मेडिकल कॉलेज के लिए छह हेक्टेयर जमीन का डीएम ने किया निरीक्षण
जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने शनिवार को पराग डेयरी परिसर का निरीक्षण किया।
जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने शनिवार को पराग डेयरी परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ विकासखंड सासनी स्थित परिसर का दौरा किया और मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित भूमि की स्थिति देखी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित छह हेक्टेयर से अधिक भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भूमि हस्तांतरण से जुड़ी जानकारी ली और सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि को शीघ्र चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित किया जाए, ताकि मेडिकल कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से इस काम में तेजी लाने को कहा।
पराग डेयरी परिसर में संचालित अस्थाई गौशाला का भी जिलाधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गौशाला में मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां संरक्षित गोवंश की स्थिति के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान गौशाला में कुल 1007 गोवंश संरक्षित मिले। सभी गोवंश स्वस्थ पाए गए।
जिलाधिकारी को निरीक्षण के दौरान करीब 40 से 50 गोवंश के कानों में ईयर टैग नहीं मिले। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल ईयर टैगिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि गौशाला में संरक्षित गोवंश की ईयर टैगिंग का काम जल्द पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी ने अस्थाई गौशाला में संरक्षित गोवंश को समामई रूहल और नगला गढ़ू स्थित गौशालाओं में स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार गोवंश को दूसरी गौशालाओं में संरक्षित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने जिलाधिकारी को बताया कि गौशाला में इस समय 300 कुंतल भूसा उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने गोवंश के लिए पेयजल, टीनशेड, हरे चारे और भूसे की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि गोवंश के लिए जरूरी व्यवस्थाएं गौशाला में मौजूद हैं या नहीं।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने गौशाला से जुड़े अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केयरटेकर की उपस्थिति पंजिका, स्टॉक पंजिका और पशु चिकित्सक की विजिट पंजिका देखी। इसके अलावा उन्होंने अन्य अभिलेखों की स्थिति की भी जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने गौशाला में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संरक्षित गोवंश के लिए सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। गौशाला की व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी न रहने देने पर भी उन्होंने जोर दिया।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को जनपद की सभी स्थायी और अस्थाई गौशालाओं में संरक्षित गोवंश का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी गोवंश की शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग सुनिश्चित करने को भी कहा।
निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उपजिलाधिकारी सासनी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी सासनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मेडिकल कॉलेज के लिए कितनी जमीन का निरीक्षण किया गया?
मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित छह हेक्टेयर से अधिक जमीन का निरीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी ने जमीन को लेकर क्या निर्देश दिए?
उन्होंने जमीन को जल्द चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने और सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश दिए।
अस्थाई गौशाला में कितने गोवंश मिले और उनकी स्थिति कैसी थी?
गौशाला में 1007 गोवंश मिले और सभी स्वस्थ पाए गए।
गोवंश की ईयर टैगिंग को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
करीब 40 से 50 गोवंश के कानों में ईयर टैग नहीं मिले, इसलिए जिलाधिकारी ने तत्काल शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग कराने के निर्देश दिए।
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