कपिल मुनि गौशाला में संत समागम, 700 संत हुए शामिल
सासनी तहसील क्षेत्र के गांव हासिमपुर में स्थित कपिल मुनि गौशाला में बृहस्पतिवार को पितृ पक्ष की षष्ठी तिथि पर संत समागम और भंडारे का आयोजन किया गया।
सासनी तहसील क्षेत्र के गांव हासिमपुर में स्थित कपिल मुनि गौशाला में बृहस्पतिवार को पितृ पक्ष की षष्ठी तिथि पर संत समागम और भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख धार्मिक स्थलों से करीब 700 संत पहुंचे और उन्होंने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का आयोजन बाबा मंगलानंद जी महाराज के नेतृत्व में किया गया। गौशाला परिसर में संतों के ठहरने, भोजन और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं की गईं। संतों के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई थी। बाबा मंगलानंद जी महाराज की देखरेख में संतों को प्रसादी वितरित की गई और दान-दक्षिणा देकर उनका सम्मान किया गया।
करीब 700 संतों के पहुंचने से कपिल मुनि गौशाला का पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से भर गया। संत समागम में शामिल होने आए संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक वातावरण बना रहा। गौशाला परिसर में संतों की सेवा और भंडारे को लेकर सभी व्यवस्थाएं पहले से की गई थीं।
इस मौके पर कथा वाचक आचार्य स्वदेशी महाराज ने कपिल मुनि गौशाला के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कपिल मुनि गौशाला की नींव वर्ष 1987 में रखी गई थी। इसके बाद से बाबा मंगलानंद जी महाराज द्वारा गौशाला की देखरेख और व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है।
आचार्य स्वदेशी महाराज ने यह भी बताया कि गौशाला में वर्ष में दो बार कथा का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि संतों की सेवा करना धार्मिक परंपरा का हिस्सा है और इसे पुण्य का कार्य माना जाता है। इसी भावना के साथ कपिल मुनि गौशाला में संत समागम और भंडारे का आयोजन किया गया।
आचार्य स्वदेशी महाराज के अनुसार, कार्यक्रम में नोएडा, दिल्ली, मुंबई, हरिद्वार, वृंदावन, छत्तीसगढ़, झारखंड समेत देश के अलग-अलग क्षेत्रों से संत पहुंचे। कार्यक्रम में आचार्य शैलेश शर्मा, हिमांशु उपाध्याय, कृष्णा गौड़, सुनील कुमार, निक्की सैनी, कैलाश शर्मा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्त मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कपिल मुनि गौशाला में क्या कार्यक्रम हुआ?
सासनी तहसील के हासिमपुर गांव में कपिल मुनि गौशाला में पितृ पक्ष की षष्ठी तिथि पर संत समागम और भंडारे का आयोजन हुआ।
इस संत समागम में कितने संत शामिल हुए?
कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों और धार्मिक स्थलों से करीब 700 संत शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन किसके नेतृत्व में हुआ?
यह आयोजन बाबा मंगलानंद जी महाराज के नेतृत्व में हुआ। उनकी देखरेख में संतों को प्रसादी और दान-दक्षिणा देकर सम्मानित किया गया।
कपिल मुनि गौशाला की नींव कब रखी गई थी?
आचार्य स्वदेशी महाराज के मुताबिक, कपिल मुनि गौशाला की नींव साल 1987 में रखी गई थी।
संत किन-किन जगहों से आए थे?
संत नोएडा, दिल्ली, मुंबई, हरिद्वार, वृंदावन, छत्तीसगढ़, झारखंड समेत देश के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे थे।
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