प्रतापगढ़ अस्पताल में एक्सपायरी दवाओं का इस्तेमाल, दो स्टाफ निलंबित
प्रतापगढ़ के लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और ट्रॉमा सेंटर में एक्सपायरी दवाओं के इस्तेमाल का गंभीर मामला सामने आया है।
प्रतापगढ़ के लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और ट्रॉमा सेंटर में एक्सपायरी दवाओं के इस्तेमाल का गंभीर मामला सामने आया है। जब लालगंज के एसडीएम वाचस्पति सिंह की बेटी को बुखार के इलाज के दौरान कथित तौर पर एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन और ग्लूकोज दिया गया तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। बाद में जब दवाओं की एक्सपायरी डेट की जानकारी सामने आई तो मामला बड़े अधिकारियों तक पहुंच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने शुक्रवार को लालगंज CHC और ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल के स्टोर में रखी दवाओं के स्टॉक, एक्सपायरी डेट और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई। अगले दिन शनिवार सुबह ही कार्रवाई शुरू हो गई और अस्पताल के स्टोर से बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाएं और ग्लूकोज अलग करके हटाए गए।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्टोर प्रभारी अरविंद कुमार शुक्ला और फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे को निलंबित कर दिया है। स्टोर प्रभारी पर एक्सपायरी इंजेक्शन जारी करने का आरोप है जबकि फार्मासिस्ट पर इंजेक्शन लगाने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट की जांच नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
इस पूरे मामले से अस्पताल में दवाओं के रखरखाव और स्टॉक की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह भी जांच का विषय है कि बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं लंबे समय तक स्टोर में कैसे पड़ी रहीं और उन्हें समय रहते अलग क्यों नहीं किया गया। अस्पताल में दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच और एक्सपायरी दवाओं को हटाने की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय थी, यह भी जांच में स्पष्ट होना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रतापगढ़ के अस्पताल में क्या गलत हुआ?
लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सपायरी दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा था। एक अधिकारी की बेटी को बुखार के इलाज में एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन और ग्लूकोज दिया गया, जिसके बाद यह मामला सामने आया।
इस मामले में किन स्टाफ को निलंबित किया गया?
स्टोर प्रभारी अरविंद कुमार शुक्ला और फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे को निलंबित किया गया। शुक्ला पर एक्सपायरी इंजेक्शन जारी करने का आरोप है और दुबे पर इंजेक्शन लगाने से पहले एक्सपायरी डेट की जांच न करने का आरोप है।
अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने शुक्रवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अगले दिन शनिवार को स्टोर से बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाएं और ग्लूकोज अलग करके हटाए गए।
यह मामला कितना गंभीर है?
यह बहुत गंभीर है क्योंकि अस्पताल में दवाओं के रखरखाव और निगरानी की पूरी व्यवस्था में खामियां दिखीं। बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं लंबे समय तक स्टोर में पड़ी रहीं, जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता था।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 4
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।