तेलंगाना की ईगल फोर्स ने ओडिशा में 500 किलो गांजा पकड़ा
तेलंगाना की ईगल फोर्स ने ओडिशा के जंगलों में ड्रग तस्करों का पीछा कर 500 किलो गांजा पकड़ा तेलंगाना की एंटी-नार्कोटिक्स यूनिट ईगल ने एक बड़ी कार्रवाई में ओडिशा के जंगलों से गुजर रहे एक वाहन से 500
तेलंगाना की एंटी-नार्कोटिक्स यूनिट ईगल ने एक बड़ी कार्रवाई में ओडिशा के जंगलों से गुजर रहे एक वाहन से 500 किलो गांजा जब्त किया। 17 जून की रात को मिली खास जानकारी के आधार पर सब-इंस्पेक्टर के. रवि प्रसाद की अगुवाई में एक पेट्रोलिंग टीम ने बालिमेला के पास एक बोलेरो वाहन का पीछा शुरू किया। यह ऑपरेशन 18 जून की सुबह तक चला।
टीम ने करीब 80 किलोमीटर के पहाड़ी और मुश्किल रास्तों पर वाहन का पीछा किया, जो जेयपुर की तरफ जा रहा था। आखिरकार टीम ने वाहन को जंगल के अंदर घेर लिया। हालांकि, अंधेरे और कम रोशनी का फायदा उठाकर ड्राइवर भागने में कामयाब हो गया। गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस को 115 पैकेट गांजा मिला, जिसका कुल वजन 500 किलो था।
जब्त किए गए गांजे में 90 पैकेट 5 किलो के और 25 पैकेट 2 किलो के थे। जब्त गांजे और वाहन की कुल कीमत करीब 2.3 करोड़ रुपये आंकी गई है। गाड़ी और ड्रग्स को 18 जून की सुबह ओडिशा के कोरापुट पुलिस को सौंप दिया गया। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है।
बोलेरो वाहन ओडिशा के नबरंगपुर जिले के गांधी नगर, नुआसाही के निवासी आमिर अली खान के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया। ईगल के डायरेक्टर संदीप शांडिल्य ने बताया कि उनकी टीम उन इलाकों में सक्रिय रहती है जो तेलंगाना में गांजा सप्लाई करने के लिए बदनाम हैं। ईगल नियमित रूप से तस्करी के रूट्स को तोड़ने के लिए ऑपरेशन करती है।
अधिकारियों ने इस ऑपरेशन के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया, जिसमें घने जंगल और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियां शामिल थीं। ओडिशा पुलिस ने इस सफल ऑपरेशन के लिए ईगल टीम की तारीफ की। यह ऑपरेशन 2024 के एक मामले से मिलता-जुलता है, जब ईगल टीम ने रांची में तस्करों का पीछा कर 500 किलो गांजा जब्त किया था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तेलंगाना की ईगल फोर्स ने कितना गांजा पकड़ा?
ईगल फोर्स ने ओडिशा के जंगलों में एक बोलेरो वाहन से 500 किलो गांजा जब्त किया। इसमें 90 पैकेट 5 किलो के और 25 पैकेट 2 किलो के थे।
यह ऑपरेशन कब हुआ था?
17 जून की रात को मिली खास जानकारी के बाद पुलिस टीम ने पीछा शुरू किया और यह ऑपरेशन 18 जून की सुबह तक चला।
पुलिस को वाहन का पीछा करते हुए कितनी दूरी तय करनी पड़ी?
टीम ने करीब 80 किलोमीटर के पहाड़ी और मुश्किल रास्तों पर वाहन का पीछा किया जो जेयपुर की तरफ जा रहा था।
ड्राइवर पकड़ा गया या भाग गया?
अंधेरे और कम रोशनी का फायदा उठाकर ड्राइवर भागने में कामयाब हो गया, लेकिन गाड़ी और गांजा दोनों जब्त कर लिए गए।
जब्त किए गए गांजे और वाहन की कीमत क्या है?
जब्त गांजे और वाहन की कुल कीमत करीब 2.3 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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