बिलासपुर के बाबा नाहर सिंह मंदिर में पहली बार गरबा, महिलाओं का उत्साह
बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में धौलरा स्थित बाबा नाहर सिंह मंदिर में 25वां शारदोत्सव बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।
बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में धौलरा स्थित बाबा नाहर सिंह मंदिर में 25वां शारदोत्सव बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। दुर्गा पूजा समिति बिलासपुर की ओर से आयोजित शारदीय उत्सव की रजत जयंती के खास मौके पर पहली बार गरबा नृत्य का आयोजन किया गया है। इस आयोजन को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ‘शक्ति के संग गरबे की उमंग’ नाम से तीन दिवसीय गरबा नृत्य संध्या रखी गई है। बड़ी संख्या में महिलाएं इसमें हिस्सा ले रही हैं और पारंपरिक वेशभूषा में डांडिया के साथ गरबा नृत्य का आनंद उठा रही हैं।
पहली बार शारदोत्सव में गरबा नृत्य को शामिल किए जाने से आयोजन की रौनक और बढ़ गई है। महिलाएं पूरे उत्साह के साथ गरबा नृत्य में भाग ले रही हैं। मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी माहौल बना हुआ है।
दुर्गा पूजा समिति की संस्थापिका डॉ. मल्लिका नड्डा ने बताया कि बाबा नाहर सिंह मंदिर परिसर में शारदोत्सव के दौरान तीन दिवसीय गरबा नृत्य संध्या का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य नवरात्र के उत्सव को धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक रंगों से जोड़ना है।
डॉ. मल्लिका नड्डा ने स्थानीय लोगों और महिलाओं से अपील की कि वे नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित किए जा रहे विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने लोगों से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करने की भी अपील की।
दुर्गा पूजा समिति बिलासपुर की ओर से शारदोत्सव की रजत जयंती के मौके पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी जगह दी गई है। Garबा नृत्य संध्या इसी आयोजन का हिस्सा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बाबा नाहर सिंह मंदिर में पहली बार क्या आयोजन किया गया?
शारदोत्सव में पहली बार गरबा नृत्य का आयोजन किया गया।
गरबा नृत्य संध्या का नाम क्या रखा गया है?
गरबा नृत्य संध्या का नाम ‘शक्ति के संग गरबे की उमंग’ रखा गया है।
गरबा नृत्य संध्या कितने दिनों की है?
यह गरबा नृत्य संध्या तीन दिनों की है।
गरबा कार्यक्रम में कौन हिस्सा ले रहा है?
बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा और डांडिया के साथ इसमें हिस्सा ले रही हैं।
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