ग्रामीणों की शिकायत: बागचीनी उपतहसील कार्यालय वर्षों से बंद, राजस्व काम प्रभावित
बागचीनी उपतहसील कार्यालय के वर्षों से बंद पड़े होने की शिकायत के चलते ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कामों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सरकारी दफ्तर पर ताला है और जनता बेहाल है।
बागचीनी उपतहसील कार्यालय के वर्षों से बंद पड़े होने की शिकायत के चलते ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कामों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सरकारी दफ्तर पर ताला है और जनता बेहाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आमजन को राजस्व संबंधी सुविधाएं देने के लिए बनाया गया यह कार्यालय खुद बदहाली की कहानी बयां कर रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बागचीनी उपतहसील में राजस्व निरीक्षक यानी RI की नियमित उपलब्धता नहीं है। तहसीलदार के बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा टप्पा तहसील से जुड़े पटवारियों के कार्यालय नहीं पहुंचने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इन हालातों में ग्रामीणों के राजस्व संबंधी काम प्रभावित हो रहे हैं।
बागचीनी उपतहसील कार्यालय स्थानीय लोगों के लिए इसलिए जरूरी है, क्योंकि यहीं से उन्हें राजस्व से जुड़े कई कामों के लिए सुविधा मिलनी चाहिए। लेकिन कार्यालय पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा होने की शिकायत है। ऐसे में अपने क्षेत्र में काम कराने की उम्मीद लेकर उपतहसील पहुंचने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ता है।
ग्रामीणों को भूमि संबंधी प्रकरणों, राजस्व अभिलेखों और अन्य जरूरी शासकीय कार्यों के लिए दूसरे कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर जिन कामों के लिए उन्हें सुविधा मिलनी चाहिए, उन्हीं कामों के लिए अतिरिक्त भागदौड़ करनी पड़ रही है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।
बागचीनी क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब उपतहसील कार्यालय स्थापित किया गया है, तो उसका नियमित संचालन भी होना चाहिए। उनका कहना है कि कार्यालय स्थापित करने का उद्देश्य तभी पूरा हो सकता है, जब वहां जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध रहें और लोगों के काम किए जाएं।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों से कार्यालय बंद रहने और अधिकारियों-कर्मचारियों की अनुपलब्धता के कारण उपतहसील का कामकाज प्रभावित हो रहा है। स्थानीय स्तर पर राजस्व संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं मिलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे अपनी शिकायतें और राजस्व संबंधी आवेदन लेकर जाएं तो कहां जाएं। जिस कार्यालय से उन्हें राहत मिलनी चाहिए, वहां नियमित कामकाज नहीं होने की स्थिति में उन्हें दूसरे कार्यालयों तक जाना पड़ रहा है।
उपतहसील कार्यालय के लंबे समय से बंद रहने की शिकायत ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि कार्यालय का संचालन नियमित नहीं हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अधिकारियों की उपस्थिति और कार्यालय के कामकाज की नियमित समीक्षा की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इन सवालों का जवाब मिलना जरूरी है, क्योंकि कार्यालय की अनुपलब्धता का सीधा असर राजस्व संबंधी कामों के लिए आने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बागचीनी उपतहसील कार्यालय का नियमित संचालन कराने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार और टप्पा तहसील से जुड़े पटवारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए दूसरे कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अब देखना यह है कि प्रशासन इस शिकायत पर कब संज्ञान लेता है और बागचीनी के ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में राजस्व संबंधी सुविधाएं कब मिल पाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बागचीनी उपतहसील कार्यालय कितने समय से बंद है?
ग्रामीणों के मुताबिक, बागचीनी उपतहसील कार्यालय पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा है।
कार्यालय बंद होने से ग्रामीणों को किन कामों में परेशानी हो रही है?
ग्रामीणों को भूमि संबंधी मामलों, राजस्व रिकॉर्ड और दूसरे जरूरी सरकारी कामों के लिए दूसरे कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
बागचीनी उपतहसील में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता नहीं है?
वहां राजस्व निरीक्षक यानी RI की नियमित उपलब्धता नहीं है और तहसीलदार के बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। टप्पा तहसील से जुड़े पटवारियों के कार्यालय नहीं पहुंचने की शिकायत भी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने बागचीनी उपतहसील कार्यालय का नियमित संचालन कराने और RI, तहसीलदार व पटवारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
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