हाथरस में सांडों की लड़ाई से नबीपुर सड़क पर आधे घंटे जाम
हाथरस में आवारा सांडों का आतंक लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। शुक्रवार को शहर के नबीपुर क्षेत्र में दो सांड आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच काफी देर तक लड़ाई होती रही।
हाथरस में आवारा सांडों का आतंक लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। शुक्रवार को शहर के नबीपुर क्षेत्र में दो सांड आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच काफी देर तक लड़ाई होती रही। इसके चलते सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सांडों की लड़ाई के कारण नबीपुर की सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सड़क से गुजरने वाले लोगों को आगे बढ़ने के लिए इंतजार करना पड़ा। करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान राहगीर परेशान होते रहे और वाहन चालकों को भी रास्ता साफ होने का इंतजार करना पड़ा।
नबीपुर में सांडों की लड़ाई का यह नजारा काफी देर तक बना रहा। सड़क पर दोनों सांड आपस में भिड़ते रहे, जिससे वहां से गुजरना मुश्किल हो गया। यातायात रुकने के कारण लोगों को सड़क पर ही ठहरना पड़ा। इस पूरे मामले ने शहर में खुलेआम घूम रहे आवारा सांडों की समस्या को फिर सामने ला दिया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक समय हाथरस के बाजारों में गुड़ की भेली रखकर सांडों को लड़वाया जाता था। लोगों का कहना है कि अब स्थिति बदल गई है। अब सांडों को किसी के उकसाने की जरूरत नहीं पड़ रही है और वे बिना किसी के उकसाए ही सड़कों पर आपस में भिड़ जा रहे हैं। नबीपुर में भी लोगों को ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। जिस जगह पर दोनों सांड लड़ रहे थे, उसके कुछ ही दूरी पर एक स्कूल स्थित है। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सांडों की लड़ाई के दौरान अगर कोई बच्चा या राहगीर उनकी चपेट में आ जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
शहर में आवारा गोवंश की समस्या के बीच सरकार की ओर से गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए गौशालाएं बनवाई गई हैं। इसके बावजूद सांड सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं। गौशालाएं होने के बाद भी सड़कों पर आवारा सांडों का घूमना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सांडों के कारण आए दिन यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि आवारा गोवंश को सड़कों से हटाकर उनके लिए उचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि इससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को राहत मिल सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस के नबीपुर में क्या हुआ?
नबीपुर में दो आवारा सांड आपस में भिड़ गए, जिससे सड़क पर यातायात रुक गया।
सांडों की लड़ाई से यातायात कितनी देर बाधित रहा?
सांडों की लड़ाई के कारण करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।
सांडों की लड़ाई से किसे परेशानी हुई?
राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क साफ होने का इंतजार करना पड़ा और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
स्कूली बच्चों को लेकर चिंता क्यों जताई गई?
जिस जगह सांड लड़ रहे थे, उसके कुछ ही दूरी पर एक स्कूल है, इसलिए बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से क्या मांग की?
लोगों ने आवारा गोवंश को सड़कों से हटाकर उनके लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की।
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