जीआरपी शामली ने भटके बालक को परिजनों से मिलाया
जीआरपी शामली ने भटके बालक को उसके परिजनों से मिलाया। यह कार्रवाई अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान तथा ऑपरेशन मुस्कान के तहत की गई।
जीआरपी शामली ने भटके बालक को उसके परिजनों से मिलाया। यह कार्रवाई अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान तथा ऑपरेशन मुस्कान के तहत की गई। पुलिस के मुताबिक, बालक को रेलवे स्टेशन कांधला पर परेशान और सहमा हुआ देखा गया था। इसके बाद पुलिस टीम ने जानकारी जुटाकर उसके परिजनों का पता लगाया और बच्चे को सकुशल उनकी सुपुर्दगी में दे दिया।
पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक रेलवे श्री प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे, लखनऊ उत्तर प्रदेश श्री आर0के0 भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक रेलवे, मुरादाबाद श्री आशुतोष शुक्ला (IPS) के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई की निगरानी पुलिस उपाधीक्षक रेलवे, सर्किल सहारनपुर श्री बेवेन्द्र कुमार ने की। थाना जीआरपी शामली के थानाध्यक्ष श्री पुष्पेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बालक की मदद की।
दिनांक 06-10-2026 को रेलवे स्टेशन कांधला पर पीएफ ड्यूटी में तैनात है0का0 639 सन्नी राणा को एक लड़का दिखाई दिया। बालक परेशान और सहमा हुआ था। है0का0 639 सन्नी राणा ने उससे परेशानी का कारण पूछा। बालक ने अपना नाम जावेद बताया। पुलिस ने उसका नाम जावेद बताया है, हालांकि यह उसका काल्पनिक नाम है।
पूछताछ के दौरान बालक अपने परिवारजनों और पते के बारे में सही जानकारी नहीं दे पा रहा था। बातचीत करने पर वह असामान्य प्रतीत हो रहा था। इस बारे में है0का0 639 सन्नी राणा ने दूरभाष के जरिए थाना जीआरपी शामली के थानाध्यक्ष को जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद है0का0 639 सन्नी राणा ने बालक जावेद (काल्पनिक नाम) को समझा-बुझाकर उचित माध्यम से थाना जीआरपी शामली पहुंचाया। थाने पर थानाध्यक्ष और है0का0 639 सन्नी राणा ने बालक से दोबारा बातचीत कर उसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। हालांकि, बालक सही तरीके से कोई जानकारी नहीं दे पा रहा था। पुलिस ने उसे खाना भी खिलाया।
इसके बाद थानाध्यक्ष ने सोशल मीडिया के जरिए बालक के परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पुलिस ने काफी प्रयास किए, जिसके बाद बालक के परिजनों का पता चला। उन्हें थाने पर बुलाया गया।
कुछ देर बाद बालक की माता श्रीमती नाजमा, निवासी थाना बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर, और उसके चाचा एहसान, निवासी उपरोक्त, थाना जीआरपी शामली पहुंचे। बालक की माता श्रीमती नाजमा ने बताया, “मेरा पुत्र जावेद (काल्पनिक नाम) जो मानसिक रूप से कमजोर है जिसका इलाज दिल्ली चल रहा है। जो रास्ता भटक कर इधर आ गया जिसकी हम सभी परिवारजन सुबह से तलाश कर रहे थे।”
पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के बाद बालक जावेद (काल्पनिक नाम) को सकुशल उसकी माता श्रीमती नाजमा और चाचा एहसान के सुपुर्द कर दिया। परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने जीआरपी शामली की मानवीय और त्वरित कार्रवाई की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
बालक जावेद (काल्पनिक नाम) को परिजनों को सौंपने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष श्री पुष्पेन्द्र कुमार, थाना जीआरपी शामली और है0का0 639 सन्नी राणा, थाना जीआरपी शामली शामिल रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जीआरपी शामली ने भटके बालक को कहां देखा था?
बालक रेलवे स्टेशन कांधला पर परेशान और सहमा हुआ मिला था।
भटके बालक का नाम क्या बताया गया?
बालक ने अपना नाम जावेद बताया था, हालांकि यह काल्पनिक नाम है।
पुलिस ने बालक के परिजनों का पता कैसे लगाया?
थानाध्यक्ष ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी जुटाकर उसके परिजनों का पता लगाया।
पुलिस ने बालक को किसे सौंपा?
आवश्यक कार्रवाई के बाद बालक को उसकी माता नाजमा और चाचा एहसान के सुपुर्द कर दिया गया।
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