ट्रोलिंग से आहत अलीगढ़ के एसएसपी नीरज जादौन बोले- मैं भी एक इंसान हूं
अलीगढ़ के एसएसपी नीरज जादौन सोशल मीडिया पर लगातार हो रही ट्रोलिंग और गंदी टिप्पणियों से काफी आहत हैं।
अलीगढ़ के एसएसपी नीरज जादौन सोशल मीडिया पर लगातार हो रही ट्रोलिंग और गंदी टिप्पणियों से काफी आहत हैं। उन्होंने शुक्रवार को अपने एक्स हैंडल पर एक भावुक हैंडनोट शेयर करते हुए अपनी पीड़ा सार्वजनिक की है। नीरज जादौन ने शुक्रवार की परेड के बाद होने वाले ऑर्डर्ली रूम को लेकर चल रहे विवाद पर अपना पक्ष रखा और साफ किया कि वह सिर्फ तय नियमों का पालन कर रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि शुक्रवार की परेड के बाद ऑर्डर्ली रूम में हाजिर होना एक निर्धारित प्रक्रिया है और वहां कॉटन यूनिफॉर्म पहनना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि "न तो मैंने ये नियम बनाए हैं और न ही इन्हें बदलने का अधिकार मेरे पास है।" दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट के जरिए यह आरोप लगाए जा रहे थे कि सिपाहियों से सूती यूनिफॉर्म और दूसरी व्यवस्था के नाम पर करीब 3500 रुपये का एक्स्ट्रा खर्च करवाया गया है।
कई यूजर्स ने एसएसपी पर 'राजा साहब वाली फीलिंग' रखने और सिपाहियों को गुलाम जैसा दिखाने जैसी अभद्र टिप्पणियां भी की थीं। इन टिप्पणियों से दुखी होकर नीरज जादौन ने लिखा कि उन्होंने कभी राजा बनने की कोशिश नहीं की, बल्कि पूरी ईमानदारी से नियमों के मुताबिक अपना काम करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की इस गंदी ट्रोलिंग का असर उनके परिवार तक पहुंच रहा है।
अपने संदेश में एसएसपी ने आगे लिखा कि जिस दिन उन्हें लगेगा कि वह अपनी नौकरी के साथ इंसाफ नहीं कर पा रहे हैं, वह उसी दिन बिना किसी सोच-विचार के इस्तीफा दे देंगे। अपने मैसेज के आखिर में उन्होंने लिखा, "I AM ALSO A HUMAN BEING" यानी मैं भी एक इंसान हूं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अलीगढ़ के एसएसपी नीरज जादौन को सोशल मीडिया पर क्या आरोप लगाए जा रहे हैं?
सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि एसएसपी सिपाहियों से कॉटन यूनिफॉर्म और दूसरी व्यवस्था के नाम पर करीब 3500 रुपये का अतिरिक्त खर्च करवा रहे हैं। साथ ही उन पर 'राजा साहब' जैसी मानसिकता रखने का आरोप भी लगाया जा रहा है।
एसएसपी ने कॉटन यूनिफॉर्म के बारे में क्या कहा है?
एसएसपी नीरज जादौन ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार की परेड के बाद ऑर्डर्ली रूम में हाजिर होने के समय कॉटन यूनिफॉर्म पहनना एक निर्धारित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने ये नियम बनाए हैं और न ही इन्हें बदलने का उन्हें अधिकार है।
एसएसपी ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग का असर कहां तक पहुंचने की बात कही है?
एसएसपी ने कहा है कि सोशल मीडिया की गंदी ट्रोलिंग का असर उनके परिवार तक पहुंच रहा है। इससे वह काफी आहत हैं।
एसएसपी ने अपने मैसेज का अंत कैसे किया है?
एसएसपी ने अपने संदेश के आखिर में लिखा, 'I AM ALSO A HUMAN BEING' यानी मैं भी एक इंसान हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस दिन उन्हें लगेगा कि वह अपनी नौकरी के साथ इंसाफ नहीं कर पा रहे हैं, वह बिना सोच-विचार के इस्तीफा दे देंगे।
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