श्रावस्ती की अमवा पंचायत में सफाई व्यवस्था बदहाल, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
श्रावस्ती में स्वच्छ भारत अभियान के दावों के बीच अमवा ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
श्रावस्ती में स्वच्छ भारत अभियान के दावों के बीच अमवा ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि स्वच्छता के नाम पर खर्च तो किया जा रहा है, लेकिन गांवों में इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अमवा ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था बदहाल बनी हुई है और नालियों की हालत लंबे समय से खराब है।
संचारी रोग नियंत्रण माह भी अब समाप्ति की ओर है। इसके बावजूद ग्रामीणों का दावा है कि गांवों में नालियों की नियमित सफाई नहीं हुई। मच्छरों से बचाव के लिए एंटी लार्वा दवा का समुचित छिड़काव भी नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने फॉगिंग की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि संचारी रोग नियंत्रण माह के दौरान सफाई के नाम पर गतिविधियां केवल फोटो खींचने और कुछ सेकंड के वीडियो बनाने तक सीमित रहीं। उनका कहना है कि इन गतिविधियों के बावजूद गांवों की वास्तविक स्थिति में कोई खास बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।
अमवा ग्राम पंचायत के गांवों में कई नालियां लंबे समय से गंदगी से बजबजा रही हैं। नालियों में जमा गंदगी और आसपास की खराब सफाई व्यवस्था से ग्रामीण परेशान हैं। मच्छरों से बचाव के लिए जिन कदमों की जरूरत है, वे प्रभावी तरीके से जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर चूने का छिड़काव जरूर किया गया। हालांकि, उनका आरोप है कि सिर्फ चूने का छिड़काव करने से सफाई की समस्या दूर नहीं हुई। नालियों की सफाई और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी कदम अब भी नहीं उठाए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि संचारी रोग नियंत्रण माह खत्म होने को है, लेकिन अमवा ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था को लेकर असंतोष बना हुआ है। गंदगी और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से अमवा ग्राम पंचायत में साफ-सफाई की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि नालियों की सफाई कराई जाए और एंटी लार्वा दवा के छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों ने मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि स्वच्छता और संचारी रोग नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर गांवों की जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
अब बड़ा सवाल यह है कि अमवा ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था कब सुधरेगी और स्वच्छता अभियान का असर ग्रामीण इलाकों में कब दिखाई देगा। यह भी देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमवा ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था को लेकर क्या शिकायत है?
ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में सफाई व्यवस्था बदहाल है और कई नालियां लंबे समय से गंदगी से भरी हैं।
संचारी रोग नियंत्रण माह के दौरान कौन से काम नहीं हुए?
ग्रामीणों के मुताबिक नालियों की नियमित सफाई नहीं हुई, एंटी लार्वा दवा का पर्याप्त छिड़काव नहीं हुआ और फॉगिंग भी नहीं कराई गई।
ग्रामीणों ने सफाई अभियान पर क्या आरोप लगाया है?
ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई के नाम पर गतिविधियां फोटो खींचने और कुछ सेकंड के वीडियो बनाने तक सीमित रहीं।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से क्या मांग की है?
स्थानीय लोगों ने पंचायत की सफाई व्यवस्था की जांच, नालियों की सफाई, एंटी लार्वा दवा के छिड़काव और फॉगिंग की मांग की है।
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