हाथरस में जीएसटी छापे के दौरान हंगामा, व्यापारी पक्ष से तीखी झड़प
हाथरस के खाती खाना बाजार में गुरुवार दोपहर केंद्रीय जीएसटी (GST) टीम की छापेमारी के दौरान हंगामा हो गया।
हाथरस के खाती खाना बाजार में गुरुवार दोपहर केंद्रीय जीएसटी (GST) टीम की छापेमारी के दौरान हंगामा हो गया। एक लोहा व्यापारी के प्रतिष्ठान पर पहुंची जीएसटी टीम और व्यापारी पक्ष के बीच विवाद बढ़ने के बाद तीखी झड़प और हाथापाई की नौबत आ गई। घटना की जानकारी मिलते ही बाजार के दूसरे व्यापारी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वहां माहौल गरमा गया और हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब एक बजे केंद्रीय जीएसटी की टीम तीन गाड़ियों से खाती खाना बाजार स्थित लोहा व्यापारी सुबोध अग्रवाल उर्फ डब्बू लोहिया के प्रतिष्ठान पर पहुंची थी। टीम की ओर से वहां छापेमारी की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान व्यापारी पक्ष और जीएसटी टीम के सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया।
लोहा व्यापारी सुबोध अग्रवाल ने आरोप लगाया कि टीम के सदस्य मौके पर पहुंचने के बाद शुरुआत में अपना परिचय नहीं दे रहे थे। व्यापारी का आरोप है कि टीम ने उनके कर्मचारियों के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए गए।
सुबोध अग्रवाल ने अपने साथ भी हाथापाई किए जाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जीएसटी टीम ने उनके प्रतिष्ठान से कागजात जब्त किए। व्यापारी की ओर से लगाए गए इन आरोपों के बाद बाजार में मौजूद दूसरे व्यापारियों को भी मामले की जानकारी हुई और वे मौके पर जुटने लगे।
सर्च वारंट को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। व्यापारी सुबोध अग्रवाल के अनुसार, उन्होंने जीएसटी टीम से कार्रवाई के संबंध में सर्च वारंट दिखाने को कहा था। आरोप है कि शुरुआत में टीम ने वारंट नहीं दिखाया।
व्यापारी का कहना है कि करीब आधे घंटे बाद जो वारंट दिखाया गया, वह उनकी फर्म के नाम पर नहीं था। इसी बात को लेकर व्यापारी पक्ष और जीएसटी टीम के बीच बहस बढ़ती चली गई। देखते ही देखते मौके पर दूसरे व्यापारी भी पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया।
हंगामे और झड़प की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी वहां पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। पुलिस और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
इस दौरान व्यापारियों ने नारेबाजी की। व्यापारियों ने कार्रवाई के नाम पर उत्पीड़न नहीं सहने की बात कही। कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया गया। बाजार में हुई इस घटना के दौरान व्यापारी पक्ष और जीएसटी टीम के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
वहीं, जीएसटी अधिकारियों ने व्यापारियों की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। अधिकारियों ने इन आरोपों को नकारा है, जबकि व्यापारी पक्ष ने टीम पर परिचय न देने, मारपीट करने, मोबाइल फोन छीनने, कागजात जब्त करने और सर्च वारंट को लेकर विवाद होने के आरोप लगाए हैं।
फिलहाल, छापेमारी के दौरान हुए विवाद और व्यापारी की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। मामले में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष और कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में हंगामा कहां हुआ?
हंगामा खाती खाना बाजार में एक लोहा व्यापारी के प्रतिष्ठान पर केंद्रीय जीएसटी टीम की छापेमारी के दौरान हुआ।
विवाद की वजह क्या थी?
व्यापारी पक्ष और जीएसटी टीम के बीच परिचय, कर्मचारियों से मारपीट, मोबाइल फोन छीनने, कागजात जब्त करने और सर्च वारंट को लेकर विवाद हुआ।
व्यापारी ने जीएसटी टीम पर क्या आरोप लगाए?
व्यापारी सुबोध अग्रवाल ने आरोप लगाया कि टीम ने अपना परिचय नहीं दिया, कर्मचारियों और उनके साथ हाथापाई की, मोबाइल फोन छीने और कागजात जब्त किए।
हंगामे के बाद स्थिति कैसे शांत हुई?
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और व्यापार मंडल के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति शांत कराने की कोशिश की।
जीएसटी अधिकारियों ने आरोपों पर क्या कहा?
जीएसटी अधिकारियों ने व्यापारियों की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
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