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National Press note हाथरस

हाथरस में डीएम ने 300 गौवंश वाली गौशाला का निरीक्षण किया

हाथरस में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ विकास खंड सासनी की ग्राम पंचायत समामई रूहल स्थित श्री दाऊजी गौशाला का निरीक्षण किया।

हाथरस में डीएम ने 300 गौवंश वाली गौशाला का निरीक्षण किया
Image credit: News Darpan Team

हाथरस में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ विकास खंड सासनी की ग्राम पंचायत समामई रूहल स्थित श्री दाऊजी गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गौशाला में गौवंशों के संरक्षण, चारा-पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ-सफाई समेत सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौवंशों के समुचित पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और गौशाला का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में बने टीन शेड, चारा भंडारण, पेयजल की व्यवस्था और बीमार गौवंशों के उपचार के लिए उपलब्ध सुविधाओं को देखा। अधिकारियों ने बताया कि गौशाला में 100×63 फीट का टीन शेड निर्मित कराया गया है। इसके पिलर बनाने में हैंडपंप रीबोरिंग से प्राप्त पाइपों का इस्तेमाल किया गया है। इससे निर्माण लागत में बचत हुई है।

बीमार गौवंशों को उपचार के दौरान अलग रखने के लिए एक पृथक टीन शेड भी बनाया गया है। अधिकारियों ने गौशाला में उपलब्ध अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी जिलाधिकारी को दी। गौशाला में इस समय कुल 300 निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि इनमें 23 नर और 277 मादा गौवंश शामिल हैं।

इन 300 गौवंशों की देखभाल के लिए 10 केयरटेकर तैनात किए गए हैं। गौशाला में तीन टीन शेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा एक अन्य टीन शेड का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस तरह गौवंशों को रखने और उनकी देखभाल के लिए उपलब्ध स्थान से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी निरीक्षण के दौरान देखा गया।

गौवंशों के चारा खाने के लिए गौशाला में तीन चरही बनाई गई हैं। पेयजल के लिए पांच हॉज की व्यवस्था है। पानी की आपूर्ति के लिए दो समरसेबल पंप लगाए गए हैं। वर्तमान में गौशाला में 90 कुंतल भूसा सुरक्षित रखा गया है। इसके साथ ही गौवंशों के लिए प्रतिदिन 35 से 45 कुंतल हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।

भूसे को सुरक्षित रखने के लिए 2,000 कुंतल क्षमता का भूसा गोदाम भी बनाया गया है। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को चारे के भंडारण और रोजाना उपलब्ध कराए जा रहे हरे चारे से जुड़ी जानकारी दी। जिलाधिकारी ने गौवंशों को पर्याप्त चारा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि अब तक 12 लाभार्थियों को 24 गौवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। गौशाला में पेयजल, विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। परिसर में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी संचालित है।

निरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत निरीक्षण से संबंधित प्रविष्टियां ऑनलाइन दर्ज की जाएंगी। इन प्रविष्टियों की समीक्षा जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी कर सकेंगे।

जिलाधिकारी ने गौशाला में उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गौवंशों को पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप गौशाला का प्रभावी संचालन करने और गौवंशों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कराने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने सोलर पंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि गौशाला की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों के अनुसार जरूरी कदम उठाने को कहा।

निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सासनी, खंड विकास अधिकारी सासनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाथरस में डीएम ने किस गौशाला का निरीक्षण किया?

जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ सासनी की ग्राम पंचायत समामई रूहल स्थित श्री दाऊजी गौशाला का निरीक्षण किया।

गौशाला में कितने निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं?

गौशाला में कुल 300 निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं, जिनमें 23 नर और 277 मादा गौवंश हैं।

गौवंशों की देखभाल के लिए कितने केयरटेकर तैनात हैं?

300 गौवंशों की देखभाल के लिए 10 केयरटेकर तैनात किए गए हैं।

गौशाला में चारे और पानी की क्या व्यवस्था है?

गौशाला में 90 कुंतल भूसा सुरक्षित है और रोजाना 35 से 45 कुंतल हरा चारा दिया जा रहा है। पानी के लिए पांच हॉज और दो समरसेबल पंप लगाए गए हैं।

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