मुरैना में लड़ते सांडों की चपेट में आए दो राहगीर, घायल
मुरैना में आवारा गोवंश के कारण हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। शहर की एमएस रोड पर रविवार देर शाम दो सांड आपस में भिड़ गए।
मुरैना में आवारा गोवंश के कारण हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। शहर की एमएस रोड पर रविवार देर शाम दो सांड आपस में भिड़ गए। लड़ते हुए सांड सड़क पर दौड़ने लगे और रास्ते से गुजर रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में स्कूटी सवार और रिक्शा से टकराने के बाद 2 राहगीर घायल हो गए।
बताया गया कि एमएस रोड पर दो सांड अचानक आपस में लड़ने लगे। कुछ ही देर में दोनों सांड सड़क पर इधर-उधर दौड़ने लगे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे लोग उनकी चपेट में आ गए। पहले एक सांड स्कूटी सवार से टकराया। इसके बाद वही सांड रिक्शा से जा भिड़ा। घटना में दो राहगीर घायल हुए।
सांडों की लड़ाई और राहगीरों से टक्कर के बाद सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। लोग सांडों से बचने की कोशिश करते नजर आए। अचानक हुए इस हादसे से एमएस रोड से गुजर रहे लोगों में परेशानी और डर का माहौल बन गया।
शहर की सड़कों पर घूम रहा आवारा गोवंश लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बन रहा है। नगर पालिका की लापरवाही के चलते शहरवासी इनके कारण परेशान होने के साथ-साथ हादसों का शिकार भी हो रहे हैं। कहीं बाइक और कार सवार गोवंश से टकरा रहे हैं, तो कहीं आपस में लड़ते सांड राहगीरों को चोटिल कर रहे हैं।
शहर में आवारा गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए देवरी स्थित शासकीय गोशाला संचालित की जा रही है। इसके बावजूद सड़कों और प्रमुख मार्गों पर गोवंश खुलेआम घूमता हुआ नजर आता है। सरकारी गोशाला होने के बाद भी आवारा गोवंश का सड़कों पर मौजूद रहना लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम नियमित रूप से आवारा गोवंश को पकड़कर गोशाला पहुंचाने की कार्रवाई करे, तो इस तरह के हादसों पर काफी हद तक रोक लग सकती है। लोगों के मुताबिक, सड़कों पर घूम रहे गोवंश को सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चलाने की जरूरत है।
शहर के प्रमुख मार्गों पर आवारा गोवंश की मौजूदगी वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। गोवंश अचानक सड़क पर आ जाता है या आपस में लड़ने लगता है, तो वाहन चालकों और राहगीरों के लिए बचना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में लोग घायल हो रहे हैं।
इसके बावजूद नियमित रेस्क्यू अभियान नहीं चलाए जाने से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि गोवंश को सड़कों से हटाकर गोशाला पहुंचाने की जिम्मेदारी पर लगातार काम होना चाहिए, ताकि एमएस रोड और शहर के दूसरे प्रमुख मार्गों पर इस तरह के हादसे न हों।
मामले में नगर निगम कमिश्नर सतेंद्र सिंह धाकरे का पक्ष जानने के लिए फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस वजह से मामले में नगर निगम का पक्ष नहीं मिल सका।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुरैना में हादसा कहां हुआ?
हादसा रविवार देर शाम शहर की एमएस रोड पर हुआ।
हादसे में कितने लोग घायल हुए?
लड़ते सांडों की चपेट में आने से दो राहगीर घायल हुए।
राहगीर कैसे घायल हुए?
पहले एक सांड स्कूटी सवार से टकराया और इसके बाद रिक्शा से जा भिड़ा।
मुरैना में आवारा गोवंश की समस्या क्यों बनी हुई है?
शहर की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर गोवंश खुलेआम घूम रहा है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है।
लोगों ने हादसे रोकने के लिए क्या मांग की है?
लोगों ने आवारा गोवंश को नियमित रूप से पकड़कर गोशाला पहुंचाने और लगातार रेस्क्यू अभियान चलाने की मांग की है।
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