News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
यूपी विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना, 152 उम्मीदवारों का फैसलाबहराइच में बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर सील, दो दवाओं के सैंपल भेजेमुरैना में तीसरी मंजिल से कूदी महिला, दिल्ली रेफर; हालत नाजुकबंडा में जीएसटी अधिकारी के घर लोकायुक्त छापा, संपत्ति की जांच जारीखलोटा के पास एनएच-205 पर सड़क धंसी, यातायात डायवर्टआगरा में स्नातक-शिक्षक सीटों की मतगणना सुबह 8 बजे सेमध्य प्रदेश बीजेपी के नए कोर ग्रुप में नरोत्तम मिश्रा का नाम नहींहाथरस के सहपऊ बाजार में गोपाल गारमेंट की दुकान में भीषण आग
Agriculture General

जेल और मुकदमों के बीच हथकड़ी में परीक्षा, जैनेंद्र ने पाई 12वीं रैंक

भिंड जिले के डोंगरपुरा गांव निवासी और किसान परिवार के बेटे जैनेंद्र कुमार निगम ने तमाम मुश्किलों के बीच MPPSC परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल की है। जैनेंद्र ने DSP बनने का सपना देखा था।

जेल और मुकदमों के बीच हथकड़ी में परीक्षा, जैनेंद्र ने पाई 12वीं रैंक
Image credit: News Darpan Team

भिंड जिले के डोंगरपुरा गांव निवासी और किसान परिवार के बेटे जैनेंद्र कुमार निगम ने तमाम मुश्किलों के बीच MPPSC परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल की है। जैनेंद्र ने DSP बनने का सपना देखा था। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने ऐसे हालात में भी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी, जब उनकी जिंदगी पारिवारिक रंजिश, हमले, घर जलाए जाने की घटना और जेल में बिताए दिनों से घिर गई थी।

जैनेंद्र कुमार निगम की संघर्षगाथा अब उनकी कामयाबी के साथ सामने आई है। पारिवारिक विवाद के चलते उन्हें मुकदमों का सामना करना पड़ा और जेल भी जाना पड़ा। इन मुश्किलों ने उनकी राह को लगातार कठिन बनाया, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया।

उनकी कहानी का सबसे चर्चित पहलू यह है कि उन्होंने हथकड़ी पहनकर MPPSC की परीक्षा दी। एक तरफ उन पर कानूनी मुकदमों का दबाव था और दूसरी तरफ DSP बनने का सपना। इन दोनों परिस्थितियों के बीच भी जैनेंद्र ने परीक्षा की तैयारी जारी रखी और परीक्षा में शामिल हुए।

पारिवारिक रंजिश के दौरान जैनेंद्र और उनके परिवार को कई कठिन घटनाओं से गुजरना पड़ा। उनके परिवार पर हमला हुआ। घर जलाए जाने की घटना भी सामने आई। इन घटनाओं के बाद उनके सामने निजी और कानूनी, दोनों तरह की परेशानियां बढ़ गईं।

जेल में बिताए दिनों और मुकदमों के बीच जैनेंद्र के लिए पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने अपने सपने को छोड़ा नहीं। परिस्थितियां बार-बार उनके सामने चुनौती बनकर आती रहीं, लेकिन वह अफसर बनने के अपने लक्ष्य पर टिके रहे।

साल 2024 में मुकदमों से बरी होने के बाद जैनेंद्र ने MPPSC परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल की। इस कामयाबी के साथ उनका DSP बनने का सपना पूरा हुआ। उनकी सफलता उस लंबे संघर्ष के बाद मिली, जिसमें उन्हें जेल जाना पड़ा, हथकड़ी पहनकर परीक्षा देनी पड़ी और परिवार पर हमले तथा घर जलाए जाने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा।

जैनेंद्र की यह उपलब्धि केवल MPPSC में 12वीं रैंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। यह उन हालात के बीच मिली कामयाबी है, जिन्होंने उनके रास्ते में लगातार रुकावटें खड़ी कीं। उन्होंने मुश्किल दौर में भी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी जारी रखी।

भिंड के डोंगरपुरा गांव के जैनेंद्र कुमार निगम की कहानी बताती है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, मंजिल पाने का जुनून हो तो रास्ते निकल आते हैं। मुकदमों और पारिवारिक संघर्ष के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैनेंद्र कुमार निगम ने MPPSC परीक्षा में कौन-सी रैंक हासिल की?

जैनेंद्र कुमार निगम ने MPPSC परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल की।

जैनेंद्र ने MPPSC परीक्षा किस हालत में दी?

जैनेंद्र ने जेल और मुकदमों के बीच हथकड़ी पहनकर MPPSC परीक्षा दी।

जैनेंद्र कुमार निगम का सपना क्या था?

जैनेंद्र का DSP बनने का सपना था, जो MPPSC में सफलता के साथ पूरा हुआ।

जैनेंद्र को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा?

उन्हें पारिवारिक रंजिश, मुकदमों, जेल, परिवार पर हमले और घर जलाए जाने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

जैनेंद्र को मुकदमों से कब बरी किया गया?

जैनेंद्र को साल 2024 में मुकदमों से बरी किया गया।

#12वीं रैंक#dsp#jainendra kumar nigam#mppsc#भिंड

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    शामली में परिवार पर जानलेवा हमले का आरोप, दो महिलाएं गंभीर

  2. 2

    54वें विशाल कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम, काजल बनीं महिला केसरी और …

  3. 3

    श्रावस्ती में बड़ा फेरबदल, कई अफसरों के बदले प्रभार

  4. 4

    हाथरस के ऐहन गांव में ठाकुर जी मेले पर सजा कुश्ती दंगल

  5. 5

    महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है शहडोल का शमी वृक्ष

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।