलियन यूनिट हो गई। इसमें साल-दर-साल 160% बढ़ोतरी हुई।

पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की बिजली बिक्री 4,433 मिलियन यूनिट थी।

बिजली बिक्री के ये आंकड़े स्टॉक-वॉच सामग्री में वेदांता पावर के कामकाज से जुड़े अपडेट के रूप में दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पर नेस्ले इंडिया का जवाब

नेस्ले इंडिया ने कहा कि वह लागू सभी नियामकीय जरूरतों का पालन करती है और उसका लो-फैट डेयरी व्हाइटनर पीने के लिए सुरक्षित है।

यह जवाब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के उस बयान के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि भारत होटल्स लिमिटेड, द ललित, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली के परिसर से एक सैंपल लिया गया था।

खाद्य नियामक के मुताबिक, खाद्य विश्लेषक की प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इस प्रोडक्ट को “घटिया” और “असुरक्षित” बताया गया।

नियामक ने कहा कि इस नतीजे से खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमों का पालन नहीं होने का संकेत मिलता है।

खाद्य सुरक्षा से जुड़ा यह अपडेट उसी स्टॉक-वॉच कवरेज में शामिल है, जिसमें एचडीएफसी बैंक और दूसरी कंपनियों के घटनाक्रम भी देखे जा रहे हैं।

एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने ज्यादा रेवेन्यू बताया

एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने 30 सितंबर, 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए स्टैंडअलोन ऑपरेशंस से ₹19,206.18 करोड़ का रेवेन्यू बताया।

एक साल पहले कंपनी ने ऑपरेशंस से ₹16,218.79 करोड़ का रेवेन्यू बताया था।

दामानी परिवार द्वारा प्रमोट की गई इस रिटेल चेन के स्टोर्स की कुल संख्या 30 सितंबर तक 518 थी।

इस कुल संख्या में महाराष्ट्र के नवी मुंबई के सानपाड़ा में स्थित स्टोर भी शामिल है। इसे दोबारा बनाने के काम के कारण ग्राहकों के लिए बंद रखा गया था।

पिछली तिमाही के मुकाबले डी-मार्ट का रेवेन्यू 4.7% बढ़ा।

जून तिमाही में इसका रेवेन्यू ₹18,343.49 करोड़ था।

एवेन्यू सुपरमार्ट्स का यह अपडेट 5 अक्टूबर की स्टॉक-वॉच सूची में एचडीएफसी बैंक के साथ दिखाई देने वाला एक और तिमाही कारोबारी खुलासा है।

शिपिंग कॉरपोरेशन ने बेड़ा बढ़ाने की योजना बताई

पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्री सोनवाल के मुताबिक, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के बेड़े में इस समय 58 जहाज हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी अपने बेड़े को और बढ़ाना चाहती है।

उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी बेड़े में 30 जहाज और 51 कंटेनर जहाज शामिल करने की कोशिश कर रही है।

स्टैंडअलोन आधार पर एससीआई ने वित्त वर्ष 2026 के लिए टैक्स के बाद ₹1,352.92 करोड़ का मुनाफा बताया।

कंपनी ने अपनी 205-26 वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक ₹5,778.1 करोड़ का स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग रेवेन्यू बताया।

मंत्री ने कहा कि पिछले साल टैक्स के बाद मुनाफे का मार्जिन ₹1,326 करोड़ था।

उन्होंने कहा कि कंपनी मौजूदा साल की पहली तिमाही में टैक्स के बाद मुनाफे के रूप में ₹600 करोड़ से ज्यादा पहले ही हासिल कर चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि वित्त वर्ष में कंपनी टैक्स के बाद ₹2,000 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा दर्ज करेगी।

ये बातें एससीआई के 65वें फाउंडेशन डे समारोह के मौके पर कही गईं।

एससीआई के आंकड़े और बेड़े को बढ़ाने की योजनाएं एचडीएफसी बैंक के साथ देखे जा रहे शेयरों की व्यापक सूची में ट्रांसपोर्ट सेक्टर का एक और अपडेट जोड़ती हैं।

अरविंद फैशन्स ने सहयोगी कंपनी में हिस्सेदारी बदली

इन्फ्यूजन के बाद एवाईबीपीएल में एएलबीएल की हिस्सेदारी 60.40% से बढ़कर 65.91% हो जाएगी।

अरविंद फैशन्स के पास सीधे तौर पर बाकी इक्विटी हिस्सेदारी है। कंपनी की सीधी हिस्सेदारी 39.60% से घटकर 34.09% रह जाएगी।

कंपनी ने कहा कि एवाईबीपीएल में पूरे ग्रुप की संयुक्त हिस्सेदारी 100% पर बनी रहेगी।

कंपनी ने यह भी कहा कि पूरे ग्रुप के नियंत्रण में कोई बदलाव नहीं होगा।

हिस्सेदारी में यह बदलाव स्टॉक-वॉच रिपोर्ट में शामिल कंपनी-विशेष कॉरपोरेट जानकारी का हिस्सा है।

एचडीएफसी बैंक के अपडेट से क्या पता चलता है

एचडीएफसी बैंक के बारे में पुष्टि की गई खबर यह है कि आरबीआई से तीन साल के कार्यकाल की मंजूरी मिलने के बाद अनूप बागची को मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

स्टॉक-वॉच रिपोर्ट में बागची को शीर्ष पद के लिए बाहर से आए उम्मीदवार के तौर पर बताया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उनकी नियुक्ति से बैंक के नेतृत्व में बदलाव को लेकर कई महीनों से बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के अलग अपडेट में बागची को इंश्योरेंस कंपनी का मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बताया गया है। इसके बाद वह एचडीएफसी बैंक जा रहे हैं।

एचडीएफसी बैंक में नेतृत्व बदलाव ऐसे समय में देखा जा रहा है, जब बैंक और वित्तीय कंपनियां 30 सितंबर, 2026 को खत्म हुई तिमाही के कारोबारी अपडेट जारी कर रही हैं।

बाजार की व्यापक सूची में ऐसे बैंक शामिल हैं, जिन्होंने कुल कारोबार, एडवांस, जमा राशि और ग्लोबल बिजनेस में बढ़ोतरी बताई है।

इस सूची में आईटी कंपनियों, धातु उत्पादकों, उपभोक्ता कारोबार वाली कंपनियों, इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रुप, बिजली बिक्री, फार्मा और शिपिंग से जुड़े अपडेट भी शामिल हैं।

हालांकि एचडीएफसी बैंक के मामले में दी गई सामग्री का केंद्र नेतृत्व में बदलाव है। इसमें बैंक के कामकाज का अलग तिमाही आंकड़ा नहीं दिया गया है।

इस वजह से बागची की आरबीआई से मंजूर नियुक्ति स्टॉक-वॉच कवरेज में एचडीएफसी बैंक से जुड़ा सबसे नया सत्यापित घटनाक्रम है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनूप बागची एचडीएफसी बैंक के नए एमडी-सीईओ कैसे बने?

भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी के बाद एचडीएफसी बैंक ने अनूप बागची को अपना नया मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया।

अनूप बागची का एचडीएफसी बैंक में कार्यकाल कितने साल का होगा?

अनूप बागची का एचडीएफसी बैंक में कार्यकाल तीन साल का होगा।

अनूप बागची की नियुक्ति से एचडीएफसी बैंक पर क्या असर पड़ा?

इस नियुक्ति से बैंक के नेतृत्व में बदलाव को लेकर कई महीनों से बनी अनिश्चितता खत्म हो गई।

अनूप बागची इससे पहले किस कंपनी में एमडी-सीईओ थे?

अनूप बागची इससे पहले आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर थे।

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