हाथरस में जनगणना-2027 के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत, डीएम ने दिए निर्देश
हाथरस में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सोमवार को तहसील हाथरस स्थित बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल के ऑडिटोरियम में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
हाथरस में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सोमवार को तहसील हाथरस स्थित बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल के ऑडिटोरियम में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, तय दिशा-निर्देशों और काम को बिना गलती के पूरा करने के बारे में जानकारी दी गई।
हाथरस, 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने की। कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी ने फीता काटकर की। इसके बाद मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप जलाया गया और माल्यार्पण किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से जुड़े काम, तय प्रक्रिया और जिम्मेदारियों को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना का काम 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का काम करेंगे। इस तरह जनगणना के द्वितीय चरण में पहले लोगों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का मौका मिलेगा और इसके बाद प्रगणक घर-घर पहुंचकर गणना का काम पूरा करेंगे।
डीएम ने कहा कि जनगणना देश के विकास की आधारशिला है। जनगणना से मिलने वाले सटीक आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं बनाई जाती हैं। इन आंकड़ों से संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में भी मदद मिलती है। इसलिए जनगणना के दौरान जुटाई जाने वाली जानकारी का सही होना जरूरी है।
प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि जनगणना का काम पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। प्रत्येक परिवार से सही जानकारी लेना और उसे तय प्रक्रिया के मुताबिक दर्ज करना कर्मचारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि परिवारों से मिलने वाली जानकारी को ध्यान से लिया जाए और उसे निर्धारित नियमों के अनुसार ही दर्ज किया जाए।
जिलाधिकारी ने भरोसा जताया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी आपसी तालमेल, मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से हाथरस जनपद जनगणना के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाला जनपद बन सकता है। इसके लिए प्रशिक्षण में दी गई जानकारी को गंभीरता से समझना और क्षेत्र में काम करते समय उसका सही इस्तेमाल करना जरूरी है।
स्व-गणना के काम को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी ने अभी से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 16 नवंबर से स्व-गणना शुरू होने से पहले गांवों और मोहल्लों में लोगों को इसकी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाए। लोगों को बताया जाए कि स्व-गणना किस तरह करनी है और इसमें कौन-सी जानकारी देनी होगी।
डीएम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर लोगों को एक जगह एकत्रित करके स्व-गणना की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया जा सकता है। इससे अधिक से अधिक परिवार खुद अपनी गणना कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्व-गणना में लोगों की भागीदारी बढ़ने से आगे की जनगणना प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण का मकसद केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं है। प्रशिक्षण के जरिए कर्मचारियों में नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करना भी जरूरी है। पर्यवेक्षक और संबंधित अधिकारी अपने अधीनस्थ प्रगणकों को सही मार्गदर्शन दें। वे प्रगणकों का उत्साह बढ़ाएं और आपसी समन्वय के साथ तय समय में काम पूरा कराएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी का सही इस्तेमाल क्षेत्र में काम करते समय ही सुनिश्चित होगा। इसलिए सभी कर्मचारी जनगणना से जुड़े दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं को गंभीरता से समझें। काम के दौरान तय नियमों का पालन करें और परिवारों से जानकारी लेते समय किसी भी तरह की लापरवाही से बचें।
जनगणना प्रपत्रों में जानकारी दर्ज करते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सवाल को सही तरीके से समझकर उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तय नियमों के मुताबिक आंकड़ों का संकलन किया जाए। किसी भी तरह की गलती से बचने के लिए प्रशिक्षण में बताई गई प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।
डीएम ने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश और समाज की वास्तविक स्थिति को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वे जानकारी दर्ज करते समय सवालों को ठीक से समझें और उपलब्ध जानकारी को निर्धारित तरीके से ही प्रपत्रों में दर्ज करें।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में परिवारों से संपर्क के दौरान पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के प्रति जागरूक करने के लिए समन्वित प्रयास किए जा सकते हैं। खास तौर पर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित पात्र लोगों को जागरूक करने पर ध्यान दिया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने कहा कि किसी भी प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातें फील्ड में काम करते समय उपयोगी साबित होती हैं। उन्होंने कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया जितनी बेहतर होगी, आगे की गणना उतनी ही आसान होगी। इससे गलतियों की संभावना भी कम रहेगी।
पीएन दीक्षित ने कर्मचारियों को अपने तय क्षेत्रों में पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की तैयारी पहले से होने पर जनगणना का काम सुचारु और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकेगा। कर्मचारियों को प्रशिक्षण में मिली जानकारी के आधार पर अपने निर्धारित क्षेत्रों में काम की तैयारी करने को कहा गया।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने सुझाव दिया कि जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों से जुड़े प्रपत्र तैयार कराकर संबंधित क्षेत्रों में वितरित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे लोग मांगी गई जरूरी जानकारियों को पहले से समझकर तैयार रख सकेंगे।
प्रशांत तिवारी ने कहा कि जब प्रगणक घर पहुंचेंगे तो जानकारी दर्ज करने में आसानी होगी। इससे समय की बचत होगी और गलतियों की संभावना भी कम की जा सकेगी। लोगों को पहले से यह जानकारी मिलने पर स्व-गणना और घर-घर जाकर होने वाली गणना, दोनों प्रक्रियाओं में सुविधा हो सकती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में तहसील स्तरीय अधिकारी, मास्टर ट्रेनर और संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अधिकारियों ने जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय, सटीक आंकड़ों के संकलन और जनभागीदारी को जरूरी बताया। अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की पूरी प्रक्रिया में तय दिशा-निर्देशों का पालन करने और जिम्मेदारी के साथ काम करने पर जोर दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में जनगणना-2027 का प्रशिक्षण कार्यक्रम कब और कहां हुआ?
प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 अक्टूबर 2026 को तहसील हाथरस के बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल के ऑडिटोरियम में हुआ।
जनगणना-2027 में स्व-गणना कब से कब तक होगी?
स्व-गणना 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी।
घर-घर जाकर जनगणना कब की जाएगी?
प्रगणक 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनगणना करेंगे।
डीएम ने जनगणना कर्मचारियों को क्या निर्देश दिए?
डीएम सत्य प्रकाश पटेल ने कर्मचारियों से सही जानकारी लेकर उसे तय प्रक्रिया के अनुसार दर्ज करने और पूरी निष्ठा, पारदर्शिता व जिम्मेदारी से काम करने को कहा।
स्व-गणना के लिए डीएम ने क्या तैयारी करने को कहा?
डीएम ने गांवों और मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को एक जगह बुलाकर स्व-गणना की प्रक्रिया का प्रदर्शन करने को कहा।
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