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यूरोपीय संघ चीन के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी में

हाइब्रिड कार समझौते के बाद यूरोपीय संघ चीन से बातचीत जारी रखते हुए उसकी व्यापार नीतियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

यूरोपीय संघ चीन के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी में
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हाइब्रिड कारों पर समझौते से उत्साहित यूरोप का चीन के खिलाफ सख्त रुख

हाइब्रिड कारों पर समझौते से उत्साहित यूरोप का चीन के खिलाफ सख्त रुख

ब्रसेल्स चीन की व्यापार नीतियों पर अपनी कार्रवाई और तेज करने की तैयारी कर रहा है। यूरोपीय संघ इस नतीजे पर पहुंचा है कि चीन को दी जा रही उसकी धमकियों का असर अब दिखने लगा है।

इस रुख में बदलाव पिछले हफ्ते चीन के साथ यूरोपीय संघ के अचानक हुए हाइब्रिड कार समझौते के बाद आया है। इस समझौते से बीजिंग पर दबाव कम होने की उम्मीद थी। लेकिन इसके उलट, ब्रसेल्स के अंदर यह राय और मजबूत हुई है कि चीन के खिलाफ सख्त रुख काम कर सकता है।

यूरोपीय संघ का दो रास्तों वाला रुख

अब इस गुट की व्यापार नीति तय करने वाले लोगों का मानना है कि यूरोपीय संघ एक ऐसे फॉर्मूले तक पहुंच गया है, जिसमें दो रास्ते शामिल हैं। चीन के साथ लगातार और गहन बातचीत से नतीजे मिले हैं। इसलिए यह बातचीत आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

इसी समय, यूरोपीय संघ चीन की उन नीतियों का मुकाबला जारी रखने की योजना बना रहा है, जिन्हें वह व्यापार को बिगाड़ने वाली नीतियां मानता है। इस तरह के रुख में बातचीत के साथ-साथ चीन की व्यापार नीतियों के खिलाफ ज्यादा कड़ी कार्रवाई भी शामिल है।

फ्रांस और जर्मनी की चेतावनी

ब्रसेल्स में यह साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है कि बीजिंग ने पिछले हफ्ते फ्रांस और जर्मनी की ओर से दी गई धमकी पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। फ्रांस और जर्मनी यूरोपीय संघ के दो सबसे बड़े सदस्य हैं। दोनों देशों ने चीनी कंपनियों के लिए अपना मार्केट जल्दी बंद करने की धमकी दी थी।

इस घटना से बर्लिन के रुख में बड़ा और अचानक बदलाव दिखा। यूरोप में जर्मनी चीन का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और बाकी देशों से काफी आगे है। सूत्र के मुताबिक, जर्मनी पहले जोरदार कार्रवाई के खिलाफ रहा है।

इसलिए हाइब्रिड कारों का समझौता बीजिंग पर दबाव कम करने का कोई व्यापक कदम नहीं बना है। इसके बजाय, इस समझौते से यूरोपीय संघ के नीति बनाने वालों को बातचीत जारी रखने और साथ ही उन नीतियों को चुनौती देने की कोशिशें तेज करने का हौसला मिला है, जिन्हें वे व्यापार को बिगाड़ने वाली नीतियां मानते हैं।

स्रोत: South China Morning Post

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूरोपीय संघ चीन के खिलाफ कार्रवाई क्यों तेज करने की तैयारी कर रहा है?

यूरोपीय संघ को लगता है कि चीन को दी गई उसकी धमकियों का असर दिखने लगा है और सख्त रुख काम कर सकता है।

हाइब्रिड कारों के समझौते का यूरोपीय संघ की नीति पर क्या असर पड़ा?

इस समझौते से यूरोपीय संघ के नीति बनाने वालों को चीन से बातचीत जारी रखने और उसकी व्यापार नीतियों को चुनौती देने का हौसला मिला।

यूरोपीय संघ चीन के खिलाफ किस तरह की रणनीति अपना रहा है?

यूरोपीय संघ चीन से लगातार बातचीत के साथ-साथ उन नीतियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखना चाहता है, जिन्हें वह व्यापार बिगाड़ने वाली मानता है।

फ्रांस और जर्मनी ने चीनी कंपनियों को क्या चेतावनी दी थी?

दोनों देशों ने चीनी कंपनियों के लिए अपना मार्केट जल्दी बंद करने की धमकी दी थी।

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