गांधी जयंती पर राजघाट पहुंचे राहुल-खड़गे, सच-अहिंसा को बताया बापू की विरासत
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और सच, अहिंसा व निडरता को उनकी विरासत बताया।
‘उन्होंने हमें अन्याय के सामने कभी न झुकना सिखाया’: कांग्रेस ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी
कांग्रेस नेताओं ने सुबह महात्मा गांधी की जयंती पर राजघाट स्थित उनके स्मारक पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गांधी की विरासत के मुख्य आधार के तौर पर सच, अहिंसा और निडरता का ज़िक्र किया।
राहुल गांधी ने कहा कि गांधी ने लोगों को “अन्याय के सामने कभी न झुकना” सिखाया। उन्होंने कहा कि सच और अहिंसा के साथ मजबूती से खड़े रहना ही असली ताकत है।
राहुल गांधी ने सच और निडरता का ज़िक्र किया
एक्स पर हिंदी में लिखी पोस्ट में गांधी ने कहा, “सच, अहिंसा और निडरता, यही बापू की सबसे बड़ी विरासत है। उन्होंने हमें अन्याय के सामने कभी न झुकना सिखाया; सच और अहिंसा के साथ मजबूती से खड़े रहना ही असली ताकत है।”
गांधी ने यह भी कहा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”
उनकी बातों में गांधी की विरासत को अन्याय का सामना करने के लिए निडर रहने की जरूरत से जोड़ा गया। साथ ही, सच और अहिंसा के प्रति प्रतिबद्ध रहने से मिलने वाली ताकत का भी ज़िक्र किया गया।
खड़गे ने कहा कि सच, अहिंसा और निडरता ही बापू की सबसे बड़ी विरासत थी।
उन्होंने कहा कि गांधी के सच, अहिंसा, सद्भाव और न्याय के सिद्धांतों पर मजबूती से कायम रहना ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।
खड़गे ने गांधी के नाम से जुड़ा एक कथन भी साझा किया: “‘पहले वे आपको नज़रअंदाज़ करेंगे, फिर वे आप पर हंसेंगे, फिर वे आपसे लड़ेंगे और उसके बाद आप जीतेंगे।’ ~ महात्मा गांधी।”
खड़गे ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में गांधी की भूमिका को याद किया
एक्स पर हिंदी में लिखी अपनी पोस्ट में खड़गे ने गांधी को राष्ट्रपिता बताया। उन्होंने कहा कि गांधी ने सच को ताकत दी, अहिंसा को साहस दिया और सत्याग्रह को अन्याय के खिलाफ सबसे शक्तिशाली हथियार बनाया।
खड़गे ने कहा कि गांधी ने सिर्फ भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व नहीं किया, बल्कि पूरी दुनिया को इंसानियत, करुणा और शांति का रास्ता भी दिखाया।
उन्होंने कहा कि गांधी के विचारों और मूल्यों के सामने नई चुनौतियां खड़ी थीं। ऐसे में सच, अहिंसा, सद्भाव और न्याय के सिद्धांतों पर चलना ही बापू के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।
खड़गे ने कहा, “गांधी जयंती पर बापू को विनम्र नमन और सभी देशवासियों को दिल से शुभकामनाएं।”
इस तरह कांग्रेस का यह आयोजन सिर्फ गांधी की जयंती मनाने तक सीमित नहीं रहा। इसका मुख्य केंद्र गांधी के सिद्धांत और उनके विचार रहे। कांग्रेस की ओर से दी गई श्रद्धांजलि में सच, अहिंसा, सद्भाव, न्याय और निडरता जैसे मूल्यों को खास तौर पर सामने रखा गया।
लाल बहादुर शास्त्री और के. कामराज को भी श्रद्धांजलि
कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर और कांग्रेस के पूर्व नेता के. कामराज को उनकी पुण्यतिथि पर भी याद किया।
खड़गे और गांधी ने सुबह विजय घाट स्थित शास्त्री के स्मारक पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
खड़गे ने शास्त्री को “सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की एक मिसाल” बताया। उन्होंने कहा कि शास्त्री का जीवन “भारत के प्रति समर्पण का असाधारण उदाहरण” था।
खड़गे के मुताबिक, शास्त्री के योगदान में भूमि सुधार, हरित और श्वेत क्रांतियों की बुनियाद को मजबूत करना, रेलवे में तीसरे दर्जे की यात्रा को खत्म करना और बसों में महिलाओं के लिए सीटों की व्यवस्था करना शामिल था।
खड़गे ने 1965 के युद्ध में देश को मजबूती से नेतृत्व देने का श्रेय भी शास्त्री को दिया। उन्होंने कहा कि देश के निर्माण में शास्त्री का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “गांधीवादी मूल्यों और ऊंचे आदर्शों से भरा उनका सादा जीवन हमेशा हमें प्रेरणा देता रहेगा। ‘जय जवान, जय किसान।’”
कामराज को श्रद्धांजलि देते हुए खड़गे ने उन्हें “भारत के प्रमुख राष्ट्र निर्माताओं में से एक” बताया। उन्होंने कहा कि कामराज को उनकी सादगी, ईमानदारी और जनता की सेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण के लिए याद किया जाता है।
खड़गे ने कहा, “कामराजर ने अपना जीवन सामाजिक न्याय और लोगों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।”
उन्होंने कहा कि कामराज की कई शुरुआती पहलों ने लाखों वंचित बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने में मदद की। इनमें मिड-डे मील योजना भी शामिल थी।
खड़गे ने कहा कि सबको साथ लेकर आगे बढ़ने, संवेदनशील शासन और देशसेवा को लेकर कामराज की सोच आने वाली पीढ़ियों को लगातार प्रेरणा देती रही।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कांग्रेस नेताओं ने गांधी जयंती पर कहां श्रद्धांजलि दी?
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजघाट स्थित महात्मा गांधी के स्मारक पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
राहुल गांधी ने गांधी की विरासत में किन मूल्यों को बताया?
राहुल गांधी ने सच, अहिंसा और निडरता को गांधी की सबसे बड़ी विरासत बताया।
राहुल गांधी ने अन्याय के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि गांधी ने लोगों को अन्याय के सामने कभी न झुकना सिखाया और सच-अहिंसा के साथ मजबूती से खड़े रहना ही असली ताकत है।
खड़गे ने गांधी के सिद्धांतों पर क्या कहा?
खड़गे ने कहा कि सच, अहिंसा, सद्भाव और न्याय के सिद्धांतों पर मजबूती से कायम रहना ही गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि है।
कांग्रेस नेताओं ने लाल बहादुर शास्त्री को कहां श्रद्धांजलि दी?
खड़गे और राहुल गांधी ने विजय घाट स्थित लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
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