असम विमान हादसे में अलीगढ़ के शहीद जितेंद्र शर्मा की मौत, गांव
असम में भारतीय वायुसेना के विमान हादसे में अलीगढ़ के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा की मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर 2 बजे गांव पहुंचेगा। परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
असम में शनिवार सुबह भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अलीगढ़ के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा समेत 5 लोगों की मौत हो गई। जितेंद्र का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर 2 बजे उनके गांव सालपुर पहुंचेगा।
जितेंद्र की मां राजेश्वरी देवी (72) को अभी उनकी मौत की खबर नहीं दी गई है। वह लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित हैं और घर में अकेली हैं। परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें उनकी बहनें और भाई शामिल हैं, चाचा के घर पर रुके हुए हैं। गांव में शहीद जितेंद्र के सम्मान में जयकारे लगाए जा रहे हैं और जगह-जगह बैनर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं।
जितेंद्र शर्मा 7 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके पिता का 12 साल पहले निधन हो गया था। उनकी मां ने ही सभी बच्चों का पालन-पोषण किया। जितेंद्र का भारतीय वायुसेना में 1 जनवरी 2015 को सिलेक्शन हुआ था और उन्होंने 11 साल तक देश की सेवा की। उन्होंने अलीगढ़ के डीआरजी इंटर कॉलेज से पढ़ाई की थी और कोचिंग के बाद वायुसेना में चुने गए थे। हाल ही में वह छुट्टी पर गांव आए थे और 5 जून को ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी शादी की बातचीत चल रही थी और परिवार जल्द ही तैयारियां शुरू करने वाला था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
मुख्य बातें
- असम में भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त, 5 लोगों की मौत।
- अलीगढ़ के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा शहीद, पार्थिव शरीर सोमवार को गांव पहुंचेगा।
- जितेंद्र की मां को उनकी मौत की खबर नहीं दी गई, वह हृदय रोग से पीड़ित हैं।
- जितेंद्र ने 11 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा दी, हाल ही में छुट्टी पर गांव आए थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
असम विमान हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
असम में शनिवार सुबह भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान की लैंडिंग के दौरान दुर्घटना में कुल 5 लोगों की मौत हुई। इनमें अलीगढ़ के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा भी शामिल हैं।
जितेंद्र शर्मा कौन थे?
जितेंद्र शर्मा अलीगढ़ के रहने वाले सार्जेंट थे जो भारतीय वायुसेना में काम करते थे। उन्होंने 1 जनवरी 2015 को वायुसेना में सिलेक्शन पाया था और 11 साल तक देश की सेवा की। वह 7 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे।
जितेंद्र की मां को उनकी मौत की खबर दे दी गई?
नहीं, जितेंद्र की 72 साल की मां राजेश्वरी देवी को अभी उनकी मौत की खबर नहीं दी गई है। वह लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित हैं और परिवार ने यह फैसला लिया है कि पहले उन्हें खबर नहीं दी जाएगी।
जितेंद्र का पार्थिव शरीर कब गांव पहुंचेगा?
जितेंद्र का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर 2 बजे उनके गांव सालपुर पहुंचेगा। गांव में उनके सम्मान में जयकारे लगाए जा रहे हैं और बैनर व होर्डिंग्स लगाए गए हैं।
जितेंद्र हाल ही में क्या कर रहे थे?
जितेंद्र हाल ही में छुट्टी पर गांव आए थे और 5 जून को ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी शादी की बातचीत चल रही थी और परिवार जल्द ही शादी की तैयारियां शुरू करने वाला था।
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