चीनी वैज्ञानिकों ने पाया, डेंड्राइट फैसले लेने में मदद कर सकते हैं
चूहों पर हुए अध्ययन में पता चला कि डेंड्राइट सीखी जानकारी और नए इंद्रिय संकेत जोड़कर हालात के मुताबिक फैसले लेने में मदद कर सकते हैं।
चीनी वैज्ञानिकों ने पाया, न्यूरॉन मिनी कंप्यूटर की तरह काम कर सकते हैं और फैसले लेने में मदद कर सकते हैं।
चूहों पर किए गए एक अध्ययन से शोधकर्ताओं को पहली बार ऐसा प्रयोगात्मक सबूत मिला है, जिससे पता चलता है कि डेंड्राइट पहले से सीखे हुए नियमों को आने वाली इंद्रिय संबंधी जानकारी के साथ जोड़ सकते हैं। इससे हालात के हिसाब से अलग-अलग चुनाव करने में मदद मिल सकती है।
इस खोज से यह समझने में मदद मिलती है कि दिमाग की न्यूरल गतिविधि अलग-अलग तरह के इंद्रिय अनुभवों के मुताबिक अपनी प्रतिक्रिया कैसे बदल सकती है।
वैज्ञानिकों को अभी तक यह पूरी तरह समझ नहीं आया है कि दिमाग बदलते संदर्भों के मुताबिक खुद को कैसे ढालता है और इंद्रियों से मिलने वाली जानकारी पर सही तरह से प्रतिक्रिया कैसे देता है।
इसी पृष्ठभूमि में शोधकर्ताओं ने डेंड्राइट की भूमिका की जांच की। डेंड्राइट, न्यूरॉन से जुड़ी शाखाओं जैसी संरचनाएं होती हैं।
उनकी जांच से पता चलता है कि ये संरचनाएं पहले से सीखी गई जानकारी और इंद्रियों से मिलने वाले नए संकेतों को एक साथ ला सकती हैं।
चूहों से मिले प्रयोगात्मक सबूतों के मुताबिक, इस तरह दोनों तरह की जानकारी को जोड़ना हालात के हिसाब से बदलते हुए चुनाव करने में मदद कर सकता है।
इन नतीजों से इस संभावना को भी बल मिलता है कि अलग-अलग न्यूरॉन ताकतवर मिनी कंप्यूटर की तरह काम कर सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने पाया कि ऐसी गतिविधि लचीले व्यवहार को संभव बना सकती है। इसमें फैसले लेना भी शामिल है।
यह काम इस बात पर केंद्रित है कि न्यूरल गतिविधि अलग-अलग इंद्रिय अनुभवों के मुताबिक दिमाग को अपनी प्रतिक्रिया बदलने में कैसे मदद करती है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि सोचने की प्रक्रिया को लेकर मिली ये नई जानकारियां ज्यादा आसानी से बदलने और ज्यादा कुशलता से काम करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बनाने में भी मदद कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे सिस्टम इंसानी दिमाग के आधार पर तैयार किए जा सकते हैं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चीनी वैज्ञानिकों की इस खोज में क्या सामने आया?
न्यूरॉन मिनी कंप्यूटर की तरह काम कर सकते हैं और फैसले लेने में मदद कर सकते हैं।
डेंड्राइट किस तरह मदद कर सकते हैं?
डेंड्राइट पहले से सीखे नियमों को आने वाली इंद्रिय संबंधी जानकारी से जोड़ सकते हैं।
यह अध्ययन किन पर किया गया था?
यह अध्ययन चूहों पर किया गया था।
इस खोज से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को क्या फायदा हो सकता है?
इससे इंसानी दिमाग के आधार पर ज्यादा आसानी से बदलने और कुशलता से काम करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बनाने में मदद मिल सकती है।
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