हाथरस में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का प्रदर्शन, सेवाएं खत्म करने का लगाया आरोप
हाथरस में एडेड माध्यमिक विद्यालयों में करीब तीन साल तक सेवाएं देने के बाद अचानक काम से हटाए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा।
हाथरस में एडेड माध्यमिक विद्यालयों में करीब तीन साल तक सेवाएं देने के बाद अचानक काम से हटाए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में कर्मचारी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सेवाएं जारी रखने और उन्हें दोबारा काम पर लिए जाने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले करीब तीन वर्षों से एडेड माध्यमिक विद्यालयों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उनका कहना है कि इस दौरान उन्होंने विद्यालयों से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां लगातार निभाईं। इसके बाद उन्हें अचानक काम से हटा दिया गया।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एक अक्टूबर से उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अचानक काम से हटाए जाने के बाद उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी आय पर ही परिवार का खर्च निर्भर था। नौकरी जाने के बाद उनके सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं।
कर्मचारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि उनकी सेवाओं का न तो नवीनीकरण किया गया और न ही नई टेंडर प्रक्रिया को लेकर उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी दी गई। इसके बावजूद अचानक उनकी सेवाएं खत्म कर दी गईं।
कर्मचारियों का कहना है कि अगर उन्हें काम से हटाया जाना था, तो विभाग को पहले से इसकी सूचना देनी चाहिए थी। पहले जानकारी मिलने पर वे रोजगार का दूसरा इंतजाम कर सकते थे। अचानक सेवाएं समाप्त किए जाने से उन्हें अपने परिवार का खर्च चलाने में परेशानी हो रही है।
प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए उन्होंने अपनी समस्याओं से अवगत कराया और सेवाएं जारी रखने की मांग रखी। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें दोबारा कार्य पर लिया जाए, ताकि उनकी रोजी-रोटी का संकट दूर हो सके।
उन्होंने यह भी मांग की कि आउटसोर्सिंग सेवाओं को जारी रखने के लिए जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। कर्मचारियों के मुताबिक, करीब तीन साल तक काम लेने के बाद उन्हें इस तरह अचानक बाहर कर दिया गया, जबकि नई टेंडर प्रक्रिया को लेकर स्थिति भी स्पष्ट नहीं की गई।
कर्मचारियों ने कहा कि मामला सिर्फ नौकरी का नहीं है, बल्कि उनके परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने विभाग से जल्द सकारात्मक फैसला लेकर राहत देने की मांग की है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब कर्मचारियों की नजर विभाग की ओर से उठाए जाने वाले कदम पर है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी सेवाएं जारी रखने और उन्हें दोबारा काम पर लेने के संबंध में जल्द फैसला किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने प्रदर्शन क्यों किया?
करीब तीन साल तक एडेड माध्यमिक विद्यालयों में काम करने के बाद अचानक सेवाएं खत्म किए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों की सेवाएं कब समाप्त की गईं?
कर्मचारियों के मुताबिक, एक अक्टूबर से उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
कर्मचारियों ने अधिकारियों से क्या मांग की?
उन्होंने सेवाएं जारी रखने, उन्हें दोबारा काम पर लेने और आउटसोर्सिंग सेवाओं से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की।
सेवाएं खत्म होने से कर्मचारियों के सामने क्या परेशानी आई?
नौकरी जाने के बाद उनके सामने रोजी-रोटी और परिवार का खर्च चलाने का संकट खड़ा हो गया है।
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