चीन-यूरोपीय संघ समझौते से टला व्यापार युद्ध का खतरा, कारों पर कोटा
चीन और यूरोपीय संघ ने हाइब्रिड कारों के निर्यात पर कोटा और टैरिफ में कटौती के समझौते से व्यापार तनाव घटाया।
चीन और यूरोपीय संघ ने व्यापार युद्ध पर कैसे लगाई रोक, और यहां तक पहुंचने में क्या लगा
चीन और यूरोपीय संघ के बीच हुए एक अचानक सामने आए व्यापार समझौते ने कई हफ्तों तक चली बेहद नाजुक बातचीत के बाद फिलहाल एक कड़े और नुकसानदेह व्यापार युद्ध की आशंका को टाल दिया है।
इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ में चीन की हाइब्रिड कारों के निर्यात पर सख्त कोटा लगाया जाएगा। इसके साथ ही, चीन यूरोप से आने वाले कई तरह के सामान पर लगाए गए अपने टैरिफ, यानी आयात शुल्क, कम करेगा।
इस डील का ऐलान शुक्रवार को किया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे बेहद तीखे व्यापार तनाव में कुछ कमी आई है।
चीन से कारों के निर्यात पर हर साल सीमा
इस व्यवस्था के तहत बीजिंग ने ब्रसेल्स के उस फैसले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई नहीं करने पर सहमति जताई है, जिसमें चीन से आने वाली हाइब्रिड कारों के आयात को सीमित करने की बात कही गई थी।
इन कारों के निर्यात की सीमा हर साल 350,000 यूनिट तय की जाएगी। यह सीमा हर साल 6 फीसदी बढ़ेगी।
इस सीमा के बाद भी चीन से यूरोपीय संघ को होने वाला निर्यात उन 800,000 वाहनों के आधे से भी कम रहेगा, जिनके 2026 में भेजे जाने का अनुमान यूरोपीय संघ ने लगाया है।
इन कदमों से व्यापार विवाद के सबसे संवेदनशील हिस्सों में से एक को लेकर तुरंत बढ़ते टकराव की आशंका से हटकर एक ऐसी व्यवस्था की ओर बदलाव दिखता है, जिसे दोनों पक्षों के बीच संभालकर चलाया जा सके।
यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने इस नतीजे को ‘सोच में बड़ा बदलाव’ बताया। उन्होंने कहा कि “संतुलन फिर से बनाने की कवायद का स्वरूप बदल गया है।”
ब्रसेल्स का कहना है कि उसे रियायतें कैसे मिलीं
यह समझौता कई हफ्तों तक चली बातचीत के बाद हुआ। इस बातचीत के दौरान चीन के अधिकारियों ने कारों की खेप को अपनी इच्छा से सीमित करने की संभावना को खारिज कर दिया था।
सोमवार को जब बीजिंग के रियायतें मानने पर सवाल पूछा गया, तो ब्रसेल्स ने अपनी स्थिति कारोबार की एक पुरानी और अक्सर दोहराई जाने वाली बात के जरिए समझाई। उसने कहा, “ग्राहक हमेशा सही होता है।”
इसलिए यह डील व्यापार तनाव को खत्म नहीं करती। लेकिन इसने फिलहाल चीन और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे तनाव को एक बड़े टकराव में बदलने से रोक दिया है।
इस समझौते की अहमियत तीन बातों के मेल में है। पहली, चीन से हाइब्रिड कारों की खेप पर लगाई गई सीमा। दूसरी, यूरोप से आने वाले सामान पर चीन के कम किए गए टैरिफ। और तीसरी, जवाबी कार्रवाई के तत्काल खतरे पर लगाई गई रोक।
इस तरह दोनों पक्षों के बीच मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं, लेकिन समझौते ने तुरंत बढ़ने वाले तनाव को कुछ समय के लिए थाम लिया है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चीन और यूरोपीय संघ के बीच हुए समझौते में क्या तय हुआ?
यूरोपीय संघ में चीन की हाइब्रिड कारों के निर्यात पर कोटा लगाया जाएगा और चीन यूरोप से आने वाले कई सामान पर टैरिफ कम करेगा।
चीन से यूरोपीय संघ को हर साल कितनी हाइब्रिड कारें भेजी जा सकेंगी?
हर साल 350,000 हाइब्रिड कारें भेजी जा सकेंगी। यह सीमा हर साल 6 फीसदी बढ़ेगी।
इस समझौते से व्यापार युद्ध का खतरा कैसे टला?
चीन ने कारों के आयात को सीमित करने के यूरोपीय संघ के फैसले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई नहीं करने पर सहमति जताई, जिससे तुरंत टकराव का खतरा कम हुआ।
क्या इस समझौते से चीन और यूरोपीय संघ के बीच तनाव खत्म हो गया?
नहीं, मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। समझौते ने फिलहाल तनाव को बड़े टकराव में बदलने से रोक दिया है।
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