76 साल के संत का अयोध्या की ओर पैदल यात्रा, साथ राम कथा का अखंड पाठ
अलीगढ़ से अयोध्या धाम की पदयात्रा पर निकले बुजुर्ग संतों के जत्थे का प्राचीन श्री हनुमान मंदिर चिलबिला में भव्य स्वागत किया गया।
अलीगढ़ से अयोध्या धाम की पदयात्रा पर निकले बुजुर्ग संतों के जत्थे का प्राचीन श्री हनुमान मंदिर चिलबिला में भव्य स्वागत किया गया। मंदिर समिति के महासचिव एवं समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने संतों का अंगवस्त्र पहनाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया।
76 वर्षीय संत मोहनदास महाराज के नेतृत्व में 12 बुजुर्ग संतों ने 30 अगस्त को अलीगढ़ से पदयात्रा शुरू की थी। यात्रा चित्रकूट धाम और प्रयागराज होते हुए चिलबिला पहुंची। मंदिर परिसर में संतों के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था की गई।
चिलबिला पहुंचने पर संतों ने स्नान कर श्री हनुमान जी महाराज का विधिवत पूजन-अर्चन किया। मंदिर में विश्राम करने के बाद उन्होंने प्रसाद ग्रहण किया। संतों की इस धार्मिक पदयात्रा की खास बात यह है कि उनके साथ चल रहे ट्रैक्टर पर श्रीराम दरबार स्थापित है और श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ निरंतर चल रहा है।
दो-दो संत बारी-बारी से मानस पाठ करते हैं, जबकि अन्य संत पैदल यात्रा करते हैं। चित्रकूट धाम में एक बार अखंड पाठ पूरा हो चुका है और वर्तमान में दूसरी बार अखंड पाठ चल रहा है।
पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे मोहनदास महाराज ने बताया कि अलीगढ़ से यात्रा प्रारंभ करने के बाद चित्रकूट पहुंचकर कामदगिरि की परिक्रमा की गई। इसके बाद प्रयागराज में स्नान कर विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हुए यात्रा आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि चिलबिला स्थित श्री हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन और संतों के सम्मान से सभी यात्री अभिभूत हैं। आगे अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया जाएगा।
समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा, "बुजुर्ग संतों की सेवा करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिलना हनुमान जी महाराज की कृपा है। संतों का सम्मान और सेवा हमारे लिए सौभाग्य की बात है।"
इस मौके पर शनि महाराज, हरिनाम सिंह, विवेक यादव, आदर्श कुमार, अनिल दक्ष, महेंद्र वर्मा, शिव चेतन बाबा, अशोक कुमार सिंह, राजकुमार सिंह, संतोष सिंह, राजवीर सिंह, नेपाल सिंह, लालाराम हलवाई, ध्यान पाल सिंह, रविंद्र पाल सिंह, वीरेस सिंह, वेद प्रकाश शर्मा सहित संत एवं मंदिर समिति के लोग मौजूद रहे।
पदयात्रा में शामिल सभी बुजुर्ग संत अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन करने के लिए उत्साहित हैं। यह धार्मिक यात्रा श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम है, जहां बुजुर्ग संतों ने पदयात्रा के साथ-साथ श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ की परंपरा को भी जारी रखा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ये पदयात्रा कहाँ से शुरू हुई और कहाँ जा रही है?
76 साल के संत मोहनदास महाराज के नेतृत्व में 12 बुजुर्ग संतों की पदयात्रा 30 अगस्त को अलीगढ़ से शुरू हुई। यह यात्रा चित्रकूट धाम और प्रयागराज होते हुए अयोध्या धाम की ओर जा रही है।
इस यात्रा की खास बात क्या है?
इस पदयात्रा की खास बात यह है कि साथ चल रहे ट्रैक्टर पर श्रीराम दरबार स्थापित है और श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ लगातार चल रहा है। दो-दो संत बारी-बारी से मानस पाठ करते हैं, जबकि बाकी संत पैदल यात्रा करते हैं। चित्रकूट में एक बार अखंड पाठ पूरा हो चुका है और दूसरी बार का पाठ चल रहा है।
चिलबिला में संतों का स्वागत कैसे किया गया?
चिलबिला के प्राचीन श्री हनुमान मंदिर में संतों का भव्य स्वागत किया गया। मंदिर समिति के महासचिव रोशनलाल उमरवैश्य ने संतों को अंगवस्त्र पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मान किया। संतों के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था की गई।
यात्रा के दौरान संत कहाँ-कहाँ दर्शन-पूजन करते हैं?
यात्रा में चित्रकूट पहुंचकर कामदगिरि की परिक्रमा की गई, प्रयागराज में स्नान किया और विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। आगे अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया जाएगा।
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