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ऑस्ट्रेलिया ने पहले टी20आई में न्यूज़ीलैंड को दो विकेट से हराया

ऑस्ट्रेलिया ने पहले T20I में न्यूज़ीलैंड को दो विकेट से हराया ऑस्ट्रेलिया ने नॉर्थ सिडनी ओवल में खेले गए पहले T20I में आखिरी समय में आए बड़े झटकों से बचते हुए न्यूज़ीलैंड को दो विकेट से हरा दिया।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले टी20आई में न्यूज़ीलैंड को दो विकेट से हराया
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ऑस्ट्रेलिया ने नॉर्थ सिडनी ओवल में खेले गए पहले T20I में आखिरी समय में आए बड़े झटकों से बचते हुए न्यूज़ीलैंड को दो विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया तीन मैचों की सीरीज़ में 1-0 से आगे हो गया है।

ऑस्ट्रेलिया ने 163 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऐसे समय पर लगातार विकेट गंवाए, जब लग रहा था कि टीम की पकड़ मजबूत है। न्यूज़ीलैंड के 162 रन पर 2 विकेट के जवाब में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 145 रन पर 7 विकेट हो गया था। इसके बाद एलिस पेरी के तेज अर्धशतक और किम गर्थ के लगाए एक निर्णायक चौके ने ऑस्ट्रेलिया को सात गेंद बाकी रहते 165 रन पर 8 विकेट तक पहुंचा दिया।

न्यूज़ीलैंड ने बनाया मजबूत स्कोर

न्यूज़ीलैंड को पहले बल्लेबाज़ी के लिए कहा गया था और उसने अच्छा मुकाबला करने लायक स्कोर खड़ा किया। हालांकि टीम ने फ्लोरा डेवोनशायर और कप्तान मेलि केर के विकेट जल्दी गंवा दिए थे। इसके बाद जॉर्जिया प्लिमर और मैडी ग्रीन ने मिलकर मेहमान टीम को मजबूत आधार दिया।

ICC ने उनकी साझेदारी को नाबाद 127 रन की साझेदारी बताया, जबकि क्रिकइन्फो ने इसे न टूटने वाली 129 रन की साझेदारी बताया। दोनों रिपोर्टों में न्यूज़ीलैंड की पारी की सबसे अहम बात एक जैसी रही। प्लिमर और ग्रीन ने बीच के ओवरों से लेकर पारी के आखिरी हिस्से तक बल्लेबाज़ी का पूरा जिम्मा संभाले रखा और दोनों में से कोई भी आउट नहीं हुआ।

प्लिमर ने 68 गेंदों पर नाबाद 85 रन बनाए, जो उनके करियर का सबसे अच्छा स्कोर है। ग्रीन ने 37 गेंदों पर नाबाद 56 रन बनाए। उनकी साझेदारी ने न्यूज़ीलैंड को शुरुआती विकेटों के झटके से उबरने में मदद की और टीम को ऐसा स्कोर दिया, जिसने पूरे रन चेज़ के दौरान ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाए रखा।

प्लिमर ने पारी की शुरुआत संभलकर की, लेकिन क्रीज़ पर जमने के बाद उन्होंने रन बनाने की रफ्तार बढ़ा दी। उन्होंने 40 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। इससे पता चला कि उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी की गति में किस तरह बदलाव किया और इसी वजह से न्यूज़ीलैंड प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंच सका।

दूसरे छोर पर ग्रीन ने रन बनाने की रफ्तार बढ़ाने का काम किया और आखिरी ओवरों में स्कोरिंग रेट को और तेज किया। उनकी पारी में निकोला केरी के खिलाफ तीन गेंदों के एक ओवर में बनाए गए 14 रन भी शामिल थे। क्रिकइन्फो के मुताबिक, ग्रीन ने 33 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया।

प्लिमर के लिए यह पारी खास तौर पर अहम रही। उन्हें न्यूज़ीलैंड के निराशाजनक T20 विश्व कप अभियान के दौरान टीम से बाहर कर दिया गया था। इस बार मिले मौके का उन्होंने पूरा फायदा उठाया और पूरी पारी के दौरान नाबाद रहीं।

न्यूज़ीलैंड की ओपनिंग जोड़ी भी नई थी। प्लिमर के साथ फ्लोरा डेवोनशायर को पारी की शुरुआत के लिए भेजा गया था। डेवोनशायर स्पिन गेंदबाज़ी करने वाली ऑलराउंडर हैं। इससे पहले अपने पिछले तीन T20I मैचों में वह बल्लेबाज़ी नहीं कर पाई थीं, जबकि उन मैचों में उन्हें नंबर 9 पर रखा गया था। इस मुकाबले में वह सिर्फ चार गेंदों तक टिक सकीं और ब्री इलिंग की अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गईं।

इस प्रदर्शन से न्यूज़ीलैंड को नया दौर शुरू करते समय हौसला मिला। यह दौर सोफी डिवाइन, सुज़ी बेट्स और ली ताहुहु के संन्यास के बाद शुरू हुआ है। इन खिलाड़ियों के जाने के बाद टीम की अनुभवहीन बल्लेबाज़ी लाइन-अप पर सवाल उठे थे, लेकिन प्लिमर और ग्रीन ने यह पक्का किया कि मेहमान टीम के पास बचाव करने के लिए मजबूत स्कोर हो।

ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग में सुधार की गुंजाइश

ऑस्ट्रेलिया ने न्यूज़ीलैंड को 162 रन पर 2 विकेट तक रोक दिया, लेकिन फील्डिंग में उसका प्रदर्शन पूरी तरह भरोसा देने वाला नहीं था। पेरी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया गेंद से और मौके बना सकता था। हालांकि वह इस बात से संतुष्ट थीं कि सिर्फ दो विकेट लेने के बावजूद गेंदबाज़ों ने न्यूज़ीलैंड को 160 रन के आसपास रोककर अच्छा काम किया।

पेरी ने कहा, “यहां टीम को 160 रन तक रोकना, जबकि आपने सिर्फ दो विकेट लिए हों, हमारे गेंदबाज़ों की तरफ से काफी अच्छा काम है।” उन्होंने आखिरी हिस्से में जॉर्जिया वेयरहैम, सोफी मोलिन्यू और एनाबेल सदरलैंड के प्रदर्शन को खास तौर पर सामने रखा।

स्कोरकार्ड में सदरलैंड के नाम 1 विकेट पर 28 रन और गर्थ के नाम 1 विकेट पर 34 रन दर्ज थे। बांग्लादेश के खिलाफ ODI सीरीज़ से बाहर रखने वाली कूल्हे की चोट से उबरने के बाद वापस लाई गईं लूसी हैमिल्टन ने दो ओवर में 23 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।

ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ताओं के सामने हैमिल्टन को वापस लाने और मेगन शुट्ट को टीम में बनाए रखने के बीच फैसला करने का विकल्प था। शुट्ट ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों में 10 विकेट लिए थे। चयनकर्ताओं ने हैमिल्टन को चुना, लेकिन चौथे ओवर में गेंदबाज़ी के लिए आने के बाद वह सही लेंथ तलाशने के लिए संघर्ष करती दिखीं।

इसके बावजूद हैमिल्टन ने ऑस्ट्रेलिया की तरफ से फील्डिंग का सबसे अच्छा पल बनाया। उन्होंने फाइन लेग पर डाइव लगाकर कैच लिया और मेलि केर को आउट किया। यह कैच उस समय आया, जब न्यूज़ीलैंड की कप्तान अपने चार ओवर में 50 रन देने के बाद आउट हुईं। क्रिकइन्फो ने इसे उनके करियर का सबसे खराब गेंदबाज़ी प्रदर्शन बताया।

विकेट के पीछे बेथ मूनी के लिए भी यह आसान दिन नहीं रहा। उन्होंने स्टंपिंग का एक मौका गंवाया और विकेटों के पास खड़े होकर एक कैच भी छोड़ दिया। इससे प्लिमर को 15 और 39 रन के स्कोर पर जीवनदान मिला।

इन छूटे हुए मौकों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने न्यूज़ीलैंड को दो विकेट तक सीमित रखा। लेकिन इन गलतियों का असर ऐसे मैच में दिखा, जिसमें मेजबान टीम को रन चेज़ पूरा करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। न्यूज़ीलैंड का स्कोर ऑस्ट्रेलिया की पहुंच के अंदर था, फिर भी मेहमान टीम मुकाबले को आखिर तक जिंदा रखने में कामयाब रही, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया अपनी मजबूत शुरुआत का फायदा पूरी तरह नहीं उठा सका।

पेरी और मूनी ने ऑस्ट्रेलिया को आगे किया

ऑस्ट्रेलिया का रन चेज़ खराब तरीके से शुरू हुआ। दूसरी ही गेंद पर जॉर्जिया वोल आउट हो गईं। इलिंग की अंदर आती गेंद पर वोल LBW हो गईं। उन्होंने फैसले के खिलाफ रिव्यू लिया, लेकिन करीबी फैसले में अंपायर का फैसला बरकरार रहा और वोल को आउट होकर लौटना पड़ा।

इसके बाद पेरी और मूनी ने रन चेज़ का रुख बदल दिया। दोनों ने चौके लगाने के साथ विकेटों के बीच तेज दौड़ लगाई और 86 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को 86 रन तक पहुंचा दिया।

मूनी विकेट के पीछे किए गए मुश्किल प्रदर्शन से उबरने की कोशिश कर रही थीं और बल्लेबाज़ी में वह काफी सहज दिखाई दीं। पारी की शुरुआत में उन्हें अपने कॉन्टैक्ट लेंस भी निकालने पड़े थे। हालांकि क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परेशानी का उनकी बल्लेबाज़ी पर कोई साफ असर नहीं दिखा।

इस साझेदारी ने वोल के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया के जरूरी रन रेट को जल्दी ही नीचे कर दिया और टीम को जरूरी रफ्तार दे दी। पेरी ने कहा कि पावरप्ले ऑस्ट्रेलिया की रणनीति का अहम हिस्सा था और मूनी के साथ बल्लेबाज़ी करना उन्हें अच्छा लगा।

पेरी ने कहा, “हम हमेशा अच्छी शुरुआत करने की कोशिश करते हैं और पावरप्ले इसका अहम हिस्सा लगता है। इसलिए आज रात बेथ के साथ ऐसी साझेदारी करना काफी अच्छा रहा।”

पेरी ने इस साझेदारी में मूनी के योगदान की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “उन्होंने हमेशा की तरह बेहद शानदार बल्लेबाज़ी की और यह अच्छा रहा कि हम रन रेट को इतनी जल्दी नीचे ले आए।”

मूनी 38 रन के स्कोर पर रन आउट हो गईं। क्रिकइन्फो ने बताया कि उन्होंने ऐसी गेंद पर रन लेने के लिए दौड़ शुरू कर दी थी, जिस पर रन उपलब्ध नहीं था। ऐसा लगा कि LBW की जोरदार अपील के बीच उनका ध्यान भटक गया था।

इस विकेट से न्यूज़ीलैंड को वापसी का मौका मिला, लेकिन पेरी ने हमला जारी रखा। उन्होंने सीधा शॉट लगाकर 27 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। यह T20 इंटरनेशनल में उनका सबसे तेज अर्धशतक था, जो उनके अपने सबसे तेज पचास रन के बराबर रहा।

पेरी ने 30 गेंदों पर 52 रन बनाए। उनकी पारी ने ऑस्ट्रेलिया को शुरुआत में जरूरी रफ्तार दी और यह भी पक्का किया कि उनके आसपास विकेट गिरने के बावजूद टीम जरूरी रन रेट से आगे बनी रहे।

पेरी ने बल्लेबाज़ों को अपने शॉट खेलने का मौका देने वाली पिच का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “अक्टूबर के बीच में इस तरह की पिच के लिए आज की सतह काफी अच्छी थी।”

उन्होंने कहा, “अच्छी लेंथ पर गेंदबाज़ खेल में बने हुए थे, लेकिन यह पिच काफी सही भी थी, जिस पर कई बार बल्लेबाज़ खुलकर शॉट खेल सकते थे। प्लिमर और ग्रीन ने जिस तरह बल्लेबाज़ी की, उससे भी यह बात दिखी।”

न्यूज़ीलैंड ने रन चेज़ को रोमांचक बना दिया

पेरी के आउट होते ही रन चेज़ का माहौल बदल गया। जेस केर की गेंद पर उन्होंने डीप बैकवर्ड स्क्वायर पर कैच दे दिया। जेस केर न्यूज़ीलैंड की सबसे सफल गेंदबाज़ रहीं और उन्होंने 25 रन देकर 3 विकेट लिए।

ऐश गार्डनर ने कुछ उपयोगी रन बनाए, लेकिन जेस केर की गेंद पर LBW होकर आउट हो गईं। क्रिकइन्फो ने बल्लेबाज़ का नाम ऐशले गार्डनर बताया और कहा कि वह रिव्यू के बाद आउट दी गईं।

इसके बाद निकोला केरी गलतफहमी के कारण रन आउट हो गईं और न्यूज़ीलैंड लगातार विकेट लेने में कामयाब रहा। इस क्रम ने ऑस्ट्रेलिया को उस बढ़त को गंवाने के खतरे में डाल दिया, जो पेरी और मूनी की साझेदारी ने बनाई थी।

क्रिकइन्फो के मुताबिक, 16वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 145 रन पर 7 विकेट हो गया था। यह स्कोर रन चेज़ के दोनों हिस्सों के बीच का अंतर दिखाता है। पहले हिस्से में पेरी और मूनी ने रन रेट पर नियंत्रण रखा था, जबकि आखिरी हिस्से में न्यूज़ीलैंड ने बार-बार ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को रोक दिया।

जब पेरी और मूनी साथ बल्लेबाज़ी कर रही थीं, तब न्यूज़ीलैंड की अनुभवहीन टीम के लिए बड़ा उलटफेर करना मुश्किल दिखाई दे रहा था। लेकिन दोनों के बाद के विकेटों ने मेहमान टीम को ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाए रखने का मौका दिया। न्यूज़ीलैंड आखिरी गेंदों तक ऑस्ट्रेलिया को परेशान करता रहा।

सोफी मोलिन्यू ऑस्ट्रेलिया को लक्ष्य के करीब ले गईं। लक्ष्य से चार रन दूर रहते हुए वह रोज़मेरी मायर की गेंद पर आउट हो गईं। उन्होंने लैप स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद ने उन्हें बोल्ड कर दिया।

इस विकेट के बाद ऑस्ट्रेलिया को चार रन चाहिए थे और मैच का फैसला अगली बल्लेबाज़ी जोड़ी पर निर्भर हो गया। गर्थ ने स्क्वायर ड्राइव लगाकर गेंद को चौके के लिए भेजा और मुकाबला खत्म कर दिया।

ऑस्ट्रेलिया ने इस तरह 165 रन पर 8 विकेट बनाए और सात गेंद बाकी रहते दो विकेट से जीत हासिल की। हालांकि जीत का अंतर यह नहीं बताता कि आखिरी ओवरों में स्थिति कितनी अनिश्चित हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने 86 रन पर 1 विकेट से 145 रन पर 7 विकेट तक पहुंचने के दौरान 59 रन के अंदर सात विकेट गंवा दिए थे।

पेरी ने माना कि ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी उतनी साफ और पूरी तरह नियंत्रण में नहीं थी, जितनी टीम चाहती थी। उन्होंने कहा, “शायद यह उतना अच्छा और पूरी तरह नियंत्रण वाला प्रदर्शन नहीं था, जितना हम चाहते थे।”

पेरी ने आगे कहा, “और शायद T20 में कई बार ऐसा ही होता है, जब आप खेल को लगातार आगे बढ़ाते रहते हैं। लेकिन जिस तरह हमने मुकाबला खत्म किया, वह अच्छा लगा।”

ऑस्ट्रेलिया ने आक्रामक तरीका बनाए रखने की बात कही

पेरी ने कहा कि आखिरी समय पर आया यह झटका ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक तरीके को छोड़ने की जरूरत से ज्यादा, उसे सही तरीके से लागू करने से जुड़ा था। उन्होंने बताया कि सीरीज़ से पहले ऑस्ट्रेलिया की कई बल्लेबाज़ों को हाल में खेलने का मौका नहीं मिला था।

पेरी ने कहा, “हमारी बहुत सी बल्लेबाज़ों ने पिछले 10 दिनों में बल्लेबाज़ी नहीं की है।” ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश के खिलाफ तीन ODI खेलने के लिए ब्रिस्बेन गया था। पेरी ने बताया कि इनमें से सिर्फ करीब पांच खिलाड़ियों को बीच में काफी समय बल्लेबाज़ी करने का मौका मिला।

उन्होंने परिस्थितियों में आए बदलाव और जुलाई के बाद ऐसे फॉर्मेट में लौटने की बात भी कही, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद नहीं खेला था। यह सब उस रन चेज़ की पृष्ठभूमि का हिस्सा था, जिसकी शुरुआत अच्छी हुई, लेकिन मुख्य साझेदारी टूटने के बाद टीम का नियंत्रण कम होता गया।

पेरी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का ध्यान अहम पलों में बेहतर फैसले लेने पर होगा, जबकि टीम का मौजूदा खेलने का तरीका बना रहेगा। उन्होंने कहा, “शायद यह सिर्फ अपने विकल्पों को थोड़ा और बेहतर तरीके से तैयार करने की बात है। शुरुआत से ही अच्छे फैसले लेने होंगे और अपने तरीके और खेलने की शैली के अंदर रहकर आखिरी हिस्से में पूरी तरह सही प्रदर्शन करना होगा।”

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया अपने आक्रामक तरीके को कम नहीं करना चाहता और न ही सिर्फ खेल को वापस अपने नियंत्रण में लाने की कोशिश करना चाहता है। उनके मुताबिक, ध्यान टीम के पहले से तय आक्रामक ढांचे के अंदर सही फैसले लेने पर रहेगा।

यह फर्क अहम है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने इसी सकारात्मक तरीके से बड़ी बढ़त बनाई थी और बाद में यही तरीका टीम के लिए जोखिम भी लेकर आया। पेरी और मूनी की 86 रन की साझेदारी चौकों और विकेटों के बीच दौड़ से बनी थी। इसके बाद गिरे विकेटों ने दिखाया कि आखिरी हिस्से में सही तरीके से काम न करने की कीमत चुकानी पड़ सकती है।

पेरी की अपनी पारी भी उस संतुलन को दिखाती है, जिसे ऑस्ट्रेलिया हासिल करना चाहता है। उन्होंने 30 गेंदों पर 52 रन बनाए, लक्ष्य पर शुरुआत से हमला किया, लेकिन फिर भी माना कि टीम को अपने अमल को और बेहतर और तेज करना होगा।

न्यूज़ीलैंड के लिए अहम प्रदर्शन

न्यूज़ीलैंड की हार से उसके प्रदर्शन की उम्मीद खत्म नहीं हुई। प्लिमर और ग्रीन ने इस नई शक्ल वाली टीम को 162 रन पर 2 विकेट तक पहुंचाया। इसके बाद गेंदबाज़ों ने ऑस्ट्रेलिया को 145 रन पर 7 विकेट कर दिया था, लेकिन मेजबान टीम आखिरी समय में बच निकलने में कामयाब रही।

इलिंग ने अपने 16वें T20I में नई गेंद से असर डाला। उन्होंने दूसरी गेंद पर वोल को आउट किया और शुरुआत में ही ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बना दिया।

जेस केर ने इसके बाद अहम मौकों पर विकेट लिए और चार ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट के साथ मैच खत्म किया। उन्होंने पेरी और गार्डनर को आउट किया। इन दोनों विकेटों ने ऑस्ट्रेलिया की शुरुआती साझेदारी के बाद न्यूज़ीलैंड को फिर से मैच में नियंत्रण हासिल करने में मदद की।

मायर ने भी आखिरी हिस्से में अहम योगदान दिया। उन्होंने मोलिन्यू को उस समय बोल्ड किया, जब ऑस्ट्रेलिया को चार रन चाहिए थे। इसके तुरंत बाद गर्थ ने चौका लगा दिया और न्यूज़ीलैंड की वापसी की कोशिश सफल नहीं हो सकी।

मेलि केर की टीम के पास फिर भी प्लिमर और ग्रीन के प्रदर्शन से आगे बढ़ने का आधार रहेगा। क्रिकइन्फो ने मेलि केर को एक युवा टीम को आकार देने वाली कप्तान बताया। ICC ने भी इस पारी को न्यूज़ीलैंड के नए अध्याय की उत्साह बढ़ाने वाली शुरुआत के रूप में पेश किया।

प्लिमर की वापसी खास तौर पर ध्यान देने लायक रही, क्योंकि T20 विश्व कप के दौरान उन्हें टीम से बाहर रखा गया था। नई ओपनिंग जोड़ी में मिले मौके का उन्होंने पूरा फायदा उठाया और करियर का सबसे अच्छा नाबाद स्कोर बनाया।

इस साझेदारी में ज्यादा अनुभवी खिलाड़ी ग्रीन ने पारी को संभाला और आखिरी ओवरों में रन बनाने की रफ्तार भी बढ़ाई। 37 गेंदों पर बनाए गए उनके 56 रन न्यूज़ीलैंड को जीत नहीं दिला सके, लेकिन उन्होंने टीम को ऐसा स्कोर जरूर दिया, जिससे ऑस्ट्रेलिया के मध्य और निचले क्रम की कमजोरियां सामने आ गईं।

ऑस्ट्रेलिया के सामने चयन से जुड़े अगले सवाल

ऑस्ट्रेलिया की टीम फोएबे लिचफील्ड के बिना उतरी। वह कूल्हे की चोट के कारण बाहर थीं। जुलाई में T20 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड को हराने वाली टीम में यही एक बदलाव किया गया और ताहलिया मैक्ग्रा ने लिचफील्ड की जगह ली।

पेरी ने लिचफील्ड की चोट से वापसी पर उत्साह बढ़ाने वाली जानकारी दी। पेरी ने कहा, “मुझे लगता है कि उनकी प्रगति काफी अच्छी है।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्हें ट्रेनिंग करते हुए देखकर लगता है कि वह काफी अच्छी तरह से आगे बढ़ रही हैं। मेरा मानना है कि उनकी वापसी में अब ज्यादा समय नहीं है।”

बाकी मैचों के लिए लिचफील्ड की उपलब्धता पर नजर रखी जाएगी, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहता है। उनकी गैरमौजूदगी ऑस्ट्रेलिया के T20 क्रिकेट में लौटने की पृष्ठभूमि का हिस्सा रही। टीम विश्व कप और बांग्लादेश के खिलाफ हाल की ODI सीरीज़ के बाद इस फॉर्मेट में वापस आई है।

हैमिल्टन का चयन भी ऑस्ट्रेलिया की टीम के संयोजन से जुड़े सवालों का हिस्सा बना रहेगा। वह कूल्हे की चोट के बाद वापस आईं, जबकि शुट्ट ने हाल में बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों में 10 विकेट लिए थे।

हैमिल्टन के गेंदबाज़ी आंकड़े उस चयन से बनी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे, लेकिन मेलि केर को आउट करने के लिए लिया गया उनका कैच ऑस्ट्रेलिया के लिए फील्डिंग में अहम योगदान रहा। इस मैच से तेज गेंदबाज़ी के इन दो विकल्पों के बीच मुकाबले को लेकर मिली तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं रही।

ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग भी ऐसा क्षेत्र है, जिसमें टीम सुधार करना चाहेगी। मूनी की छूटी हुई स्टंपिंग और गिराए गए कैच ने प्लिमर को अतिरिक्त मौके दिए। हालांकि न्यूज़ीलैंड इन मौकों को जीत में नहीं बदल सका।

सीरीज़ में बढ़त, सुधार की गुंजाइश

दो विकेट की जीत से ऑस्ट्रेलिया को तीन मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त मिल गई है। बचे हुए मैच ऑस्ट्रेलिया को उन गलतियों को सुधारने का मौका देंगे, जिनका जिक्र पेरी ने किया। साथ ही टीम उस आक्रामक शैली को भी बनाए रख सकती है, जिसने उसे रन चेज़ में आगे पहुंचाया था।

पेरी ने कहा कि हर मैच टीम के विकास में योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा, “हर मैच सुधार करने का एक मौका होता है।”

उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट और बांग्लादेश के खिलाफ हाल की ODI सीरीज़ के जरिए अपने-अपने खेल के अलग-अलग हिस्सों पर काम कर रही थीं। इस वजह से न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज़ को अलग और अकेले मुकाबले के तौर पर नहीं, बल्कि तैयारी के एक बड़े दौर के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

पहली ICC महिला चैंपियंस ट्रॉफी अगले साल की शुरुआत में होने वाली है। इस वजह से ऑस्ट्रेलिया की तैयारी के लिए इस सीरीज़ की अहमियत बढ़ गई है। पेरी ने कहा कि ये तीन मैच ऑस्ट्रेलिया को अपने खेल को और बेहतर करने और टीम के तौर पर आगे बढ़ने का मौका देंगे।

ऑस्ट्रेलिया ने जुलाई में ICC महिला T20 विश्व कप जीता था, लेकिन पेरी ने साफ किया कि उस सफलता के बाद भी आगे सुधार की जरूरत बनी हुई है। उन्होंने कहा, “विश्व कप में सफल होना शानदार था, लेकिन टीम और व्यक्तिगत तौर पर हमेशा कुछ ऐसे हिस्से होते हैं, जिनमें हम सुधार करना चाहते हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि टीम को बड़े टूर्नामेंटों के लिए तैयारी करनी है, लेकिन खिलाड़ियों को अपने खेल के नए हिस्सों पर काम करने का मौका भी देना है। पेरी ने कहा, “यह इस बात का मिश्रण है कि हम तैयारी करते रहें और उस स्तर तक पहुंचें, जहां बड़े टूर्नामेंटों में सफल हो सकें। साथ ही लड़कियों को उन नई चीज़ों पर काम करने का मौका भी मिले, जिन्हें वे अपने खेल में आजमा रही हैं।”

इस तरह पहले मैच से ऑस्ट्रेलिया को नतीजा भी मिला और कुछ चेतावनियां भी सामने आईं। पेरी के 52 रन और मूनी के साथ उनकी 86 रन की साझेदारी ने आक्रामक शुरुआत की ताकत दिखाई। वहीं 145 रन पर 7 विकेट तक पहुंचा पतन यह बताता है कि आखिरी हिस्से में टीम को ज्यादा नियंत्रण की जरूरत है।

न्यूज़ीलैंड के लिए करीबी हार इस बात का सबूत लेकर आई कि टीम का नया बल्लेबाज़ी आधार मौजूदा T20 विश्व कप चैंपियन के खिलाफ मुकाबला कर सकता है। प्लिमर के करियर के सबसे अच्छे नाबाद 85 रन, ग्रीन के 56 रन और केर के 25 रन पर 3 विकेट ने मेहमान टीम को मुकाबले में बनाए रखा। गर्थ के आखिरी चौके ने जाकर मैच का फैसला किया।

ऑस्ट्रेलिया अब सीरीज़ में आगे है, लेकिन पहले मैच ने दोनों टीमों को बाकी मुकाबलों में ले जाने के लिए साफ बातें दी हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑस्ट्रेलिया ने न्यूज़ीलैंड को कितने विकेट से हराया?

ऑस्ट्रेलिया ने पहले T20I में न्यूज़ीलैंड को दो विकेट से हराया।

ऑस्ट्रेलिया ने जीत के लिए कितने रन का लक्ष्य हासिल किया?

ऑस्ट्रेलिया ने 163 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए सात गेंद बाकी रहते 165 रन बनाए।

न्यूज़ीलैंड के लिए सबसे ज्यादा रन किसने बनाए?

जॉर्जिया प्लिमर ने 68 गेंदों पर नाबाद 85 रन बनाए, जो उनका करियर का सबसे अच्छा स्कोर है।

इस जीत के बाद तीन मैचों की सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया की स्थिति क्या है?

ऑस्ट्रेलिया तीन मैचों की सीरीज़ में 1-0 से आगे हो गया है।

#australia#ellyse perry#new zealand#t20i#women's cricket

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