बल्लारी में सभी स्कूलों में वोट जागरूकता अभियान अनिवार्य
वोट जागरूकता अभियान: बल्लारी के सभी स्कूलों और कॉलेजों में SVEEP एक्टिविटी अनिवार्य बल्लारी: बल्लारी जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों, PU कॉलेजों, डिग्री कॉलेजों और यूनिवर्सिटी
बल्लारी: बल्लारी जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों, PU कॉलेजों, डिग्री कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में अब SVEEP (सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) एक्टिविटी करना अनिवार्य कर दिया गया है। ये निर्देश जिला SVEEP कमेटी के चेयरपर्सन और जिला पंचायत CEO मोहम्मद हारिस सुमीर ने गुरुवार को एक मीटिंग में दिए। इस पहल का मकसद वोटिंग के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, खासकर पहली बार वोट डालने वाले और 18 साल के हो रहे छात्रों के बीच।
ये प्रोग्राम चुनाव आयोग के व्यापक वोटर जागरूकता और साक्षरता अभियान का हिस्सा है। इसके तहत इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) को जिम्मेदारी दी गई है कि वे योग्य छात्रों के लिए वोटर एनरोलमेंट ड्राइव आयोजित करें।
वोटिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संस्थानों को निबंध लेखन, वाद-विवाद, ड्रॉइंग, रंगोली और स्ट्रीट प्ले जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों को यह भी प्रोत्साहित किया गया है कि वे अपने माता-पिता और समाज में भी जागरूकता फैलाएं। शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि ELC सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसके अलावा, शिक्षा विभाग के अधिकारी तालुका स्तर पर इन उपायों की निगरानी करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बल्लारी के स्कूलों और कॉलेजों में SVEEP एक्टिविटी क्या है?
SVEEP का मतलब है सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन। यह वोटिंग के बारे में छात्रों को जागरूक करने का एक अभियान है जो अब बल्लारी के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों, PU कॉलेजों, डिग्री कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में अनिवार्य कर दिया गया है।
इस SVEEP प्रोग्राम का मुख्य मकसद क्या है?
इस पहल का मकसद वोटिंग के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, खासकर पहली बार वोट डालने वाले और 18 साल के हो रहे छात्रों के बीच। साथ ही योग्य छात्रों के लिए वोटर एनरोलमेंट ड्राइव भी आयोजित किए जाएंगे।
स्कूल और कॉलेजों में वोटिंग जागरूकता के लिए कौन से प्रोग्राम होंगे?
संस्थानों को निबंध लेखन, वाद-विवाद, ड्रॉइंग, रंगोली और स्ट्रीट प्ले जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्रों में वोटिंग के प्रति जागरूकता बढ़े।
छात्रों से इस अभियान में क्या अपेक्षा की जा रही है?
छात्रों को यह प्रोत्साहित किया गया है कि वे अपने माता-पिता और समाज में भी वोटिंग के बारे में जागरूकता फैलाएं। यह एक तरह से छात्रों को समाज के जिम्मेदार सदस्य बनाने की कोशिश है।
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