गुजरात सरकार ने NEET प्रदर्शनकारियों पर केस वापस लेने का आदेश दिया
गुजरात सरकार ने NEET पेपर लीक प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने का आदेश दिया गुजरात सरकार ने NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने का निर्देश दिया
गुजरात सरकार ने NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने का निर्देश दिया है। 31 जुलाई को राज्य के गृह विभाग ने डीजीपी जीएस मलिक को आदेश दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फैसला
यह फैसला 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें पुलिस को नाबालिग छात्र प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई करने से रोका गया था। 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसका आदेश सिर्फ गंभीर अपराधों में शामिल लोगों पर लागू होगा और राज्यों को अन्य प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने की अनुमति दी गई है। गुजरात सरकार का यह निर्देश इसी आदेश के तहत लिया गया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने पर जोर दिया गया है।
NEET पेपर लीक पर प्रदर्शन ने देशभर में मचाया था हंगामा
छात्रों और युवाओं के नेतृत्व में ये प्रदर्शन अहमदाबाद और गुजरात के अन्य शहरों में हुए थे। दिल्ली के जंतर मंतर पर भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। यह आंदोलन 25 जुलाई को खत्म हुआ, जब प्रधान ने इस्तीफा दिया और केंद्र सरकार ने 'कैंपेन फॉर जस्टिस इन पब्लिक' (CJP) की बाकी मांगें मान लीं।
कितने केस वापस होंगे, अभी साफ नहीं
गुजरात गृह विभाग ने एफआईआर और आपराधिक मामलों को वापस लेने का आदेश दिया है, लेकिन इस फैसले से प्रभावित मामलों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया गया है। इस कदम से उन छात्रों और युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो प्रदर्शन में भाग लेने के कारण कानूनी कार्रवाई का सामना करने को लेकर चिंतित थे।
यह फैसला राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बढ़ती नजर और न्यायिक हस्तक्षेप के बाद जनता की शिकायतों को सुलझाने की बढ़ती तत्परता को दिखाता है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुजरात सरकार ने NEET प्रदर्शनकारियों पर क्या कदम उठाया है?
गुजरात सरकार ने NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने का निर्देश दिया है। 31 जुलाई को राज्य के गृह विभाग ने डीजीपी को आदेश दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
यह फैसला लेने के पीछे क्या वजह थी?
सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को आदेश दिया कि नाबालिग छात्र प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई न की जाए। 3 अगस्त को कोर्ट ने साफ किया कि राज्य प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस ले सकते हैं। गुजरात सरकार ने इसी आदेश के तहत यह कदम उठाया।
NEET प्रदर्शन क्यों हुए?
छात्रों और युवाओं ने NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की थी। यह आंदोलन 25 जुलाई को खत्म हुआ, जब प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।
कितने मामले वापस किए जाएंगे?
गुजरात गृह विभाग ने एफआईआर और आपराधिक मामलों को वापस लेने का आदेश दिया है, लेकिन इससे प्रभावित मामलों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।
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