चीन ने जापानी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल में करीब 20 सदस्यों को मंजूरी दी
चीन ने जापानी बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल का आकार 5 से बढ़ाकर करीब 20 किया है। कारोबार बढ़ने की उम्मीद, पर राजनीतिक तनाव कायम है।
‘गरम अर्थव्यवस्था, ठंडी राजनीति’: चीन ने बड़े जापानी व्यापारिक दौरे को मंज़ूरी क्यों दी
‘गरम अर्थव्यवस्था, ठंडी राजनीति’: चीन ने बड़े जापानी व्यापारिक दौरे को मंज़ूरी क्यों दी
बीजिंग ने जापानी बिजनेस फेडरेशन को अगले महीने चीन जाने वाले अपने प्रतिनिधिमंडल का आकार बढ़ाने की इजाज़त दे दी है। क्योदो न्यूज़ एजेंसी ने इस हफ्ते यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में अब पांच लोगों की जगह करीब 20 लोग होंगे। यह दौरा नवंबर के बीच में शेनझेन में होने वाले इस साल के एपेक शिखर सम्मेलन के साथ हो सकता है।
बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल
जापानी बिजनेस फेडरेशन को केइदानरेन के नाम से भी जाना जाता है। यह जापान की सबसे असरदार कारोबारी लॉबी है। इसके बढ़ाए गए समूह में उन पांच लोगों से ज्यादा अधिकारी शामिल होंगे, जिन्हें पहले इस दौरे के लिए मंज़ूरी मिली थी। इसी वजह से चीन का यह फैसला चर्चा में आया है। इससे चीन में जापानी कारोबारियों की मौजूदगी काफी ज्यादा बढ़ जाएगी।
बीजिंग की ओर से यह जानकारी ऐसे समय आई, जब पूर्व विदेश मंत्री ताकेशी इवाया 50 सदस्यों वाले जापानी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन की राजधानी पहुंचे थे। इन दोनों घटनाओं से चीन की नई मंज़ूरी को जापानी व्यापारिक प्रतिनिधियों और चीनी अधिकारियों के बीच हाल की बातचीत के संदर्भ में देखा जा रहा है।
नज़र रखने वाले लोगों का कहना है कि बीजिंग का यह फैसला कुछ उम्मीद जगा सकता है। लेकिन उनका यह भी मानना है कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्तों में “गरम अर्थव्यवस्था और ठंडी राजनीति” का असर बना रहेगा। इस मुहावरे के ज़रिए दोनों देशों के बीच जारी कारोबारी संपर्क और अब तक दूर नहीं हुआ राजनीतिक तनाव, दोनों के बीच का फर्क बताया जाता है।
आर्थिक पहुंच और राजनीतिक दबाव
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा अधिकारियों को बीजिंग आने की इजाज़त देकर चीन, टोक्यो पर दबाव बनाने के लिए आर्थिक ताकत का इस्तेमाल करना चाहता है। इसका मतलब है कि बढ़ाए गए प्रतिनिधिमंडल को सिर्फ कारोबारी घटनाक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे जापान को लेकर चीन के बड़े रुख के एक हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है।
हालांकि, इस मंज़ूरी से नज़र रखने वाले लोगों की मुख्य चेतावनी नहीं बदली है। उनका कहना है कि दोनों देशों के रिश्ते अब भी तनावपूर्ण हैं। फिलहाल सबसे साफ बदलाव आर्थिक मोर्चे पर दिख रहा है। शुरुआत में पांच लोगों तक सीमित प्रतिनिधिमंडल अब करीब 20 लोगों का हो सकता है। यह दौरा शेनझेन में होने वाले एपेक शिखर सम्मेलन के साथ भी हो सकता है। नज़र रखने वाले लोगों का कहना है कि राजनीति ठंडी ही रहेगी।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चीन ने जापानी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल में कितने सदस्यों को मंजूरी दी है?
चीन ने प्रतिनिधिमंडल का आकार पांच से बढ़ाकर करीब 20 सदस्यों तक करने की मंजूरी दी है।
यह जापानी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल किस संगठन से जुड़ा है?
यह प्रतिनिधिमंडल जापान के बिजनेस फेडरेशन केइदानरेन से जुड़ा है।
जापानी प्रतिनिधिमंडल का चीन दौरा कब और कहां हो सकता है?
यह दौरा अगले महीने नवंबर के बीच में शेनझेन में होने वाले एपेक शिखर सम्मेलन के साथ हो सकता है।
चीन के इस फैसले को किस नजर से देखा जा रहा है?
इसे जापान के साथ कारोबारी संपर्क बढ़ाने और टोक्यो पर आर्थिक दबाव बनाने की चीन की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दोनों देशों के रिश्तों की मौजूदा स्थिति कैसी है?
दोनों देशों के बीच कारोबारी संपर्क जारी है, लेकिन राजनीतिक रिश्ते अब भी तनावपूर्ण हैं।
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