यूपी में ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 से बढ़कर 3500 रुपये हुआ
हाथरस में ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर उनके मानदेय में हुई बढ़ोतरी के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।
हाथरस में ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर उनके मानदेय में हुई बढ़ोतरी के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। अब ग्राम प्रहरियों का मानदेय ₹2500 से बढ़कर ₹3500 प्रतिमाह हो गया है। कार्यक्रम में उन्हें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की भी जानकारी दी गई।
हाथरस के पुलिस लाइन स्थित सभागार में मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक एवं महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की सभापति अंजुला सिंह माहौर ने की। कार्यक्रम में सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, सादाबाद विधायक प्रदीप कुमार, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के करीब 70 हजार ग्राम प्रहरियों यानी चौकीदारों के मानदेय को 2500 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण हाथरस पुलिस लाइन के सभागार में किया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्राम प्रहरियों ने इस प्रसारण को देखा और सुना। इसके बाद हाथरस में ग्राम प्रहरियों के सम्मान का कार्यक्रम हुआ और मानदेय में वृद्धि से जुड़ी जानकारी उनके सामने रखी गई।
सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर ने कहा कि देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ग्राम चौकीदारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी अपने-अपने गांवों में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े काम में योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं को देश का चौकीदार बताते हैं। ऐसे में सभी लोगों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहना चाहिए।
अंजुला सिंह माहौर ने ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने और उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए गांवों का विकास जरूरी है। गांवों की तरक्की से जिला, प्रदेश और देश भी प्रगति करेगा।
उन्होंने ग्राम प्रहरियों को स्वस्थ रहने की शुभकामनाएं दीं और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रहरियों की भूमिका को समझना और उनके काम को सम्मान देना जरूरी है।
सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव के प्रत्येक परिवार और व्यक्ति से परिचित होते हैं। गांव में होने वाली गतिविधियों, संभावित विवादों और अराजक तत्वों के संबंध में उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी रहती है। गांव के लोगों और स्थानीय परिस्थितियों से जुड़े होने के कारण ग्राम प्रहरी पुलिस और प्रशासन तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वीरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि ग्राम प्रहरियों को निर्भीक होकर निष्पक्ष और सही सूचनाएं संबंधित थाना प्रभारी तक पहुंचानी चाहिए। इससे अपराधों पर अंकुश लगाने और ग्रामीणों को न्याय दिलाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि सही जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचना गांवों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सहयोग देने के लिए प्रयासरत है। उनके मुताबिक ग्राम प्रहरियों को मानदेय में बढ़ोतरी और कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से उन्हें सहयोग मिलेगा।
सादाबाद विधायक प्रदीप कुमार ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव की सुरक्षा और सूचना तंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे गांव में होने वाली गतिविधियों, संभावित विवादों और अफवाहों की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाते हैं। इस वजह से गांवों से जुड़ी सूचनाएं पुलिस और प्रशासन तक पहुंचाने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अहम रहती है।
प्रदीप कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों का मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब इसे बढ़ाकर 3500 रुपये किया गया है। उन्होंने ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को लेकर कहा कि वे पुलिस और प्रशासन की आंख, नाक और कान हैं। उन्होंने कहा कि गांव की परिस्थितियों, स्थानीय समस्याओं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराने में ग्राम प्रहरियों की अहम भूमिका होती है।
डीएम ने कहा कि ग्राम प्रहरियों से मिलने वाली जानकारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ही मददगार नहीं होती, बल्कि विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में भी सहायक होती है। गांवों की स्थानीय स्थिति और समस्याओं की जानकारी होने के कारण ग्राम प्रहरी प्रशासन को जरूरी सूचनाएं उपलब्ध करा सकते हैं।
सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि इंडियन पुलिस एक्ट, 1861 के अंतर्गत चौकीदार व्यवस्था को संस्थागत स्वरूप मिला था। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रहरियों को सम्मानजनक पहचान देने के उद्देश्य से उनके पदनाम में परिवर्तन किया गया है। डीएम ने भरोसा दिलाया कि ग्राम प्रहरियों को उचित सम्मान देने और उनकी भूमिका को प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे ग्राम प्रहरियों के साथ कम से कम सप्ताह में एक बार संवाद जरूर करें। उन्होंने कहा कि थानाध्यक्षों और ग्राम प्रहरियों के बीच नियमित बातचीत से गांवों की परिस्थितियों और स्थानीय समस्याओं की जानकारी बेहतर तरीके से मिल सकेगी।
डीएम ने यह भी कहा कि थानाध्यक्षों के अधीनस्थ उपनिरीक्षकों और बीट पुलिसकर्मियों को ग्राम प्रहरियों के संपर्क में रहना चाहिए। थाना स्तर पर ग्राम प्रहरियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उनकी समस्याएं सुनी जाएं और उनके सुझावों व सूचनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।
सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि थाना दिवस और तहसील दिवस के अलावा पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी ग्राम प्रहरियों के साथ छोटे-छोटे समूहों में बैठक कर संवाद करेंगे। इस व्यवस्था में पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी भी भूमिका निभाएंगे।
डीएम ने कहा कि आगामी चुनावों के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था बनाए रखने, स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी जुटाने और समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने में ग्राम प्रहरियों का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सही और जरूरी सूचनाएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की अपेक्षा की।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह, अपना दल के जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत और मुरसान ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय ने भी ग्राम प्रहरियों के मानदेय में हुई बढ़ोतरी का उल्लेख किया। उन्होंने मानदेय में 40 प्रतिशत वृद्धि और पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की पहल के लिए मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस को जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि ग्राम प्रहरियों के साथ नियमित संवाद और सम्मानजनक व्यवहार से उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला कल्याण विभाग की मोनिका गौतम को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा, क्षेत्राधिकारी पुलिस, अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्राम प्रहरी मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रहरियों का मानदेय कितना बढ़ाया गया है?
ग्राम प्रहरियों का मानदेय ₹2500 से बढ़ाकर ₹3500 प्रतिमाह कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में कितने ग्राम प्रहरियों को इस बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा?
प्रदेश के करीब 70 हजार ग्राम प्रहरियों यानी चौकीदारों को इसका फायदा मिलेगा।
ग्राम प्रहरियों को कौन-सी चिकित्सा सुविधा देने की पहल की गई है?
ग्राम प्रहरियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की पहल की गई है।
ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह का आयोजन कहां हुआ?
ग्राम प्रहरियों का सम्मान समारोह हाथरस पुलिस लाइन स्थित सभागार में हुआ।
मानदेय बढ़ाने की घोषणा किसने की?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानदेय बढ़ाने की घोषणा की।
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