शीतला देवी निलंबित, स्कूल में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे
फिरोजाबाद के अरांव ब्लॉक में उच्च प्राथमिक विद्यालय जरैला की प्रधानाध्यापिका शीतला देवी को वित्तीय अनियमितताओं और स्कूल के अभिलेखों में गड़बड़ी के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
फिरोजाबाद के अरांव ब्लॉक में उच्च प्राथमिक विद्यालय जरैला की प्रधानाध्यापिका शीतला देवी को वित्तीय अनियमितताओं और स्कूल के अभिलेखों में गड़बड़ी के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनिल कुमार ने बताया कि गंभीर आरोपों की पुष्टि होने और समय पर जवाब न देने के चलते यह कार्रवाई की गई है।
बीएसए ने बताया कि छह जुलाई को संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान विद्यालय के सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों और परिचारक ने शीतला देवी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विद्यालय के अभिलेखों में हेरफेर, कंपोजिट ग्रांट के गलत इस्तेमाल, मूलभूत सुविधाओं की कमी और मिड-डे मील के लिए गैस सिलिंडर की जगह चूल्हे का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा विद्यार्थियों के नाम काटने, टीसी पर प्रतिकूल टिप्पणी लिखने और अभिलेख न दिखाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे।
शिकायत की जांच जसराना के खंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह से कराई गई। 10 जुलाई को हुई जांच में प्रवेश रजिस्टर में कई विद्यार्थियों की जन्मतिथि और अन्य विवरणों पर कटिंग और ओवरराइटिंग पाई गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के भुगतान आदेशों और पीएफ एमएस पर अध्यक्ष के हस्ताक्षर भी गायब पाए गए।
इसके बाद विभागीय आदेश के तहत शीतला देवी को तीन अगस्त तक स्पष्टीकरण देने का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बीएसए ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में जवाब न मिलने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शीतला देवी को क्यों निलंबित किया गया?
शीतला देवी, फिरोजाबाद के अरांव ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय जरैला की प्रधानाध्यापिका को वित्तीय अनियमितताओं और स्कूल के अभिलेखों में गड़बड़ी के आरोपों में निलंबित किया गया है। उन्होंने दिए गए समय सीमा में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।
स्कूल के कर्मचारियों ने कौन-कौन सी शिकायतें दर्ज कराई थीं?
सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों और परिचारक ने आरोप लगाए कि अभिलेखों में हेरफेर की गई, कंपोजिट ग्रांट का गलत इस्तेमाल हुआ, मिड-डे मील के लिए गैस सिलिंडर की जगह चूल्हे का उपयोग किया जा रहा है, विद्यार्थियों के नाम काटे गए और टीसी पर प्रतिकूल टिप्पणी लिखी गई।
जांच में क्या-क्या खामियां सामने आईं?
जांच में प्रवेश रजिस्टर में विद्यार्थियों की जन्मतिथि और अन्य विवरणों पर कटिंग और ओवरराइटिंग पाई गई। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2025-26 के भुगतान आदेशों और पीएफ एमएस पर अध्यक्ष के हस्ताक्षर गायब मिले।
शीतला देवी को जवाब देने के लिए कितना समय दिया गया था?
विभागीय आदेश के तहत शीतला देवी को 3 अगस्त तक स्पष्टीकरण देने का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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