हाथरस में सीएमओ का निर्देश, कम वजन वाले नवजात जल्द डिस्चार्ज न हों
हाथरस के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:42 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हसायन का औचक निरीक्षण किया।
हाथरस के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:42 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हसायन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कम वजन वाले नवजात शिशुओं को पर्याप्त देखभाल के बिना समय से पहले डिस्चार्ज न करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था देखी। उन्होंने साफ-सफाई को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं, इमरजेंसी कक्ष, प्रसव कक्ष और नवजात शिशु देखभाल कक्ष की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया।
इमरजेंसी कक्ष में सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध मिलीं। वहां लगाए गए उपकरण भी क्रियाशील अवस्था में पाए गए। इसी तरह प्रसव कक्ष में मौजूद सभी उपकरण सही तरीके से काम करते मिले। सीएमओ ने अस्पताल की इन व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद संबंधित स्टाफ को जरूरी निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय प्रसव कक्ष में तीन गर्भवती महिलाएं भर्ती मिलीं। इन महिलाओं ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया। सीएमओ ने प्रसव कक्ष की व्यवस्थाओं और वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान राज्य सरकार के सभी नियमित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित मिले। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत काम कर रहे कुछ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इन कर्मचारियों के खिलाफ 9 अक्टूबर को ही अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के संबंध में नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
नवजात शिशु देखभाल कक्ष के निरीक्षण के दौरान कम वजन वाले बच्चों की देखभाल से जुड़ी एक अहम बात सामने आई। वहां तैनात स्टाफ नर्स भर्ती किए गए कम वजन वाले बच्चों को डिस्चार्ज करने में लगने वाले कम समय का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सकीं।
इस पर सीएमओ ने स्टाफ नर्सों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में कम वजन वाले नवजात शिशुओं को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार कम से कम एक से दो दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा जाए। नवजातों को उचित देखभाल देने के बाद ही स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाए।
सीएमओ ने कम वजन वाले नवजातों को पर्याप्त देखभाल के बिना अस्पताल से छुट्टी देने से बचने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि हर बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसकी देखभाल की जाए और समय से पहले डिस्चार्ज न किया जाए।
अस्पताल परिसर में प्रकाश व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। सीएमओ ने मौके पर मौजूद राजकीय इंजीनियर को निर्देशित किया कि 24 घंटे के भीतर परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सीएमओ ने हाथरस के किस अस्पताल का निरीक्षण किया?
सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हसायन का औचक निरीक्षण किया।
कम वजन वाले नवजात शिशुओं को लेकर सीएमओ ने क्या निर्देश दिए?
उन्होंने कहा कि कम वजन वाले नवजातों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार कम से कम एक से दो दिन अस्पताल में भर्ती रखा जाए और उचित देखभाल के बाद ही डिस्चार्ज किया जाए।
निरीक्षण में इमरजेंसी और प्रसव कक्ष की क्या स्थिति मिली?
इमरजेंसी कक्ष में जरूरी दवाएं उपलब्ध थीं और उपकरण काम कर रहे थे। प्रसव कक्ष के उपकरण भी सही तरीके से काम करते मिले।
अस्पताल की प्रकाश व्यवस्था को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
सीएमओ ने राजकीय इंजीनियर को 24 घंटे के भीतर अस्पताल परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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