बहराइच में विश्व हृदय दिवस पर स्क्रीनिंग कैंप, जागरूकता अभियान चला
बहराइच में मंगलवार को विश्व हृदय दिवस गोष्ठी, स्क्रीनिंग कैम्प, हस्ताक्षर अभियान और जन जागरूकता कार्यक्रमों के साथ मनाया गया।
बहराइच में मंगलवार को विश्व हृदय दिवस गोष्ठी, स्क्रीनिंग कैम्प, हस्ताक्षर अभियान और जन जागरूकता कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रहे राष्ट्रीय कार्यक्रम एनपी एनसीडी के अंतर्गत यह आयोजन मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, जिला चिकित्सालय और जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर किया गया। इस वर्ष विश्व हृदय दिवस "डोंट मिस ए बीट" की थीम पर मनाया गया।
कार्यक्रम की मुख्य शुरुआत सीएमओ कार्यालय में हुई। यहां सीएमओ डॉ० संजय कुमार ने हस्ताक्षर अभियान से कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने लोगों को दिल की बीमारियों से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतों में सुधार की जरूरत बताई। डॉ० संजय कुमार ने कहा कि बिगड़ी दिनचर्या, तनाव, गलत खानपान, प्रदूषण और अन्य कारणों के चलते दिल से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि छोटी उम्र से लेकर बुजुर्गों तक में यह समस्या आम होती जा रही है। उनके मुताबिक दिल को दुरुस्त रखने के लिए सही खानपान और तनाव मुक्त ज़िन्दगी सबसे जरूरी है।
एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ० संदीप मिश्रा ने भी लोगों को दिल की सेहत को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दिल का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है। ज्यादातार मौत का कारण हार्ट की समस्याएं ही है। उन्होंने लोगों से कहा कि दिल सेहतमंद रहे, इसके लिए नियमित व्यायाम करें, तनाव कम लें, धूम्रपान से दूर रहें, अच्छा खाना और संतुलित खाना खाएं और अनुशासन की जिंदगी जीये। उन्होंने साफ कहा कि जीवनशैली में सुधार ही दिल की बीमारी से बचाव का बड़ा आधार है।
डॉ० पारितोष तिवारी ने कार्यक्रम में कहा कि इलाज से बेहतर बचाव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वे दिल की बीमारी से ईमानदारी से बचना चाहते हैं तो अभी से अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना शुरु कर दीजिए। उन्होंने बताया कि एक जगह लगातार छह घंटे तक बैठना हृदय रोग का कारण बन सकता है। उन्होंने इसे सिगरेट की डिब्बी पीने के बराबर बताया। उनका जोर इस बात पर रहा कि बैठे रहने वाली आदत, गलत खानपान और तनाव दिल के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ० एस के वर्मा ने उपस्थित लोगों को बताया कि हृदय रोग पूरे विश्व में एक गंभीर बीमारी है। उन्होंने कहा कि उचित दिनचर्या और नियमित जांच कराने से हृदय रोगों से बचा जा सकता है। डॉ० एस के वर्मा ने लोगों को बॉडी मास इंडेक्स को 18.5 से 24.9 के बीच में रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हृदय की बीमारी का इलाज बचाव है और बचाव का सबसे सरल तरीका लाइफ स्टाइल में सही बदलाव है। उन्होंने नियमित जांच, सही दिनचर्या और संतुलित जीवनशैली को दिल की सेहत के लिए जरूरी बताया।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने हृदय रोगों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तनाव दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है। उन्होंने बताया कि आज की भागदौड़ वाली जीवन शैली में लोगों में तनाव ज्यादा बढ़ गया है। इसलिए इस बीमारी से पूरी तरह बचना तो मुश्किल है, लेकिन जहां तक संभव हो इससे दूरी बनाए रखें। बृजेश सिंह ने कहा कि तनाव के कारण मस्तिष्क से जो रसायन स्रावित होते हैं, वे हृदय की पूरी प्रणाली खराब कर देते हैं।
बृजेश सिंह ने लोगों को हृदय के काम करने के तरीके के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि हृदय हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो लगातार पंप करता है और पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को संचालित करता है। उन्होंने बताया कि हृदय संचार प्रणाली के मध्य में होता है। धमनियों और नसों जैसी रक्त वाहिनियां अशुद्ध रक्त को शरीर के हर भाग से हृदय तक ले जाती हैं और शुद्ध रक्त को हृदय से शरीर के हर भाग तक पहुंचाती हैं। इस जानकारी के जरिए लोगों को यह समझाने की कोशिश की गई कि दिल की सेहत पूरे शरीर की सेहत से जुड़ी है।
विश्व हृदय दिवस के मौके पर जिला एनसीडी क्लीनिक में स्क्रीनिंग कैम्प भी लगाया गया। इस कैम्प में उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी अन्य बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बताया गया कि नियमित स्क्रीनिंग से बीमारी का समय पर पता लगाया जा सकता है और बचाव की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, डॉक्टर और कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० राजेश गौतम, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० अनुराग वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ० एस के वर्मा, डॉ० पारितोष तिवारी, डॉ० विजित जायसवाल, डॉ० अंशुमान सिंह श्रीनेत्र और डॉ० आकिब शामिल रहे। एनसीडी सेल से एफएलसी विवेक श्रीवास्तव, डीईओ मोहम्मद हारून और मोहम्मद फहीम भी मौजूद रहे।
इसके साथ ही एनसीडी क्लीनिक के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ० रियाजुल हक़, पुनीत शर्मा, संतोष सिंह, नर्सिंग ऑफिसर बृज प्रकाश और स्वाती ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मेंटल हेल्थ कार्यक्रम से मॉनिटरिंग एंड इवैल्ऑयूएशन ऑफिसर मुकेश हंस, हरीश कुमार, अजय प्रताप सिंह, सीमा कुमारी एवं मनीष सिंह आदि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान स्क्रीनिंग, जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान के जरिए लोगों को दिल की बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच में विश्व हृदय दिवस कैसे मनाया गया?
बहराइच में विश्व हृदय दिवस पर गोष्ठी, स्क्रीनिंग कैंप, हस्ताक्षर अभियान और जन जागरूकता कार्यक्रम किए गए। ये आयोजन CMO कार्यालय, जिला अस्पताल और सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर हुए।
इस साल विश्व हृदय दिवस की थीम क्या थी?
इस साल विश्व हृदय दिवस की थीम "Don't Miss A Beat" रखी गई।
डॉक्टरों ने दिल की बीमारी से बचने के लिए क्या सलाह दी?
डॉक्टरों ने कहा कि सही खानपान, नियमित व्यायाम, तनाव कम करना, धूम्रपान से दूर रहना और अनुशासित जीवनशैली अपनाना दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।
डॉ. पारितोष तिवारी ने लंबे समय तक बैठने को लेकर क्या कहा?
डॉ. पारितोष तिवारी ने कहा कि लगातार छह घंटे तक एक जगह बैठे रहना दिल की बीमारी का कारण बन सकता है और यह आदत दिल के लिए नुकसानदेह है।
डॉ. एस के वर्मा ने BMI को लेकर क्या सलाह दी?
डॉ. एस के वर्मा ने लोगों को बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI को 18.5 से 24.9 के बीच रखने की सलाह दी।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।