विधानसभा अध्यक्ष पर राष्ट्रगान अपमान का आरोप, कांग्रेस ने की एफआईआर की मांग
श्रावस्ती में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
श्रावस्ती में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष विद्यामणि त्रिपाठी के नेतृत्व में भिनगा थाने के सामने शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया। विधानसभा अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रगान के दौरान गाड़ी में बैठे रहकर वहां से चले गए, जिसे कांग्रेस ने राष्ट्रगान का अपमान बताया है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने भिनगा थाने में लिखित शिकायत देकर सतीश महाना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने कहा कि राष्ट्रगान देश की अस्मिता, स्वाभिमान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति द्वारा राष्ट्रगान के दौरान इस तरह का बर्ताव संवैधानिक मर्यादा के खिलाफ है।
कांग्रेसजनों ने साफ किया कि पार्टी संविधान और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि जो लोग संवैधानिक पद पर बैठकर राष्ट्रगान की अवहेलना करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद असलम खान, मनरेगा प्रभारी एडवोकेट अमन पांडे, जिला महासचिव एहसान चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष ठाकुर तिवारी, एडवोकेट हेमंत कुमार पाठक और जिला उपाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी ने पुलिस से जल्द से जल्द इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग दोहराई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विधानसभा अध्यक्ष पर क्या आरोप लगाया गया है?
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पर आरोप है कि राष्ट्रगान के दौरान वे गाड़ी में बैठे रहे और वहां से चले गए। कांग्रेस ने इसे राष्ट्रगान का अपमान बताया है।
कांग्रेस ने क्या कार्रवाई की है?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रावस्ती के भिनगा थाने के सामने धरना दिया और सतीश महाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। उन्होंने थाने में लिखित शिकायत भी दी है।
कांग्रेस के अनुसार राष्ट्रगान का महत्व क्या है?
कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्रगान देश की अस्मिता, स्वाभिमान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति द्वारा राष्ट्रगान के दौरान अनादर संवैधानिक मर्यादा के खिलाफ है।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष विद्यामणि त्रिपाठी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित किया। इसमें कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
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