संभल में बिजली विभाग को किसान को कनेक्शन न देने का भारी नुकसान
संभल के एक किसान को ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं देना बिजली विभाग को भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता आयोग ने विभाग को आदेश दिया है कि वह दो महीने के अंदर किसान को बिजली कनेक्शन दे, वरना संबंधित अधिकारियों के
संभल के एक किसान को ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं देना बिजली विभाग को भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता आयोग ने विभाग को आदेश दिया है कि वह दो महीने के अंदर किसान को बिजली कनेक्शन दे, वरना संबंधित अधिकारियों के वेतन से एक लाख रुपए की वसूली की जाएगी।
संभल के ग्राम घासीपुर निवासी प्रेमपाल ने अपने खेत गाटा संख्या 892 पर कृषि कार्य के लिए वर्ष 2018-19 में सामान्य योजना के तहत निजी नलकूप लगाने के लिए बिजली विभाग में आवेदन किया था। उनका आवेदन दिसंबर 2018 में स्वीकृत हो गया था।
स्वीकृति के बाद प्रेमपाल ने नियमानुसार धनराशि भी जमा कर दी, लेकिन बिजली विभाग ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। प्रेमपाल ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी संभल से भी की। इस पर विभाग ने उन्हें बताया कि अगर चाहें तो जमा योजना के तहत निजी नलकूप लगवा सकते हैं या फिर अपनी जमा राशि वापस ले सकते हैं।
मजबूर होकर प्रेमपाल उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय से मिले और अपनी पूरी परेशानी बताई। अधिवक्ता ने उनकी ओर से जिला उपभोक्ता आयोग संभल में परिवाद दायर किया।
आयोग ने बिजली विभाग को तलब किया तो विभाग ने बताया कि जो लक्ष्य प्राप्त हुआ था उसमें वादी का नाम भी शामिल है, लेकिन वादी के नाम एक निजी नलकूप सामान्य योजना में पहले से ही चल रहा है, इसलिए दूसरा कनेक्शन नहीं दिया जा सकता।
इस पर अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय ने विरोध करते हुए कहा कि बिजली संहिता में ऐसा कोई नियम नहीं है कि अगर किसी एक व्यक्ति के नाम कोई निजी नलकूप पहले से हो तो दूसरा कनेक्शन नहीं दिया जा सकता।
आयोग ने दोनों पक्षों की बहस सुनी और अपना आदेश देते हुए कहा कि परिवाद स्वीकार किया जाता है। विपक्षीगण को आदेश दिया गया है कि वे परिवादी के गाटा संख्या 892 पर निजी नलकूप 7.5 हॉर्सपावर सामान्य योजना के तहत दो महीने के अंदर स्थापित करके बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें।
इसके अलावा विपक्षीगण को परिवादी को मुआवजे के रूप में 25000 रुपए मानसिक कष्ट एवं आर्थिक हानि की मद में तथा 2500 रुपए वाद व्यय की मद में भी देने होंगे। तय अवधि में आदेश का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में क्षतिपूर्ति की राशि एक लाख रुपए परिवाद दायर करने की तारीख से 9 फीसदी सालाना ब्याज के साथ देनी होगी। यह राशि संबंधित अधिशासी अभियंता, उप खंड अधिकारी और अवर अभियंता के वेतन से काटकर दी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संभल में किसान को बिजली कनेक्शन क्यों नहीं दिया गया?
बिजली विभाग ने दावा किया कि किसान प्रेमपाल के नाम पर पहले से एक निजी नलकूप चल रहा है, इसलिए दूसरा कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। हालांकि, जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि बिजली संहिता में ऐसा कोई नियम नहीं है।
जिला उपभोक्ता आयोग ने बिजली विभाग को क्या आदेश दिया?
आयोग ने विभाग को दो महीने के अंदर गाटा संख्या 892 पर 7.5 हॉर्सपावर का निजी नलकूप लगाकर बिजली सुनिश्चित करने का आदेश दिया। अगर ऐसा नहीं किया तो संबंधित अधिकारियों के वेतन से एक लाख रुपए 9% सालाना ब्याज के साथ वसूली की जाएगी।
किसान को मुआवजे के रूप में क्या मिलेगा?
किसान को मानसिक कष्ट और आर्थिक हानि के लिए 25,000 रुपए और वाद व्यय के लिए 2,500 रुपए मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
प्रेमपाल ने अपना आवेदन कब दिया था?
प्रेमपाल ने सामान्य योजना के तहत निजी नलकूप के लिए 2018-19 में आवेदन दिया था, जो दिसंबर 2018 में स्वीकृत हो गया था। इसके बाद भी विभाग ने कनेक्शन नहीं दिया।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 4
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।