मुरैना में पुलिस से भागीं रेत भरी 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, कार ठोकी
मुरैना शहर में रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के तेज रफ्तार में भागने और एक कार को टक्कर मारने का मामला सामने आया है।
मुरैना शहर में रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के तेज रफ्तार में भागने और एक कार को टक्कर मारने का मामला सामने आया है। चंबल में लंबे समय से बंद बताए जा रहे रेत उत्खनन के बीच करीब 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रेत भरकर शहर तक पहुंचीं। तड़के करीब 5:30 बजे पुलिस ने इनका पीछा किया तो चालक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को तेज रफ्तार और अनियंत्रित तरीके से भगाने लगे। पुलिस से बचने के लिए ये वाहन टंच रोड स्थित राठौर कॉलोनी की गलियों में घुस गए।
इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने स्थानीय निवासी नरेश राठौर की कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार सड़क किनारे नाली में जा घुसी और क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कार सवार नरेश राठौर की जान बच गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पूरी घटना के दो CCTV फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तेज रफ्तार और कॉलोनी में मची अफरा-तफरी दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि पुलिस रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोकने के लिए उनका पीछा कर रही थी। जैसे ही चालकों ने पुलिस को पीछे आते देखा, वे मुख्य मार्ग छोड़कर शहर की संकरी गलियों में घुस गए। करीब 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के एक साथ तेज रफ्तार से भागने से हालात बेकाबू होते नजर आए। इसी दौरान टंच रोड की राठौर कॉलोनी में कार को टक्कर लगने की घटना हुई।
स्थानीय निवासी नरेश राठौर के मुताबिक, वह सुबह धौलपुर से लौटकर अपनी कार से घर की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वह अपनी गली में पहुंचे, सामने से अचानक बड़ी संख्या में रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज गति से आते दिखाई दिए। नरेश ने कार को संभालने की कोशिश की, लेकिन ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही उनकी गाड़ी नाली में जा घुसी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
नरेश राठौर ने बताया कि उस समय पीछे पुलिस के दो आरक्षक पैदल आ रहे थे। उनके मुताबिक, वे ट्रैक्टर चालकों को रोकने के लिए पत्थर भी फेंक रहे थे। पीछे पुलिस की गाड़ी भी आ रही थी। नरेश का कहना है कि ट्रैक्टर चालक किसी भी हालत में रुकने को तैयार नहीं थे और पुलिस से बचने के लिए कॉलोनी की गलियों में खतरनाक तरीके से वाहन दौड़ा रहे थे।
नरेश राठौर ने घटना के बारे में कहा, "मैं धौलपुर से लौटकर अपनी गाड़ी से घर की गली में आ रहा था। सामने से बड़ी संख्या में रेत की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज गति से आईं। उन्होंने मेरी गाड़ी को टक्कर मार दी और भाग गए। मेरी गाड़ी नाली में जा घुसी। मैं आज मरते-मरते बचा हूं। यह मेरा दूसरा जन्म है।"
उन्होंने यह भी कहा कि सुबह का समय होने की वजह से गली में ज्यादा लोग और बच्चे बाहर नहीं थे। अगर उस समय कोई बच्चा या कोई दूसरा व्यक्ति सामने आ जाता, तो गंभीर हादसा हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों का भी यही कहना है कि कुछ सेकंड के अंतर से बड़ा हादसा टल गया। उनके मुताबिक, जिस तरह ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज रफ्तार से गलियों में घुसीं, उससे किसी की भी जान जा सकती थी।
घटना के दौरान सिर्फ कार को ही नुकसान नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जिस रास्ते से भागीं, वहां अफरा-तफरी मच गई। रास्ते में घरों के बाहर रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। एक घर के बाहर रखा लकड़ी का काउंटर टूट गया। इसके अलावा नल की लाइन को भी नुकसान पहुंचा। तेज रफ्तार ट्रैक्टरों के अचानक गलियों में घुसने से रहवासी डर गए और घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय निवासी कमला बाई ने बताया कि सुबह अचानक शोर सुनाई दिया। बाहर निकलकर देखा तो कई रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज गति से भाग रहे थे। उनके मुताबिक, ट्रैक्टरों ने नरेश की कार को टक्कर मारी और इसके बाद भी चालक रुके नहीं। कमला बाई ने बताया कि पीछे पुलिसकर्मी और पुलिस की गाड़ियां भी थीं। उनका कहना है कि घटना के बाद कॉलोनी के लोग दहशत में हैं।
राठौर कॉलोनी के लोगों का कहना है कि अगर उस समय गली में बच्चे खेल रहे होते या लोग घरों से बाहर निकले होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। सुबह का वक्त होने के कारण ज्यादातर लोग घरों में थे, इसलिए जनहानि टल गई। लेकिन जिस तरह रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शहर की गलियों में दौड़ीं, उससे लोगों में डर बैठ गया है।
घटना के CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और रेत परिवहन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। चंबल में लंबे समय से रेत उत्खनन बंद बताया जा रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शहर तक कैसे पहुंचीं, यह बड़ा सवाल बन गया है। अगर करीब 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां एक साथ रेत भरकर मुरैना शहर में आईं और पुलिस को देखकर भागती रहीं, तो इनके स्रोत, रूट और परिवहन की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले में जब संवाददाता ने कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस वजह से कोतवाली पुलिस की ओर से इस घटना पर तत्काल कोई पक्ष सामने नहीं आ सका।
CSP दीपाली चंदौरिया से जब मामले में जानकारी ली गई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें फिलहाल घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "अभी मुझे जानकारी नहीं है। मैं जानकारी लेकर बताती हूं।"
अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। घटना के दो CCTV फुटेज सामने आए हैं। इन्हीं फुटेज के आधार पर ट्रैक्टर चालकों की पहचान, वाहनों की जब्ती और रेत के स्रोत को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।
पूरा मामला सुबह करीब 5:30 बजे का है। स्थान टंच रोड, राठौर कॉलोनी, मुरैना है। मामला रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पुलिस द्वारा पीछा किए जाने से जुड़ा है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या करीब 20 बताई जा रही है। हादसे में एक कार को टक्कर लगी और गाड़ी नाली में जा घुसी। नुकसान में कार, लकड़ी का काउंटर और नल लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। सबूत के तौर पर घटना के दो CCTV फुटेज सामने आए हैं। फिलहाल क्षेत्रवासी दहशत में हैं।
इस घटना ने एक बार फिर चंबल से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि चंबल में बंद रेत उत्खनन के बावजूद रेत शहर तक कैसे पहुंच रही है। पुलिस को देखकर भागती रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने मुरैना की राठौर कॉलोनी में जिस तरह अफरा-तफरी मचाई, उससे लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुरैना में पुलिस से बचने के लिए कितनी रेत भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भागीं?
मुरैना में पुलिस से बचने के लिए रेत से भरी करीब 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज रफ्तार में भागीं।
ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से किसकी कार क्षतिग्रस्त हुई?
भाग रही ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से स्थानीय निवासी नरेश राठौर की कार क्षतिग्रस्त हो गई और वह नाली में जा घुसी।
यह घटना मुरैना में किस जगह पर हुई?
यह घटना मुरैना शहर के टंच रोड स्थित राठौर कॉलोनी की गलियों में हुई।
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