साइबराबाद पुलिस ने CCTV जियो-टैगिंग और NVR तकनीक अपनाने का आदेश दिया
साइबराबाद CP ने CCTV जियो-टैगिंग की समीक्षा की, NVR तकनीक अपनाने के दिए आदेश साइबराबाद पुलिस कमिश्नर एम.
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर एम. रमेश ने पूरे कमिश्नरेट में CCTV कैमरों की जियो-टैगिंग तेज करने और निगरानी को बेहतर बनाने के लिए नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (NVR) तकनीक अपनाने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश बुधवार को पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय में 'नेनु सैतम' पहल की समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया।
जियो-टैगिंग और डिजिटल डाटाबेस
कमिश्नर ने सभी मौजूदा CCTV कैमरों की जियो-टैगिंग करने और नए लगाए जा रहे कैमरों को तुरंत टैग करने पर जोर दिया। इन सभी डिटेल्स को एक डिजिटल डाटाबेस में दर्ज किया जाएगा ताकि मॉनिटरिंग आसान हो सके। उन्होंने सभी कैमरों को पुलिस नेटवर्क से जोड़ने के निर्देश भी दिए ताकि निगरानी में कोई रुकावट न हो।
पुलिस स्टेशनों में डेडिकेटेड एडमिनिस्ट्रेटर
कमिश्नर ने कहा कि हर पुलिस स्टेशन में एक डेडिकेटेड एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया जाए। ये लोग CCTV सिस्टम की देखरेख करेंगे, यह सुनिश्चित करेंगे कि कैमरे चालू रहें और किसी भी खराबी की स्थिति में तुरंत मरम्मत करवाई जाए।
NVR तकनीक का इस्तेमाल
DVR सिस्टम की सीमाओं को देखते हुए, कमिश्नर ने चरणबद्ध तरीके से NVR तकनीक अपनाने के निर्देश दिए। NVR तकनीक, जो IP कैमरों का इस्तेमाल करती है, बेहतर इमेज क्वालिटी, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ज्यादा प्रभावी वीडियो रिकॉर्डिंग व स्टोरेज की सुविधा देती है। इस अपग्रेड से जांच के दौरान सबूत जुटाने और उनका विश्लेषण करने में तेजी आएगी। अधिकारियों को जरूरी तकनीकी मंजूरी, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और नेटवर्क कनेक्टिविटी का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पुलिस स्टेशनों को सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा जा सके।
जवाबदेही और ट्रेनिंग
कमिश्नर रमेश ने कहा कि CCTV कैमरे लगाने वाले वेंडर्स को उनकी मेंटेनेंस और बिना रुकावट काम करने के लिए जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों, स्टाफ और वेंडर्स को जियो-टैगिंग, सॉफ्टवेयर इस्तेमाल और कैमरों की देखभाल पर ट्रेनिंग देने के निर्देश भी दिए।
जनता की भागीदारी की अपील
कमिश्नर ने निवासियों, अपार्टमेंट एसोसिएशनों, कारोबारियों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों से 'नेनु सैतम' पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अच्छी क्वालिटी के CCTV कैमरे लगाकर और उन्हें पुलिस नेटवर्क से जोड़कर जनता सुरक्षा को मजबूत बना सकती है।
तकनीकी अपग्रेड और सामुदायिक सहयोग पर जोर साइबराबाद पुलिस की सुरक्षा और अपराध रोकथाम के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साइबराबाद पुलिस ने CCTV कैमरों के लिए क्या नई तकनीक अपनाने का आदेश दिया है?
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने NVR (नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) तकनीक अपनाने का आदेश दिया है। यह तकनीक IP कैमरों का इस्तेमाल करती है और बेहतर इमेज क्वालिटी, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ज्यादा प्रभावी वीडियो रिकॉर्डिंग देती है।
जियो-टैगिंग का मतलब क्या है और इसे क्यों अपनाया जा रहा है?
जियो-टैगिंग में सभी CCTV कैमरों को उनके सटीक स्थान के साथ एक डिजिटल डाटाबेस में दर्ज किया जाता है। इससे निगरानी आसान हो जाती है और पुलिस को तेजी से सही कैमरे से फुटेज मिल सकता है।
हर पुलिस स्टेशन में डेडिकेटेड एडमिनिस्ट्रेटर की क्या भूमिका होगी?
डेडिकेटेड एडमिनिस्ट्रेटर CCTV सिस्टम की देखरेख करेंगे। ये सुनिश्चित करेंगे कि कैमरे हर समय चालू रहें और किसी भी खराबी की स्थिति में तुरंत मरम्मत करवाई जाए।
आम जनता 'नेनु सैतम' पहल में कैसे मदद कर सकती है?
निवासी, अपार्टमेंट एसोसिएशन, कारोबारी और शैक्षणिक संस्थान अपने इलाकों में अच्छी क्वालिटी के CCTV कैमरे लगा सकते हैं और उन्हें पुलिस नेटवर्क से जोड़ सकते हैं। इससे सुरक्षा में सुधार होता है।
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