बांदा में डीएम अमित आसेरी ने लंबित मामलों की समीक्षा की
बांदा में जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, बांदा में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बांदा में जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, बांदा में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में लंबित वादों के निस्तारण, गंभीर और संवेदनशील अपराधों में प्रभावी पैरवी तथा पुलिस और अभियोजन विभाग के बीच समन्वय की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने निर्देश दिए कि अभियोजन से जुड़े सभी मामलों में गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इससे अपराधियों को कानून के मुताबिक दंडित कराया जा सकेगा और पीड़ितों को समय से न्याय मिल सकेगा।
बैठक में न्यायालयों में लंबित मामलों के जल्द और समयबद्ध निस्तारण को लेकर भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि लंबित वादों की नियमित समीक्षा की जाए और इनके निस्तारण के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। मामलों की प्रगति पर लगातार नजर रखने और निस्तारण में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
गंभीर और संवेदनशील आपराधिक मामलों में प्राथमिकता के आधार पर पैरवी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे मामलों में विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि न्यायालय में प्रभावी तरीके से पक्ष रखा जा सके।
महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों से जुड़े मामलों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा गया। पॉक्सो अधिनियम से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इन मामलों में अभियोजन कार्यों की गुणवत्ता और तत्परता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में न्यायालय में जरूरी साक्ष्य, अभिलेख और अन्य प्रपत्र समय से प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि दस्तावेज और साक्ष्य समय पर उपलब्ध रहने चाहिए, जिससे सुनवाई में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।
पुलिस और अभियोजन विभाग के बीच समन्वय को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। विवेचना अधिकारी और अभियोजन अधिकारी आपसी समन्वय से काम करेंगे। मामलों में आने वाली समस्याओं का समय से समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
न्यायालयों में गवाहों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा पैरवी में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभियोजन कार्यों में गुणवत्ता, तत्परता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। शासन की मंशा के मुताबिक अपराधियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी गंभीरता से काम करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक माया शंकर यादव सहित अभियोजन विभाग, पुलिस विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बांदा में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किसने की?
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अमित आसेरी ने की।
बैठक में किन मामलों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए?
न्यायालयों में लंबित मामलों के जल्द और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में क्या निर्देश दिए गए?
इन मामलों में प्रभावी पैरवी और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
पुलिस और अभियोजन विभाग को कैसे काम करने को कहा गया?
विवेचना अधिकारी और अभियोजन अधिकारी आपसी समन्वय से काम करेंगे और मामलों की समस्याओं का समय पर समाधान करेंगे।
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