वाराणसी जोन में 10 दिवसीय मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 संपन्न
11 से 20 अक्टूबर 2026 तक चले अभियान में जागरूकता, महिला सम्मान, परामर्श और सुरक्षा संबंधी गतिविधियां हुईं; जोन पुलिस ने उपलब्धियों का ब्योरा दिया।
वाराणसी। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, सशक्तिकरण और स्वावलंबन को केंद्र में रखकर वाराणसी जोन में चलाया गया 10 दिवसीय मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0, 20 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ। अभियान 11 अक्टूबर को शुरू हुआ था। जोन पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन तथा उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोरा के निर्देशन में विभिन्न जिलों में दिनवार कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यालय अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन की ओर से जारी मिशन शक्ति फेज-6.0 का पोस्टर; अभियान अवधि 11 से 20 अक्टूबर 2026।
प्रथम दिवस पर जागरूकता रैलियों और पैदल मार्च के जरिए महिलाओं व बालिकाओं को उनके अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस के ब्योरे के अनुसार, 97 रैलियों में 3,512 प्रतिभागी शामिल हुए। इस दौरान 853 लघु फिल्मों, 932 पोस्टर-बैनरों और 4,670 प्रचार सामग्रियों का उपयोग किया गया। प्रेरक संगीत और जागरूकता संदेशों के माध्यम से भी अभियान की जानकारी दी गई।
द्वितीय दिवस महिला सुरक्षा और सम्मान के नाम रहा। जोन पुलिस के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली 907 महिलाओं और बालिकाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी तथा उनके कार्यों की पहचान पर जोर दिया गया।
तृतीय दिवस यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए समर्पित रहा। महिला पुलिसकर्मियों, एनसीसी और अन्य प्रतिभागियों की सहभागिता वाले कार्यक्रमों में कुल 1,769 लोग शामिल हुए। पुलिस के अनुसार, 3,540 जागरूकता सामग्रियां वितरित की गईं और बालिकाओं को सुरक्षित आवागमन तथा यातायात नियमों की जानकारी दी गई।
चतुर्थ दिवस आश्रय और संरक्षण गृहों में रह रही महिलाओं व बालिकाओं तक सहायता पहुंचाई गई। पुलिस के ब्योरे में 18 आश्रय अथवा संरक्षण गृहों की 642 महिलाओं और बालिकाओं को त्योहार से जुड़ी सामग्री तथा खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है।
पंचम दिवस करियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किए गए। जोन पुलिस के अनुसार, 75 स्कूलों और कॉलेजों में 14,060 बालिकाओं को करियर के विकल्पों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। कार्यशालाओं में साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी से बचाव भी समझाया गया। संबंधित वीडियो और लिंक के माध्यम से जानकारी साझा की गई।
षष्ठम दिवस परिवार परामर्श और परिवार सम्मान कार्यक्रम हुए। पुलिस ने परामर्श के जरिए 1,053 पारिवारिक मामलों के समाधान तथा 1,827 पारिवारिक सदस्यों को सम्मानित किए जाने की जानकारी दी। कार्यक्रमों में संवाद और आपसी समझौते के महत्व पर चर्चा की गई। यह आंकड़ा पुलिस की ओर से बताए गए निस्तारण का है; इससे किसी न्यायिक फैसले का निष्कर्ष नहीं निकलता।
सप्तम दिवस पिंक सैटरडे और मिशन शक्ति तहसील दिवस के अंतर्गत सुनवाई की गई। जोन पुलिस के मुताबिक, 47 कार्यक्रमों में महिलाओं की 168 शिकायतों का निस्तारण किया गया। महिलाओं की समस्याएं सुनने और संबंधित स्तर पर समाधान कराने को इन आयोजनों का केंद्र बनाया गया।
अष्टम दिवस बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम हुए। नुक्कड़ नाटकों और ‘बढ़ते बच्चों’ शीर्षक से बताई गई लघु फिल्म के जरिए बाल विवाह की समस्या पर संदेश दिया गया। पुलिस के अनुसार, इन गतिविधियों से 7,157 बच्चों और बालिकाओं को जागरूक किया गया।
नवम दिवस महानवमी पर एसिड अटैक सर्वाइवर महिलाओं को हैंडहोल्डिंग कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। पुलिस की जानकारी के अनुसार, उनकी सहायता और सहयोग से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई, लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई और सामने आई समस्याओं के समाधान की कार्रवाई की गई। सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता भी रही। प्रभावित महिलाओं की पहचान सार्वजनिक किए बिना सहायता संबंधी गतिविधियों का ब्योरा दिया गया।
दशम दिवस प्रत्येक जिले में एक मॉडल मिशन शक्ति केंद्र के माध्यम से कार्यक्रम किया गया। जोन पुलिस के अनुसार, 959 महिलाओं को सुरक्षा, सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्हें मिशन शक्ति केंद्रों के संचालन तथा उपलब्ध सहायता के बारे में भी बताया गया।
पूरे अभियान के समेकित ब्योरे में जोन पुलिस ने 5,598 महिला चौपालों के आयोजन और 87,641 महिलाओं को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने का दावा किया है। महिला बीट, हेल्पलाइन और चौपालों के जरिए महिलाओं तक पहुंचने की गतिविधियां भी अभियान का हिस्सा रहीं। ये पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़े हैं; इन्हें अलग-अलग कार्यक्रमों के प्रतिभागियों को जोड़कर निकाला गया विशिष्ट लाभार्थियों का कुल नहीं माना जाना चाहिए।
सुरक्षा और प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई में पुलिस ने कथित छेड़छाड़ के मामलों में 44 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। वाहन जांच के दौरान 4,211 वाहनों के चालान और 257 वाहनों को सीज किए जाने का ब्योरा दिया गया। अभियान के तहत 37,142 मानव-घंटों की फुट पेट्रोलिंग बताई गई है। निजी टैक्सियों और अन्य वाहनों की जांच तथा सत्यापन की गतिविधियां भी की गईं।
जोन पुलिस ने अभियान से संबंधित पारिवारिक न्यायालय के समन की शत-प्रतिशत तामील का भी दावा किया। समापन पर पुलिस की ओर से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए आगे भी काम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई गई तथा अभियान को सफल बताया गया। प्रस्तुत गतिविधियों और उपलब्धियों का आधार जोन पुलिस की ओर से उपलब्ध विवरण है; संलग्न आधिकारिक पोस्टर अभियान की अवधि और दिनवार गतिविधियां दिखाता है, संख्यात्मक उपलब्धियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 कब शुरू होकर कब संपन्न हुआ?
यह अभियान 11 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ और 20 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ।
अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?
अभियान का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, सशक्तिकरण और स्वावलंबन पर जोर देना था।
जागरूकता रैलियों में कितने लोग शामिल हुए?
97 जागरूकता रैलियों में कुल 3,512 लोग शामिल हुए।
करियर गाइडेंस कार्यक्रमों में कितनी बालिकाओं को जानकारी दी गई?
75 स्कूलों और कॉलेजों में 14,060 बालिकाओं को करियर विकल्पों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जानकारी दी गई।
पिंक सैटरडे और मिशन शक्ति तहसील दिवस में कितनी शिकायतों का निस्तारण हुआ?
47 कार्यक्रमों में महिलाओं की 168 शिकायतों का निस्तारण किया गया।
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