अनूपशहर में गंगा तट पर अवैध कब्जे की जांच के लिए टीम गठित
बुलंदशहर के अनूपशहर में गंगा तट और आसपास की जमीनों पर कथित अवैध कब्जे और प्लाटिंग के मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
बुलंदशहर के अनूपशहर में गंगा तट और आसपास की जमीनों पर कथित अवैध कब्जे और प्लाटिंग के मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। SDM अरुण कुमार वर्मा ने इस मामले की जांच के लिए राजस्व और चकबंदी विभाग की 7-सदस्यीय संयुक्त टीम बनाई है। टीम को जल्द से जल्द जांच पूरी कर जियोटैग तस्वीरों के साथ रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता ज्ञानेंद्र सिंह राघव की शिकायत के बाद शुरू हुई। राघव ने 6 जुलाई को मेरठ कमिश्नर को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अनूपशहर के गंगा तट, गंगा तलहटी और जाफराबाद क्षेत्र में कुछ लोग मिट्टी डालकर नदियों के प्राकृतिक जल मार्गों को बंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह NGT के नियमों का खुला उल्लंघन है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से भूमाफिया सैकड़ों बीघे ग्राम समाज, नगर पालिका और दलित किसानों की जमीनों पर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं।
SDM ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व नायब तहसीलदार और सहायक चकबंदी अधिकारी करेंगे। टीम में राजस्व निरीक्षक जयवीर सिंह और चार लेखपाल, प्रिंस प्रिय, साबिर अली, कमलकांत और राजन गुप्ता, शामिल हैं। SDM ने टीम को निर्देश दिया है कि वे आपसी तालमेल से काम करते हुए जल्द जांच पूरी करें और स्पष्ट रिपोर्ट पेश करें।
प्रशासन ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि सरकारी, ग्राम समाज या दलित किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जा पाया गया तो उसे तुरंत कब्जा मुक्त कराया जाएगा। SDM ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस कदम का स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जियोटैग तस्वीरों और लेखपालों की रिपोर्ट के बाद जमीनों की वसूली और निगरानी सुनिश्चित होगी। प्रशासन की इस पहल से गंगा तट पर अवैध गतिविधियों पर रोक लगने की उम्मीद बढ़ गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अनूपशहर में गंगा तट पर क्या समस्या थी?
अनूपशहर के गंगा तट, गंगा तलहटी और जाफराबाद क्षेत्र में कुछ लोग मिट्टी डालकर नदियों के प्राकृतिक जल मार्गों को बंद कर रहे थे। साथ ही, भूमाफिया सैकड़ों बीघे ग्राम समाज, नगर पालिका और दलित किसानों की जमीनों पर अवैध प्लाटिंग कर रहे थे।
SDM ने क्या कार्रवाई की है?
SDM अरुण कुमार वर्मा ने राजस्व और चकबंदी विभाग की 7-सदस्यीय संयुक्त टीम बनाई है। इस टीम का नेतृत्व नायब तहसीलदार और सहायक चकबंदी अधिकारी करेंगे, और इसमें राजस्व निरीक्षक जयवीर सिंह व चार लेखपाल शामिल हैं।
यह शिकायत किसने की थी?
सामाजिक कार्यकर्ता ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने 6 जुलाई को मेरठ कमिश्नर को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि अवैध कब्जे और प्लाटिंग चल रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद क्या होगा?
जांच रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर सरकारी, ग्राम समाज या दलित किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जा पाया गया तो उसे तुरंत कब्जा मुक्त कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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