इंडोनेशिया 2,772 किमी रेलवे प्रोजेक्ट के लिए चीन पर नजर, लेकिन सतर्क
ट्रांस-कालिमंतान रेलवे के लिए इंडोनेशिया विदेशी निवेश देख रहा है। चीन और रूस ने दिलचस्पी दिखाई, पर सरकार डील पर सावधानी बरत रही है।
इंडोनेशिया ट्रांस-कालिमंतान रेलवे के लिए विदेशी निवेश की संभावनाएं देख रहा है। इंडोनेशिया की आधिकारिक अंतारा न्यूज एजेंसी के मुताबिक, परिवहन मंत्री Dudy Purwagandhi ने कहा कि जिन देशों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है, उनमें चीन और रूस भी शामिल हैं।
हाई-स्पीड रेल पूरी होने के बाद चीन की दिलचस्पी
जिस प्रोजेक्ट पर विचार हो रहा है, वह कालिमंतान से होकर गुजरने वाला 2,772km (1,722 mile) लंबा रेलवे नेटवर्क है। कालिमंतान इंडोनेशिया का एक बहुत बड़ा और संसाधनों से भरपूर इलाका है।
स्टेट मीडिया और एनालिस्ट्स ने कहा कि इंडोनेशिया इस नेटवर्क को बनाने में मदद के लिए चीनी निवेश पर विचार कर रहा है।
ये चर्चाएं जकार्ता और बांडुंग के बीच दक्षिण-पूर्व एशिया की पहली हाई-स्पीड लाइन पूरी होने के बाद हो रही हैं।
पहले वाला यह प्रोजेक्ट एक अहम पृष्ठभूमि बनाता है, क्योंकि एनालिस्ट्स ने कहा कि हाई-स्पीड लाइन से जुड़े वित्तीय दबाव यह तय कर सकते हैं कि भविष्य के किसी भी कारोबारी समझौते पर किस तरह बातचीत होगी।
भविष्य के समझौतों को लेकर सावधानी
एनालिस्ट्स ने कहा कि भविष्य की डील्स पर सावधानी से बातचीत होने की संभावना है।
उन्होंने सिर्फ जकार्ता-बांडुंग हाई-स्पीड लाइन से जुड़े वित्तीय मुद्दों की ओर ही इशारा नहीं किया, बल्कि बाली में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट को रोक देने वाली चुनौतियों की ओर भी इशारा किया। बाली को भीड़भाड़ वाला टूरिस्ट प्रांत बताया गया है।
अंतारा के हवाले से दिए गए बयानों के मुताबिक, सरकार की मौजूदा स्थिति यह है कि वह ट्रांस-कालिमंतान रेलवे नेटवर्क के लिए अंतिम समझौते का ऐलान करने के बजाय संभावित विदेशी निवेश को “exploring” कर रही है।
इससे यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती निवेश-चर्चा के चरण में है, जहां विदेशी दिलचस्पी को माना गया है, लेकिन उपलब्ध बयानों में किसी कारोबारी समझौते का जिक्र नहीं किया गया है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंडोनेशिया किस रेलवे प्रोजेक्ट के लिए विदेशी निवेश देख रहा है?
इंडोनेशिया ट्रांस-कालिमंतान रेलवे के लिए विदेशी निवेश की संभावना देख रहा है। यह करीब 2,772 किमी लंबा रेलवे नेटवर्क होगा।
इस प्रोजेक्ट में किन देशों ने दिलचस्पी दिखाई है?
परिवहन मंत्री Dudy Purwagandhi के मुताबिक, जिन देशों ने दिलचस्पी दिखाई है उनमें चीन और रूस भी शामिल हैं।
इंडोनेशिया चीन को लेकर सतर्क क्यों है?
एनालिस्ट्स का कहना है कि जकार्ता-बांडुंग हाई-स्पीड रेल से जुड़े वित्तीय दबाव और बाली मेट्रो जैसी चुनौतियां आगे की डील्स में सावधानी की वजह बन सकती हैं।
क्या ट्रांस-कालिमंतान रेलवे के लिए कोई अंतिम समझौता हो गया है?
नहीं। अभी सरकार सिर्फ संभावित विदेशी निवेश को explore कर रही है। किसी अंतिम कारोबारी समझौते का ऐलान नहीं हुआ है।
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