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शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ यूपी में महाजुटान यात्रा रायबरेली पहुंची

उत्तर प्रदेश में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे को लेकर चल रही जेनजी महाजुटान यात्रा रायबरेली पहुंची। यह यात्रा नई शिक्षा नीति एनईपी 2020 के जरिए शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही है।

शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ यूपी में महाजुटान यात्रा रायबरेली पहुंची
Image credit: News Darpan Team

उत्तर प्रदेश में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे को लेकर चल रही जेनजी महाजुटान यात्रा रायबरेली पहुंची। यह यात्रा नई शिक्षा नीति एनईपी 2020 के जरिए शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही है।

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ एक यात्रा नहीं है। बल्कि नई शिक्षा नीति एनईपी 2020 के माध्यम से शिक्षा को बेचने की नीति के खिलाफ जुटान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। ताकि गरीब, दलित, आदिवासी, मुसलमान और बालिकाओं को शिक्षा से बाहर किया जा सके। कॉमरेड नेहा ने कहा कि हम स्कूल बचाने और हर स्कूल में टीचर, लैब, लाइब्ररी की लड़ाई लड़ रहे हैं।

इलाहाबाद से शुरू हुई यह यात्रा बनारस, आजमगढ़, गोरखपुर, अयोध्या, लखनऊ होते हुए रायबरेली आई। आइसा के साथ भाकपा (माले), इंकलाबी नौजवान सभा आदि संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए।

विकास भवन परिसर में हुई सभा के दौरान आइसा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड मनीष कुमार ने कहा कि यूपी में शिक्षकों के लाखों पद खाली हैं। लेकिन सरकार भर्ती नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में छात्र संघों पर प्रतिबंध है। ताकि छात्र रोजगार का सवाल न उठा सकें। कॉमरेड मनीष ने कहा कि ये महाजुटान शिक्षा और रोजगार को एक लड़ाई के दो हिस्से के तौर पर जोड़ रही है।

भाकपा के जिला सचिव हनोमान अंबेडकर ने कहा कि रायबरेली में आवासीय विद्यालयों और प्राथमिक विद्यालयों की हालत बहुत खराब हैं। आवासीय विद्यालयों में छात्रावास सुरक्षित नहीं हैं। कहीं बिजली नहीं तो कहीं शिक्षकों का अभाव है। प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय, फर्नीचर गायब है। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन में भ्रष्टाचार रिकॉर्ड स्तर पर है। हनोमान अंबेडकर ने कहा कि आज हमें अपने स्कूल बचाने के लिए आगे आना होगा।

सभा में डॉ. राम कुमार निषाद और अरुण यादव ने भी विचार व्यक्त किए। आइसा के संयोजक दुष्यंत कुमार ने सभी का आभार जताया। संचालन इंकलाबी नौजवान सभा के जिला सचिव उदय पटेल ने किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाजुटान यात्रा क्या है और यह किस चीज के खिलाफ है?

यह उत्तर प्रदेश में चल रही एक यात्रा है जो नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के माध्यम से शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ आवाज उठा रही है। यह यात्रा इलाहाबाद से शुरू हुई और बनारस, आजमगढ़, गोरखपुर, अयोध्या, लखनऊ होते हुए रायबरेली आई।

आइसा की नेशनल अध्यक्ष कॉमरेड नेहा का मुख्य आरोप क्या है?

कॉमरेड नेहा का कहना है कि सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं ताकि गरीब, दलित, आदिवासी, मुसलमान और बालिकाओं को शिक्षा से बाहर किया जा सके। वह स्कूल बचाने और हर स्कूल में शिक्षक, लैब और लाइब्ररी की लड़ाई लड़ने की बात कर रही हैं।

यूपी में शिक्षा की स्थिति कैसी है?

यूपी में शिक्षकों के लाखों पद खाली हैं लेकिन सरकार भर्ती नहीं कर रही। विश्वविद्यालयों में छात्र संघों पर प्रतिबंध है। रायबरेली में आवासीय और प्राथमिक विद्यालयों की हालत बहुत खराब है - छात्रावास सुरक्षित नहीं हैं, बिजली नहीं है, शिक्षकों की कमी है, और शौचालय व फर्नीचर गायब हैं।

इस यात्रा में कौन-कौन से संगठन शामिल हैं?

इस यात्रा में आइसा के साथ भाकपा (माले) और इंकलाबी नौजवान सभा जैसे संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हैं।

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