बहराइच पुलिस ने परिवार परामर्श केंद्र के जरिए दो परिवारों को टूटने से बचाया
बहराइच पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चल रहे परिवार परामर्श केंद्र ने दो परिवारों के बीच सुलह करा कर उन्हें टूटने से बचा लिया है।
बहराइच पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चल रहे परिवार परामर्श केंद्र ने दो परिवारों के बीच सुलह करा कर उन्हें टूटने से बचा लिया है। पुलिस कार्यालय में स्थित इस केंद्र ने आपसी विवाद में उलझे परिवारों को काउंसलिंग देकर फिर से एक साथ रहने के लिए राजी कर लिया। यह पहल सामाजिक रिश्तों को बचाने की दिशा में पुलिस की लगातार कोशिश का हिस्सा है।
पारिवारिक विवाद को लेकर पुलिस अधीक्षक के पास सुलह के लिए प्रार्थना पत्र दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने परिवार परामर्श केंद्र के प्रभारी को मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया। केंद्र की टीम ने शिकायतकर्ता की बात विस्तार से सुनी और समझी, फिर दूसरे पक्ष से संपर्क करके उन्हें भी पुलिस कार्यालय स्थित केंद्र पर बुलाया गया।
परामर्श केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों को अलग-अलग और साथ में समझाया। इसके नतीजे में दोनों परिवारों ने भविष्य में आपस में लड़ाई-झगड़ा नहीं करने का फैसला किया। उन्होंने अपने परिवारिक कर्तव्यों को निभाते हुए खुशी-खुशी साथ रहने की बात मान ली। सुलह के बाद दोनों पक्षों को एक दूसरे के साथ तालमेल बनाकर अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने की सलाह दी गई।
समझौता कराने वाली टीम में उप निरीक्षक रमाशंकर मिश्रा, महिला मुख्य आरक्षी संगीता यादव, महिला आरक्षी अनन्या सिंह, गिरजावती यादव, छाया द्विवेदी, सविता मिश्रा और निशी त्रिवेदी शामिल रहीं। इस पहल से साफ होता है कि पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि परिवारों को जोड़ने का काम भी कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच पुलिस का परिवार परामर्श केंद्र क्या है?
यह केंद्र बहराइच पुलिस कार्यालय में स्थित है और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चलता है। यह परिवारों के बीच विवाद सुलझाने के लिए काउंसलिंग देता है ताकि परिवार टूटने से बचें।
इस केंद्र ने हाल ही में क्या किया?
केंद्र ने दो परिवारों के बीच सुलह करा दिया जो आपसी विवाद में उलझे हुए थे। दोनों परिवारों को काउंसलिंग देकर भविष्य में लड़ाई-झगड़ा न करने का फैसला कराया गया।
सुलह की प्रक्रिया कैसे काम करती है?
पहले शिकायतकर्ता की बात सुनी जाती है, फिर दूसरे पक्ष को पुलिस कार्यालय में बुलाया जाता है। इसके बाद दोनों पक्षों को अलग-अलग और साथ में समझाया जाता है ताकि वे सुलह के लिए राजी हो जाएं।
इस सुलह टीम में कौन-कौन शामिल रहे?
टीम में उप निरीक्षक रमाशंकर मिश्रा, महिला मुख्य आरक्षी संगीता यादव और छह महिला आरक्षी शामिल रहीं जिन्होंने दोनों परिवारों को समझा-बुझाकर एक दूसरे के साथ रहने के लिए तैयार किया।
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