ब्राजील-चीन समझौता: छोटे किसानों को सस्ती एआई तकनीक तक पहुंच
ब्राजील और चीन ने पांच साल के कार्यक्रम पर सहमति जताई है, जिससे छोटे किसानों को सस्ती एआई और आधुनिक कृषि तकनीक मिल सकेगी।
ब्राजील की पारिवारिक खेती की रीढ़ अब अहम सेक्टर में आई गिरावट पलटने के लिए चीनी एआई अपना रही है
ब्राजील की पारिवारिक खेती की रीढ़ अब अहम सेक्टर में आई गिरावट पलटने के लिए चीनी एआई अपना रही है
ब्राजील और चीन ने पांच साल के एक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति जताई है। इसका मकसद छोटे किसानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम कीमत वाली टेक्नोलॉजी तक ज्यादा पहुंच देना है।
यह समझौता सितंबर में हुआ। ऐसे समय में यह समझौता हुआ है, जब पारिवारिक खेती को पिछले एक दशक में रोजगार में गिरावट और कम कीमत वाले तकनीकी साधनों तक सीमित पहुंच का सामना करना पड़ रहा है।
इस कार्यक्रम में ब्राजीलियन एग्रीकल्चरल रिसर्च कॉरपोरेशन यानी एम्ब्रापा और चीन के चार संस्थान शामिल हैं। इन सभी ने जिआंगसू प्रांत की राजधानी नानजिंग में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
चीन के इन संस्थानों में सरकारी कंपनी सिनोमैक डिजिटल टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन, नानजिंग एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, जिआंगसू एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज और इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर पीपल्स कोऑपरेशन शामिल हैं।
ब्राजील के छोटे किसानों पर फोकस
इस सहयोग का मकसद ब्राजील और चीन की विशेषज्ञता को साथ लाना है। इसके साथ ही ब्राजील के किसानों के लिए टेक्नोलॉजी तक पहुंच बढ़ाना भी इसका लक्ष्य है।
इसका खास फोकस ब्राजील के पारिवारिक किसानों पर है। इन्हें देश के कृषि सेक्टर की रीढ़ बताया गया है।
यही किसान ब्राजील के रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों का सबसे बड़ा हिस्सा पैदा करते हैं। इसलिए उनके कामकाज को आधुनिक बनाने की क्षमता कृषि सेक्टर के भविष्य के लिए बेहद अहम है।
साझेदार देश चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना चाहते हैं। इसका मकसद इस आधुनिकीकरण में मदद करना और पारिवारिक किसानों को अपना भविष्य सुरक्षित करने में सहारा देना है।
इस तरह यह पहल एम्ब्रापा की ओर से मौजूद कृषि अनुसंधान क्षमता को चीन की तकनीकी और संस्थागत विशेषज्ञता से जोड़ती है।
छोटे किसानों के लिए यह पांच साल का कार्यक्रम उन्नत टेक्नोलॉजी को ज्यादा सस्ता और आसानी से उपलब्ध कराने के मकसद से तैयार किया गया है।
इसकी शुरुआत ऐसे समय में हुई है, जब यह सेक्टर रोजगार में एक दशक से जारी गिरावट और कम कीमत वाली टेक्नोलॉजी तक सीमित पहुंच की समस्या से जूझ रहा है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ब्राजील और चीन के बीच हुए समझौते का मकसद क्या है?
इसका मकसद छोटे किसानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम कीमत वाली टेक्नोलॉजी तक ज्यादा पहुंच देना है।
यह सहयोग कार्यक्रम कितने साल का है?
यह पांच साल का सहयोग कार्यक्रम है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से संस्थान शामिल हैं?
इसमें ब्राजीलियन एग्रीकल्चरल रिसर्च कॉरपोरेशन यानी एम्ब्रापा और चीन के चार संस्थान शामिल हैं।
कार्यक्रम में चीनी एआई का इस्तेमाल क्यों किया जाएगा?
चीनी एआई का इस्तेमाल पारिवारिक किसानों की खेती को आधुनिक बनाने और उनका भविष्य सुरक्षित करने में मदद के लिए किया जाएगा।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।