चीन ने क्वांटम एंटैंगलमेंट में 420 किलोमीटर का नया रिकॉर्ड बनाया
चीन ने क्वांटम एंटैंगलमेंट में 420 किलोमीटर की दूरी का नया रिकॉर्ड बनाया चीन के वैज्ञानिकों ने एटम एंटैंगलमेंट की दूरी का पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए 420 किलोमीटर का नया मील का पत्थर हासिल किया है।
चीन के वैज्ञानिकों ने एटम एंटैंगलमेंट की दूरी का पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए 420 किलोमीटर का नया मील का पत्थर हासिल किया है। यह दूरी पिछले रिकॉर्ड से चार गुना ज्यादा है। फिजिकल रिव्यू लेटर्स में 11 अगस्त को प्रकाशित इस उपलब्धि ने क्वांटम टेक्नोलॉजी में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है, जहां सीधी ट्रांसमिशन पर भौतिक सीमाएं आ जाती हैं।
क्वांटम मेमोरी ने दी सफलता
इस प्रयोग में दो क्वांटम मेमोरी यूनिट्स का इस्तेमाल किया गया, जो लेजर-कूल्ड रुबिडियम एटम क्लाउड्स से बनी थीं। इन्हें ऑप्टिकल फाइबर लिंक के जरिए जोड़ा गया। इन यूनिट्स ने सफलतापूर्वक एंटैंगलमेंट हासिल किया, जो एक क्वांटम फिनॉमेनन है जिसमें पार्टिकल्स दूरी के बावजूद एक साझा स्टेट में रहते हैं। यह तरीका पहले के तरीकों से ज्यादा जटिल है, जो मुख्य रूप से फ्री स्पेस या ऑप्टिकल फाइबर में फोटॉन्स को एंटैंगल करने पर आधारित थे।
क्वांटम टेक्नोलॉजी में संभावनाएं
इस उपलब्धि से स्केलेबल क्वांटम कम्युनिकेशन नेटवर्क, एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिस्टम और नेटवर्क्ड सेंसिंग टेक्नोलॉजी के लिए रास्ता खुला है। क्वांटम मेमोरी को एंटैंगलमेंट प्रक्रिया में शामिल करके, वैज्ञानिकों ने क्वांटम मैकेनिक्स को असली दुनिया में इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा मजबूत और व्यावहारिक विकल्प पेश किए हैं।
यह सफलता क्वांटम रिसर्च में चीन की बढ़ती लीडरशिप को दिखाती है, जो इस क्षेत्र में संभावनाओं की सीमाओं को लगातार आगे बढ़ा रहा है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चीन ने क्वांटम एंटैंगलमेंट में क्या नया रिकॉर्ड बनाया?
चीन के वैज्ञानिकों ने एटम एंटैंगलमेंट की दूरी में 420 किलोमीटर का नया रिकॉर्ड बनाया है, जो पिछले रिकॉर्ड से चार गुना ज्यादा है।
इस प्रयोग में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल किया गया?
इस प्रयोग में दो क्वांटम मेमोरी यूनिट्स का इस्तेमाल किया गया, जो लेजर-कूल्ड रुबिडियम एटम क्लाउड्स से बनी थीं और ऑप्टिकल फाइबर लिंक से जुड़ी थीं।
क्वांटम एंटैंगलमेंट क्या होता है?
यह एक क्वांटम फिनॉमेन है जिसमें पार्टिकल्स दूरी के बावजूद एक साझा स्टेट में रहते हैं।
इस खोज से क्या संभावनाएं बढ़ी हैं?
इससे स्केलेबल क्वांटम कम्युनिकेशन नेटवर्क, एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिस्टम और नेटवर्क्ड सेंसिंग टेक्नोलॉजी के लिए रास्ता खुल गया है।
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