पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल यूपी की राजनीति में उतरेंगी, मुलाकात के दावे नकारे
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल यूपी की राजनीति में उतरेंगी, देर रात मुलाकात के दावे को नकारा दिव्या मित्तल का कहना है कि वह उत्तर प्रदेश में राजनीति में उतरेंगी, देर रात मुलाकात के दावों को खारिज किया
दिव्या मित्तल का कहना है कि वह उत्तर प्रदेश में राजनीति में उतरेंगी, देर रात मुलाकात के दावों को खारिज किया
आईएएस छोड़ चुकीं दिव्या मित्तल ने ऐलान किया है कि वह अब उत्तर प्रदेश में राजनीति करेंगी, हालांकि उन्होंने कहा है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगी।
एक वीडियो मैसेज में मित्तल ने अपने इस्तीफे के बाद उठे सवालों का भी जवाब दिया और इस दावे को खारिज किया कि उन्होंने किसी दूसरी बड़ी पार्टी के एक बड़े नेता से “रात के अंधेरे में” मुलाकात की थी।
मित्तल ने कहा कि उनके इस्तीफे के कुछ ही घंटों के भीतर, उनके खिलाफ एक कथित मुलाकात का दावा सोशल मीडिया पर फैलना शुरू हो गया।
मित्तल के मुताबिक, एक बड़ी पार्टी के एक प्रदेश प्रवक्ता ने उनके बारे में लिखा कि उन्होंने रात में किसी दूसरी बड़ी पार्टी के एक बड़े नेता से मुलाकात की थी, जबकि ऐसी कोई मुलाकात हुई ही नहीं थी।
उन्होंने कहा कि जिसने यह लिखा, उसे भी पता था कि यह दावा सच नहीं है, लेकिन मकसद सच लिखना नहीं था।
मित्तल ने कहा कि मकसद “सवाल पूछने निकली एक महिला” को पहले ही दिन डराना था।
उनका जवाब इसलिए अहम है क्योंकि उन्होंने अपने इस्तीफे के आसपास उठे विवाद को सिर्फ एक आरोप से नहीं, बल्कि उस बड़ी कोशिश से भी जोड़ा, जिसे उन्होंने आम लोगों और अच्छे लोगों को राजनीति में आने से रोकने की कोशिश बताया।
“मैं डरूंगी नहीं,” मित्तल कहती हैं
मित्तल ने कहा कि आम लोगों और अच्छे लोगों को राजनीति में आने से रोकने की कोशिश के लिए एफआईआर और सोशल मीडिया ट्रोलिंग का इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने कहा, “इसलिए मैं डरूंगी नहीं, मैं सवाल पूछूंगी, ताकि इस देश की हर छोटी बच्ची अपने मन की बात कह सके और उसे रात के अंधेरे का डर न दिखाया जाए।”
मित्तल के बयान ने उनके राजनीतिक कदम को किसी मौजूदा पार्टी ढांचे में एंट्री के तौर पर नहीं, बल्कि सवाल पूछने की कोशिश के तौर पर पेश किया।
उन्होंने कहा कि अपने इस्तीफे के बाद, वह उन्हीं लोगों के साथ काम करेंगी जिन्होंने उनका साथ दिया, ताकि एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जा सके जो किसी से डरे नहीं और देश के भविष्य को लेकर चिंतित रहे।
मित्तल के मुताबिक, “मुझे वंचित लोगों की आवाज बनना है।”
उन्होंने कहा कि राजनीति को बदलना होगा और अच्छी नीयत वाली राजनीति करनी होगी।
इसी के साथ, उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी के साथ राजनीति नहीं करेंगी, बल्कि सिर्फ आम लोगों के साथ राजनीति करेंगी।
मित्तल ने यह भी कहा कि जिन झंडों के नीचे 80 साल में जवाबदेही नहीं मिली, उन्हीं झंडों के नीचे खड़े होकर जवाबदेही नहीं मांगी जा सकती।
उनके शब्दों से साफ हुआ कि वह खुद को स्थापित राजनीतिक पार्टियों के प्रतीकों से दूर रख रही हैं, और अपनी प्रस्तावित राजनीति को जनता के समर्थन पर आधारित बता रही हैं।
जिस आरोप से उनका जवाब सामने आया
सोर्स में जिस विवाद का जिक्र है, वह तब शुरू हुआ जब बीजेपी नेता प्रशांत उमराव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आईएएस दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर सवाल उठाए।
उमराव ने आरोप लगाया कि मित्तल ने राहुल गांधी से “रात के अंधेरे में” मुलाकात करने के बाद इस्तीफा दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह आने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव में विपक्ष का एजेंडा फैलाने की साजिश थी।
मित्तल के वीडियो जवाब ने सीधे तौर पर ऐसी किसी मुलाकात के होने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि यह आरोप तब लगाया गया, जबकि इसे लिखने वाले व्यक्ति को सच पता था।
इसलिए यह विवाद दो बिल्कुल अलग सार्वजनिक दावों पर टिका है: उमराव का राहुल गांधी से मुलाकात का आरोप, और मित्तल का इस बात से इनकार कि ऐसी कोई मुलाकात हुई।
सोर्स यह भी कहता है कि उमराव ने मित्तल पर आत्ममुग्धता, जनसंपर्क की चाहत, और ज्वाइंट सेक्रेटरी का पद छोड़कर सीधे कमिश्नर बनने की इच्छा रखने का आरोप लगाया।
उमराव ने आगे आरोप लगाया कि मित्तल केंद्र सरकार की “हर घर जल” योजना का क्रेडिट लेती थीं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज करती थीं।
सोर्स यह भी जोड़ता है कि प्रशांत ने दिव्या मित्तल के पति के खिलाफ भी आरोप लगाए।
इन आरोपों को उमराव की तरफ से किए गए दावों के तौर पर रिपोर्ट किया गया, साबित तथ्य के तौर पर नहीं।
मित्तल का जवाब, जैसा रिपोर्ट किया गया, खास तौर पर रात में मुलाकात के दावे और आरोपों तथा ट्रोलिंग के जरिए डराने-धमकाने की बात पर केंद्रित था।
वीडियो मैसेज और लोगों तक पहुंचने की कोशिश
सोर्स में जिस वीडियो मैसेज का जिक्र है, उसमें मित्तल ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले आईएएस से इस्तीफा दिया था और लोगों के मन में कई सवाल छोड़ दिए थे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने वीडियो में अपनी बात रखी है।
मैसेज में लोगों से यह भी कहा गया कि अगर उन्हें लगता है कि उनकी बात भी मित्तल की बात है, तो वे 9198956957 पर व्हाट्सऐप मैसेज भेजें।
यह अपील मित्तल की उस बताई गई योजना से मेल खाती है, जिसमें वह अपने इस्तीफे के बाद उनका साथ देने वाले लोगों के साथ एक प्लेटफॉर्म बनाना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म किसी से नहीं डरेगा और देश के भविष्य को लेकर चिंतित रहेगा।
मित्तल की बताई गई स्थिति यह है कि वह किसी मौजूदा पार्टी के साथ जुड़ने के बजाय आम लोगों के साथ राजनीतिक तौर पर काम करेंगी।
सोर्स यह नहीं कहता कि वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो गई हैं।
यह इसके उलट कहता है: कि वह किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगी।
चुनाव लड़ने की अटकलों पर अजय राय
सोर्स में मित्तल के राजनीति में आने और चुनाव लड़ने की अटकलों का भी जिक्र है।
इस मुद्दे पर, जब अजय राय से पूछा गया कि अगर मित्तल चुनाव लड़ती हैं तो क्या कांग्रेस उन्हें टिकट देगी, तब उन्होंने बयान दिया।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति समाज में काम करना चाहता है और लड़ना चाहता है, तो पार्टी उस व्यक्ति पर निश्चित रूप से विचार करेगी।
राहुल गांधी से मुलाकात के सवाल पर अजय राय ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में अच्छा काम करने वाले अफसर राहुल गांधी से जुड़ रहे हैं।
राय की टिप्पणियां मित्तल के संभावित चुनाव लड़ने और राहुल गांधी से मुलाकात के आरोप से जुड़े सवालों के संदर्भ में की गईं।
हालांकि, मित्तल ने अपने खुद के मैसेज में कहा है कि वह आम लोगों के साथ राजनीति करेंगी और किसी पार्टी के साथ नहीं।
यह फर्क उनके ऐलान के केंद्र में है, क्योंकि उनके इस्तीफे के आसपास तुरंत जो राजनीतिक चर्चा शुरू हुई, उसमें पार्टियों, टिकटों और राहुल गांधी से संभावित मुलाकात के दावे शामिल रहे हैं।
मित्तल की स्थिति, जैसा रिपोर्ट किया गया, यह है कि वह उत्तर प्रदेश में राजनीति में उतरेंगी, पार्टी से जुड़ने को खारिज करेंगी, और आरोपों तथा ट्रोलिंग के बावजूद सवाल पूछती रहेंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिव्या मित्तल ने क्या ऐलान किया है?
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने कहा है कि वह अब उत्तर प्रदेश में राजनीति करेंगी, लेकिन किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगी।
क्या दिव्या मित्तल ने राहुल गांधी से रात में मुलाकात की थी?
दिव्या मित्तल ने ऐसे दावे को साफ तौर पर खारिज किया है। उनका कहना है कि ऐसी कोई मुलाकात हुई ही नहीं।
दिव्या मित्तल ने आरोपों पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफे के कुछ घंटों बाद ही सोशल मीडिया पर झूठा दावा फैलाया गया, जिसका मकसद सवाल पूछने निकली एक महिला को डराना था।
दिव्या मित्तल किस तरह की राजनीति करना चाहती हैं?
उनका कहना है कि वह आम लोगों के साथ राजनीति करेंगी, वंचित लोगों की आवाज बनेंगी और ऐसी राजनीति करेंगी जो किसी से डरे नहीं।
यह विवाद किस आरोप से शुरू हुआ?
लेख के मुताबिक, बीजेपी नेता प्रशांत उमराव ने एक्स पर दावा किया था कि मित्तल ने राहुल गांधी से रात में मुलाकात के बाद इस्तीफा दिया और विपक्ष का एजेंडा फैलाने की साजिश थी।
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