पीएम आवास के इंतजार में दर-दर भटक रहा गरीब मजदूर का परिवार
बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर को मजबूर
केंद्र और प्रदेश सरकार हर गरीब को छत देने का दावा कर रही है, लेकिन चंदौसी ब्लॉक के बनियाखेड़ा क्षेत्र के ग्राम मानकपुर नरौली में एक गरीब परिवार पिछले कई सालों से पक्के आवास के लिए दर-दर भटक रहा है। परिवार का कहना है कि उसे अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान नहीं मिल सका है।
गरीब मजदूर छोटे लाल पुत्र केसरी, निवासी मानकपुर नरौली, अपने 3 छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहने को मजबूर हैं। छोटे लाल ने बताया कि उनके पास न तो खुद की जमीन है और न ही पक्का मकान। वह मजदूरी करके अपने बच्चों का पेट पालते हैं।
बरसात हो या कड़ाके की सर्दी, पूरा परिवार कच्ची झोपड़ी में जीवन गुजार रहा है। परिवार के सामने पक्की छत की कमी बड़ी परेशानी बनी हुई है। बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर करने की स्थिति में परिवार को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
छोटे लाल का आरोप है कि उन्होंने आवास के लिए ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक स्तर तक कई बार शिकायत की। उनके मुताबिक, कई बार सर्वे के नाम पर टीम भी गांव में आई। टीम ने नाम नोट किए और फोटो खींचकर चली गई, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
छोटे लाल ने बताया, "साहब कई साल हो गए, हर बार कहते हैं तुम्हारा हो जाएगा। लेखपाल आते हैं, प्रधान जी से कहते हैं, फोटो खींचकर ले जाते हैं फिर कोई सुनता ही नहीं। मेरे 3 बच्चे हैं, मजदूरी करता हूं, जमीन भी नहीं है कि कहीं झोपड़ी डाल लूं। सरकार कहती है सबको आवास मिलेगा, पर हमको आज तक नहीं मिला।"
छोटे लाल के अनुसार, हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता है। उनका कहना है कि आवास मिलने की उम्मीद में वह लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
गांव वालों का भी कहना है कि छोटे लाल सबसे ज्यादा जरूरतमंद पात्रों में से एक हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, इसके बावजूद उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी संभल और खंड विकास अधिकारी बनियाखेड़ा से गुहार लगाई है। परिवार ने मांग की है कि उनकी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जल्द से जल्द आवास दिलाया जाए।
यह रिपोर्ट रजत मल्होत्रा की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
छोटे लाल को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान क्यों नहीं मिला?
छोटे लाल का आरोप है कि कई बार सर्वे, नाम दर्ज करने और फोटो खींचने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
छोटे लाल अपने परिवार के साथ कहां रह रहे हैं?
छोटे लाल अपने तीन बच्चों के साथ मानकपुर नरौली गांव की कच्ची झोपड़ी में रह रहे हैं।
छोटे लाल की आर्थिक स्थिति कैसी है?
छोटे लाल मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके पास अपनी जमीन और पक्का मकान नहीं है।
परिवार ने किन अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है?
परिवार ने जिलाधिकारी संभल और खंड विकास अधिकारी बनियाखेड़ा से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जल्द मकान दिलाने की मांग की है।
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