चीन की थोरियम-229 न्यूक्लियर घड़ी वियना वाली से करीब छह गुना स्थिर
अध्ययनों के मुताबिक, चीन की थोरियम-229 न्यूक्लियर घड़ी वियना की घड़ी से करीब छह गुना ज्यादा स्थिर है।
चीन की थोरियम-229 न्यूक्लियर घड़ी स्थिरता के मामले में वियना की घड़ी से बेहतर, अध्ययनों में खुलासा
दुनिया में काम कर रही पहली दो न्यूक्लियर घड़ियों से मिले शुरुआती नतीजों से पता चला है कि चीन की घड़ी, वियना में बनाई गई घड़ी के मुकाबले करीब छह गुना ज्यादा स्थिर है। यह जानकारी इस हफ्ते नेचर जर्नल में प्रकाशित रिसर्च पेपर्स में दी गई है।
इन नतीजों के जरिए पहली बार उन दोनों घड़ियों की तुलना की गई है, जिन्हें एक-दूसरे से अलग तरीके से तैयार किया गया है। इन घड़ियों को बनाने के लिए चीनी और यूरोपीय टीमें काम कर रही हैं। रिसर्च से जुड़े लोगों ने इसे अगली पीढ़ी की घड़ियां बनाने की “कड़ी लेकिन दोस्ताना” प्रतियोगिता बताया है।
चीन की घड़ी बीजिंग की सिंघुआ यूनिवर्सिटी की अगुवाई वाली टीम ने तैयार की है। वहीं, यूरोपीय घड़ी को वियना की टीयू वीन के रिसर्चर्स ने बनाया है।
दोनों घड़ियों में क्रिस्टल के अंदर मौजूद थोरियम-229 के नाभिक का इस्तेमाल किया गया है। आम न्यूक्लियर घड़ियों की तरह किसी एटम के चारों ओर घूम रहे इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर रहने के बजाय, ये घड़ियां एटम के केंद्र की लगातार बनी रहने वाली लय के आधार पर समय बताती हैं।
घड़ियों की यह तकनीक नई पीढ़ी की घड़ियों के लिए बेहद अहम है। इसकी वजह यह है कि इसमें समय मापने का आधार एटम के आसपास मौजूद इलेक्ट्रॉन नहीं, बल्कि उसका नाभिक होता है। ताजा नतीजों से पता चलता है कि स्थिरता के मामले में फिलहाल चीनी सिस्टम को बढ़त हासिल है। हालांकि, दोनों टीमों ने अपनी-अपनी घड़ियां अलग-अलग तरीके से तैयार की हैं।
यह तुलना नेचर की जून में आई उस रिपोर्ट के बाद सामने आई है, जिसमें बताया गया था कि दोनों टीमों ने इन नई घड़ियों को स्वतंत्र रूप से तैयार किया है। उस समय यूरोपीय टीम के सदस्य थॉर्स्टन शुम ने कहा था, “अब हमारे सामने कड़ी लेकिन दोस्ताना वैश्विक प्रतियोगिता है।”
बीजिंग के वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि अलग-अलग तैयार किए गए दो क्रिस्टल एक ही समय बताते रहे। रिसर्चर्स के मुताबिक, यह इस बात का संकेत है कि इन घड़ियों को भरोसेमंद तरीके से दोबारा तैयार किया जा सकता है। इस तकनीक को आगे बढ़ाने के लिए यह एक अहम बात है।
इस बीच, वियना की टीम ने डार्क मैटर की तलाश के लिए अपनी घड़ी का इस्तेमाल किया, लेकिन यह कोशिश सफल नहीं रही। दोनों पेपर मिलकर काम कर रही इन दो न्यूक्लियर घड़ियों से मिले शुरुआती रिपोर्ट किए गए नतीजे सामने रखते हैं। साथ ही, ये नतीजे चीनी और यूरोपीय टीमों की कोशिशों में हुई प्रगति और उनके अलग-अलग रास्तों को भी दिखाते हैं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चीन की थोरियम-229 न्यूक्लियर घड़ी वियना की घड़ी से कितनी स्थिर है?
चीन की घड़ी वियना में बनी घड़ी के मुकाबले करीब छह गुना ज्यादा स्थिर है।
चीन की न्यूक्लियर घड़ी किसने बनाई है?
इसे बीजिंग की सिंघुआ यूनिवर्सिटी की अगुवाई वाली टीम ने तैयार किया है।
दोनों न्यूक्लियर घड़ियों में किसका इस्तेमाल हुआ है?
दोनों घड़ियों में क्रिस्टल के अंदर मौजूद थोरियम-229 के नाभिक का इस्तेमाल हुआ है।
न्यूक्लियर घड़ियां समय कैसे बताती हैं?
ये घड़ियां एटम के आसपास घूम रहे इलेक्ट्रॉनों के बजाय उसके नाभिक की लगातार बनी रहने वाली लय के आधार पर समय बताती हैं।
वियना की टीम ने अपनी घड़ी का इस्तेमाल किस काम के लिए किया?
वियना की टीम ने डार्क मैटर की तलाश के लिए अपनी घड़ी का इस्तेमाल किया, लेकिन यह कोशिश सफल नहीं रही।
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